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10 बिल्डरों की जमीन नीलामी का फैसला लेगी कमेटी
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गुरुग्राम। आवास परियोजना का लाइसेंस लेकर आंतरित और बाहरी विकास शुल्क (आईडीसी एवं ईडीसी) नहीं भरने वाले 10 बिल्डरों की जमीन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) नीलाम कर सकता है। इस राशि से विभाग अपने बकाया 300 करोड़ रुपये वसूल करेगा। इसके लिए एचएसवीपी ने कमेटी गठित की है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासक जमीन नीलामी की सिफारिश नगर योजनाकार विभाग को करेंगे। एचएसवीपी प्रशासक जितेंद्र यादव ने बताया कि कमेटी की रिपोर्ट अगले सप्ताह तक आ जाएगी जिसके बाद यह फैसला लिया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, साल 2018 में 15 बिल्डरों ने सेक्टर-37, 110, 114, 102, 88, 107, 108, 95 व 81 में आवास परियोजना के लिए लाइसेंस लिया था। इस योजना के लिए उन्होंने प्री बुकिंग भी शुरू कर दी थी। समय पर आईडीसी व ईडीसी न भरने पर एचएसवीपी ने बिल्डर के लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। बिल्डरों पर विभाग का 300 करोड़ रुपये बकाया बताया जा रहा है। 15 में से चार बिल्डर ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जबकि एक बिल्डर ने लाइसेंस नवीनीकरण करवाने के लिए जल्द ही आईडीसी और ईडीसी भरने का आश्वासन दिया। 10 बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नगर योजनाकार विभाग ने निर्देश जारी किए। इस पर एचएसवीपी प्रशासक जितेंद्र यादव ने कमेटी गठित की।
अधिकारियों के मुताबिक, कमेटी यह जांचेगी कि बिल्डर ने जिस व्यक्ति से जमीन खरीदी थी, क्या उसको पूरी राशि का भुगतान कर दिया। कितने लोगों से बिल्डर ने प्री बुकिंग के नाम पर राशि वसूल की। इस जमीन की कीमत क्या है। जमीन को नीलाम करने के बाद विभाग अपने 300 करोड़ रुपये वसूलने के बाद शेष राशि देनदारों को देगा। कमेटी को एक सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
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अधिकारियों के मुताबिक, साल 2018 में 15 बिल्डरों ने सेक्टर-37, 110, 114, 102, 88, 107, 108, 95 व 81 में आवास परियोजना के लिए लाइसेंस लिया था। इस योजना के लिए उन्होंने प्री बुकिंग भी शुरू कर दी थी। समय पर आईडीसी व ईडीसी न भरने पर एचएसवीपी ने बिल्डर के लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। बिल्डरों पर विभाग का 300 करोड़ रुपये बकाया बताया जा रहा है। 15 में से चार बिल्डर ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जबकि एक बिल्डर ने लाइसेंस नवीनीकरण करवाने के लिए जल्द ही आईडीसी और ईडीसी भरने का आश्वासन दिया। 10 बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नगर योजनाकार विभाग ने निर्देश जारी किए। इस पर एचएसवीपी प्रशासक जितेंद्र यादव ने कमेटी गठित की।
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अधिकारियों के मुताबिक, कमेटी यह जांचेगी कि बिल्डर ने जिस व्यक्ति से जमीन खरीदी थी, क्या उसको पूरी राशि का भुगतान कर दिया। कितने लोगों से बिल्डर ने प्री बुकिंग के नाम पर राशि वसूल की। इस जमीन की कीमत क्या है। जमीन को नीलाम करने के बाद विभाग अपने 300 करोड़ रुपये वसूलने के बाद शेष राशि देनदारों को देगा। कमेटी को एक सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
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