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अरावली में अवैध फार्म हाउस तोड़ने पर तकरार
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गुरुग्राम। अरावली में बने अवैध फार्म हाउस के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जिम्मेदार एजेंसियां और उच्चाधिकारी आमने-सामने हो गए हैं। एक तरफ जहां जिम्मेदार एजेंसी समय पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नहीं मिलने का आरोप लगा रही हैं तो जिले के आला अफसर इस बयान को बेबुनियाद बता रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब भी किसी अभियान या विशेष कार्य के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग किसी भी विभाग की ओर से की जाती है तो तत्काल नियुक्ति की जाती है। दरअसल, जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय है वह अपनी कोताही या लापरवाही छिपाने के लिए ऐसे झूठे बहाने बनाकर कार्यवाही को टालना चाहते हैं।
चार दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने अरावली में छोटे-बड़े सभी अवैध निर्माण को धवस्त करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर पूरी अरावली के लिए है। गुरुग्राम की अरावली अवैध निर्माण की सबसे अधिक शिकार हो रही है। आंकड़ों के अनुसार, यहां करीब पांच हजार अवैध निर्माण हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, 600 से अधिक अवैध निर्माण के खिलाफ तो कोर्ट केस ही लंबित हैं। 46 मामले सोहना नगर परिषद के लंबित हैं। इस लिहाज से करीब 1000 अवैध निर्माण के मामले कोर्ट में लंबित हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछले दिनों 424 अवैध फार्म हाउस की सूची प्रशासन को सौंपी है। यहीं सूची सोहना नगर परिषद को भी दी गई है। सोहना नगर परिषद 330 को नोटिस दे चुका है। एक हजार के करीब नोटिस गुरुग्राम प्रशासन भी दे चुका है। तोड़फोड़ की कार्रवाई भी सोहना और गुरुग्राम में लगातार होती है। बावजूद इसके, अवैध निर्माण करने वालों में कोई खौफ नजर नहीं आता। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अरावली में बड़ी तोड़फोड़ की कार्रवाई की उम्मीद जगी थी, लेेकिन जिम्मेदार फिलहाल ड्यूटी मजिस्ट्रेट नहीं मिलने का बहाना बना कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
मजिस्ट्रेट मिले तो कराएं अवैध कब्जों को ध्वस्त : एमई नगर परिषद
नगर परिषद सोहना के इंजीनियर सुशील ठाकरान का कहना है कि हमने 23 जुलाई को तोड़फोड़ की कार्रवाई का खाका तैयार किया था। उसी के आधार पर मजिस्ट्रेट की मांग की थी, लेकिन मजिस्ट्रेट नहीं मिल पाया, जिसके कारण अभियान टालना पड़ा। जैसे ही मजिस्ट्रेट मिलेंगे तभी अभियान चलाया जा सकेगा।
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झूठ बोलते हैं अधिकारी : डीसी
इस बाबत उपायुक्त डॉ. यश गर्ग से पूछा तो उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी झूठ बोलते हैं। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कभी दिक्कत नहीं होती। उन्होंने तत्काल नगराधीश सिद्धार्थ दहिया को समय पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने के लिए निर्देशित भी किया। उन्होंने कहा कि मेरे संज्ञान में अभी तक ऐसा कोई मामला नहीं आया, जिसमें ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कमी के कारण कोई कार्रवाई गतिविधि रुकी हो। उन्होंने अरावली में अवैध फार्म हाउस के खिलाफ पहले से कार्रवाई की जा रही है। अब यह कार्रवाई और तेज की जाएगी। अवैध रूप से किए गए किसी भी निर्माण को नहीं रहने दिया जाएगा। चाहे कितने ही रसूखदार या बड़े आदमी ने यहां निर्माण किया हो।
तत्काल देते हैं ड्यूटी मजिस्ट्रेट : नगराधीश
नगराधीश सिद्धार्थ दहिया ने कहा कि ड्यूूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति में कतई देरी नहीं की जाती। जो भी विभाग जिस भी कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मांग करता है, उसे तत्काल मुहैया कराया जाता है। उन्होंने कहा कि सोहना नगर परिषद की ओर से अभी हाल फिलहाल ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मांग नहीं की गई। अगर कहीं कोई दिक्कत होती भी है तो उन्हें सीधा संपर्क करना चाहिए।
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चार दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने अरावली में छोटे-बड़े सभी अवैध निर्माण को धवस्त करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर पूरी अरावली के लिए है। गुरुग्राम की अरावली अवैध निर्माण की सबसे अधिक शिकार हो रही है। आंकड़ों के अनुसार, यहां करीब पांच हजार अवैध निर्माण हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, 600 से अधिक अवैध निर्माण के खिलाफ तो कोर्ट केस ही लंबित हैं। 46 मामले सोहना नगर परिषद के लंबित हैं। इस लिहाज से करीब 1000 अवैध निर्माण के मामले कोर्ट में लंबित हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछले दिनों 424 अवैध फार्म हाउस की सूची प्रशासन को सौंपी है। यहीं सूची सोहना नगर परिषद को भी दी गई है। सोहना नगर परिषद 330 को नोटिस दे चुका है। एक हजार के करीब नोटिस गुरुग्राम प्रशासन भी दे चुका है। तोड़फोड़ की कार्रवाई भी सोहना और गुरुग्राम में लगातार होती है। बावजूद इसके, अवैध निर्माण करने वालों में कोई खौफ नजर नहीं आता। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अरावली में बड़ी तोड़फोड़ की कार्रवाई की उम्मीद जगी थी, लेेकिन जिम्मेदार फिलहाल ड्यूटी मजिस्ट्रेट नहीं मिलने का बहाना बना कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
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मजिस्ट्रेट मिले तो कराएं अवैध कब्जों को ध्वस्त : एमई नगर परिषद
नगर परिषद सोहना के इंजीनियर सुशील ठाकरान का कहना है कि हमने 23 जुलाई को तोड़फोड़ की कार्रवाई का खाका तैयार किया था। उसी के आधार पर मजिस्ट्रेट की मांग की थी, लेकिन मजिस्ट्रेट नहीं मिल पाया, जिसके कारण अभियान टालना पड़ा। जैसे ही मजिस्ट्रेट मिलेंगे तभी अभियान चलाया जा सकेगा।
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झूठ बोलते हैं अधिकारी : डीसी
इस बाबत उपायुक्त डॉ. यश गर्ग से पूछा तो उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी झूठ बोलते हैं। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कभी दिक्कत नहीं होती। उन्होंने तत्काल नगराधीश सिद्धार्थ दहिया को समय पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने के लिए निर्देशित भी किया। उन्होंने कहा कि मेरे संज्ञान में अभी तक ऐसा कोई मामला नहीं आया, जिसमें ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कमी के कारण कोई कार्रवाई गतिविधि रुकी हो। उन्होंने अरावली में अवैध फार्म हाउस के खिलाफ पहले से कार्रवाई की जा रही है। अब यह कार्रवाई और तेज की जाएगी। अवैध रूप से किए गए किसी भी निर्माण को नहीं रहने दिया जाएगा। चाहे कितने ही रसूखदार या बड़े आदमी ने यहां निर्माण किया हो।
तत्काल देते हैं ड्यूटी मजिस्ट्रेट : नगराधीश
नगराधीश सिद्धार्थ दहिया ने कहा कि ड्यूूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति में कतई देरी नहीं की जाती। जो भी विभाग जिस भी कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मांग करता है, उसे तत्काल मुहैया कराया जाता है। उन्होंने कहा कि सोहना नगर परिषद की ओर से अभी हाल फिलहाल ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मांग नहीं की गई। अगर कहीं कोई दिक्कत होती भी है तो उन्हें सीधा संपर्क करना चाहिए।