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213 मौतों का जिम्मेदार कौन?: दिल्ली-जयपुर हाईवे के गड्ढे वाहन चालकों के लिए बन रहे काल, लील रहे जिंदगी

Thu, 18 Aug 2022 11:09 PM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Thu, 18 Aug 2022 11:09 PM IST
सार

इस साल जनवरी से जुलाई तक कुल 559 दुर्घटनाएं हुई हैं। इन में 213 लोगों की मौत हो गई। 442 लोग घायल हुए हैं। दो दिन पहले सिधरावली के पास हुई दुर्घटना भी इन्हीं गड्ढों का परिणाम है।

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So far 213 people have died in the accident caused by potholes on the Delhi-Jaipur highway
दिल्ली-जयपुर हाईवे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली-जयपुर हाईवे के गड्ढे वाहन चालकों के लिए काल बन रहे हैं। पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि इस साल अब तक 213 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गवां चुके हें। इसके इतर 442 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 60 फीसदी हादसे गुरुग्राम-जयपुर हाईवे पर हुए हैं। इन दुर्घटनाओं का कारण भले ही वाहन चालकों की लापरवाही माना जाए, लेकिन हकीकत में सड़क पर बने गड्ढे इनका असल कारण हैं। आंकड़ों पर नजर डाले तो गड्ढों की भयावह तस्वीर साफ हो जाएगी।

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धारूहेड़ा से मानेसर तक बुरा हाल
गुरुग्राम से धारूहेड़ा के बीच हाईवे के करीब 20 किलोमीटर में गहरे गड्ढे हो गए हैं। धारूहेड़ा से निकलते ही गड्ढे शुरू होते हैं, पचगांव के पार मानेसर तक बुरा हाल है। सर्विस रोड में तो घुटनों तक गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों के कारण वाहन चालकों को न केवल जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है बल्कि आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। जाम का असल कारण भी हाईवे की मेन सड़क में बने गड्ढे ही हैं।
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शिलान्यास के छह महीने बाद भी नहीं ली जा रही सुध
अपने काम के दम पर पहचाने जाने वाले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एनएचएआई के अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। 9 मार्च को नितिन गडकरी ने पचगांव में दिल्ली-जयपुर हाईवे के नवीनीकरण का शिलान्यास किया था, लेकिन आज तक इस दिशा में एनएचएआई ने कुछ नहीं किया। एनएचएआई के अधिकारियों की लापरवाही लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है।
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इस साल जनवरी से जुलाई तक कुल 559 दुर्घटनाएं हुई हैं। इन में 213 लोगों की मौत हो गई। 442 लोग घायल हुए हैं। दो दिन पहले सिधरावली के पास हुई दुर्घटना भी इन्हीं गड्ढों का परिणाम है। बताया जाता है कि मक्का के दानों से भरा ट्रक गड्ढों के कारण अपना नियंत्रण खो बैठा और हाईवे के इस पार जा रही इनोवा पर पलट गया। इसमें सवार आईआईटी पासआउट दो इंजीनियर, एक चालक और एक अन्य की मौत हो गई।

हाईवे के गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। मसानी बैराज से लेकर मानेसर तक गड्ढों में सफर करना पड़ता है। ओवरलोड वाहन इन गड्ढों के कारण अनियंत्रित होकर आए दिन पलट रहे हैं। एनएचएआई के अधिकारी जयपुर में आंखे मूंदे बैठे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी प्रतिदिन हजारों लोगों की परेशानी दिखाई नहीं दे रही। - बिजेंद्र सिंह भाटोटिया, दैनिक यात्री


घायलों और मृतकों को एंबुलेंस से लेकर आते हैं तो एंबुलेंस की रफ्तार भी धीमी रखनी पड़ती है। हाईवे में इतने गड्ढे हैं, कतई भरोसा नहीं कि कब एंबुलेंस पलट जाए। जाहिर तौर पर गड्ढों के कारण ही दुर्घटनाएं हो रही है। - विपिन, एंबुलेंस संचालक
 

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