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Gurugram News: 20 हजार की रिश्वत लेने पर क्लर्क को चार साल की सजा
Tue, 14 Oct 2025 11:28 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Updated Tue, 14 Oct 2025 11:28 PM IST
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सेवानिवृत्त मुख्य अध्यापक की पत्नी का मेडिकल बिल पास कराने के नाम पर ली थी रिश्वत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेवानिवृत्त मुख्य अध्यापक का मेडिकल बिल पास कराने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में जिला अदालत ने क्लर्क को चार साल की सजा दी है। अदालत ने दोषी पवन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सुनील कुमार दीवान की अदालत ने दिया है।
शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो को दी गई शिकायत में बताया था कि वह 2010-11 में सोहना के नोहटकी गांव के सरकारी स्कूल से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने अपनी पत्नी के ब्रेन ट्यूमर का उपचार राजस्थान के जिला जयपुर के सीएम गोरा अस्पताल से कराया था। जब वह जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में बिल पास कराने के लिए गए तो वहां पर क्लर्क पवन ने उनसे 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। उन्होंने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी।
ब्यूरो ने क्लर्क को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने पवन को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेवानिवृत्त मुख्य अध्यापक का मेडिकल बिल पास कराने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में जिला अदालत ने क्लर्क को चार साल की सजा दी है। अदालत ने दोषी पवन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सुनील कुमार दीवान की अदालत ने दिया है।
शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो को दी गई शिकायत में बताया था कि वह 2010-11 में सोहना के नोहटकी गांव के सरकारी स्कूल से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने अपनी पत्नी के ब्रेन ट्यूमर का उपचार राजस्थान के जिला जयपुर के सीएम गोरा अस्पताल से कराया था। जब वह जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में बिल पास कराने के लिए गए तो वहां पर क्लर्क पवन ने उनसे 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। उन्होंने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी।
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ब्यूरो ने क्लर्क को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने पवन को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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