{"_id":"5c2df2b4bdec2256d437654a","slug":"151546515124-gurgaon-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साल 2018 में जेल में मिले 100 से अधिक मोबाइल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
साल 2018 में जेल में मिले 100 से अधिक मोबाइल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
2018 में जेल में मिले 100 से अधिक मोबाइल
गुरुग्राम। भोंडसी जेल मेें मोबाइल बरामद होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 2018 में पुलिस ने भोंडसी से 100 से भी अधिक मोबाइल बरामद किए, लेकिन अब तक किसी भी मामले में जांच पूरी नहीं हो सकी है। जेल प्रशासन ने उक्त मामलों में एफआईआर दर्ज करा दी है। मामलों में पुलिस ने आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ भी की, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने के कारण जेल से मोबाइल बरामद होना आम हो गया है।
2018 में कैदियों में मारपीट होने, बैरक से मादक पदार्थ व मोबाइल बरामद होने के 56 केस दर्ज हुए। इनमें दो मामले कैदियों की आपस में मारपीट के हैं जबकि करीब 50 मामले कैदियों से मोबाइल बरामदगी के हैं। चेकिंग अभियान के दौरान 100 से अधिक मोबाइल बरामद किए गए। मोबाइल बरामदगी में दो मामले ऐसे हैं जिनमें जेल के वार्डन सहित कैंटीन संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है। मामले की जांच जारी होने की बात कहकर पुलिस खानापूर्ति कर रही है।
-----
जेल में मोबाइल मिलने के ज्यादातर मामलों में सामने आया है कि मोबाइल बाउंड्री से अंदर फेंके गए। इसके अलावा सामान में छिपाकर भी भेजे गए। अब जेल बाउंड्री की तरफ 24 घंटे गश्त शुरू की गई है। संदिग्ध को देखते ही तुरंत हिरासत में लेने के आदेश हैं। जेल में कैदियों को भेजे जाने वाले सामान की भी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
-के सेलवराज, जेल महानिदेशक, हरियाणा
विज्ञापन
गुरुग्राम। भोंडसी जेल मेें मोबाइल बरामद होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 2018 में पुलिस ने भोंडसी से 100 से भी अधिक मोबाइल बरामद किए, लेकिन अब तक किसी भी मामले में जांच पूरी नहीं हो सकी है। जेल प्रशासन ने उक्त मामलों में एफआईआर दर्ज करा दी है। मामलों में पुलिस ने आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ भी की, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने के कारण जेल से मोबाइल बरामद होना आम हो गया है।
2018 में कैदियों में मारपीट होने, बैरक से मादक पदार्थ व मोबाइल बरामद होने के 56 केस दर्ज हुए। इनमें दो मामले कैदियों की आपस में मारपीट के हैं जबकि करीब 50 मामले कैदियों से मोबाइल बरामदगी के हैं। चेकिंग अभियान के दौरान 100 से अधिक मोबाइल बरामद किए गए। मोबाइल बरामदगी में दो मामले ऐसे हैं जिनमें जेल के वार्डन सहित कैंटीन संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है। मामले की जांच जारी होने की बात कहकर पुलिस खानापूर्ति कर रही है।
विज्ञापन
-----
जेल में मोबाइल मिलने के ज्यादातर मामलों में सामने आया है कि मोबाइल बाउंड्री से अंदर फेंके गए। इसके अलावा सामान में छिपाकर भी भेजे गए। अब जेल बाउंड्री की तरफ 24 घंटे गश्त शुरू की गई है। संदिग्ध को देखते ही तुरंत हिरासत में लेने के आदेश हैं। जेल में कैदियों को भेजे जाने वाले सामान की भी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
-के सेलवराज, जेल महानिदेशक, हरियाणा