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Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Counting of leopards will be done in Aravalli three to 33 leopards in 17 years waiting for green signal wildlife department

गुरुग्राम: अरावली में होगी तेंदुओं की गणना, 17 साल में तीन से 33 हुए तेंदुए, वन्य जीव विभाग से हरी झंडी का इंतजार

Sat, 05 Feb 2022 09:10 AM IST
सुशील कुमार आशीष निगम, अमर उजाला, गुरुग्राम
आशीष निगम, अमर उजाला, गुरुग्राम Published by: सुशील कुमार Updated Sat, 05 Feb 2022 09:10 AM IST
सार

नेशनल बॉयोडॉयवर्सिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने जनवरी में अरावली पहाड़ियों के 392 एकड़ के जंगल को बॉयोडायवर्सिटी पार्क घोषित किया है। इस इलाके को ओईसीएम (अदर इफैक्टिव एरिया बेस्ड कंजर्वेशन मेजर यानी अन्य प्रभावी क्षेत्र आधारित संरक्षण उपाय) का टैग मिला है।

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Counting of leopards will be done in Aravalli three to 33 leopards in 17 years waiting for green signal wildlife department
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गुरुग्राम के अरावली की पहाड़ियों में तेंदुओं की संख्या लगभग 50 से 60 होने का अनुमान लगाया जा रहा है। आठ फरवरी से इनकी गणना शुरू करने की तैयारी हो रही है। इसके लिए चंडीगढ़ स्थित वन्य जीव विभाग से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया देहरादून की मदद से होने वाली इस गणना का अनुमानित खर्च 40 से 50 लाख रुपये तक होगा। 

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नियमानुसार ये गणना हर चार वर्ष बाद होनी चाहिए, लेकिन वर्ष 2021 में कोविड संक्रमण के कारण इसको स्थगित कर दिया गया था। इससे पहले वर्ष 2017 में हुई गणना में यहां पर 33 तेंदुए पाए गए थे। वर्ष 2012 में इनकी संख्या आठ और वर्ष 2000 में मात्र तीन तक सिमट चुकी थी। वर्ष 2000 से इनकी गणना होना शुरू हुई थी। इन बेशकीमती जानवरों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए गुरुग्राम-फरीदाबाद से लगती अरावली की पहाड़ियों में लगभग एक दर्जन स्थानों पर कैमरे भी लग चुके हैं। हाल ही में यहां एक तेंदुआ सड़क दुर्घटना में घायल हुआ था, जिसका उपचार चल रहा है।
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मंडलीय वन्य जीव अधिकारी राजेंद्र प्रसाद दांगी ने बताया कि आठ फरवरी से तेंदुओं की गणना कराने की तैयारी हो रही है। चंडीगढ़ मुख्यालय से अनुमति मिलते ही ये काम शुरू कर दिया जाएगा। ये गणना वर्ष 2021 में होनी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण काल के कारण ये काम नहीं हो पाया था। अब इसको जल्द ही पूरा किया जाएगा। उम्मीद है कि अब इनकी संख्या लगभग 50 या इससे ज्यादा हो सकती है।
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जनवरी में बॉयोडायवर्सिटी पार्क घोषित हुआ
नेशनल बॉयोडॉयवर्सिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने जनवरी में अरावली पहाड़ियों के 392 एकड़ के जंगल को बॉयोडायवर्सिटी पार्क घोषित किया है। इस इलाके को ओईसीएम (अदर इफैक्टिव एरिया बेस्ड कंजर्वेशन मेजर यानी अन्य प्रभावी क्षेत्र आधारित संरक्षण उपाय) का टैग मिला है। इससे अब ये क्षेत्र अन्य वन्य क्षेत्रों की तरह संरक्षित होगा। यहां 400 प्रजातियों के पेड़ और कई जंगली जानवर मौजूद हैं। इन पेड़ों में खैर, रौंज, फुलई, बबूल, कुमथा, हलदू, बेल, परलू, अकोल आदि शामिल हैं। जानवरों में गोल्डन सियार, जंगली बिल्ली, नेवला, भारतीय सिवेट, नीलगाय, धारीदार गिलहरी, लोमड़ी और भारतीय झाड़ी चूहे हैं। पक्षियों में गौरैया, यूरेशियन व्रेनेक आदि यहां पर रह रहे हैं।

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