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166 गांवों के हर घर में पहुंचेगा स्वच्छ पेयजल
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गुरुग्राम। अब गांवों में महिलाओं को मटका उठाए पानी के लिए यहां-वहां भटकते हुए परेशान नहीं होना होगा। जिले के हर घर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की पहल शुरू कर दी गई है। ‘हर घर-नल से जल’ योजना के तहत पानी सप्लाई किया जाएगा।
जिले के 166 गांवों में गणना की गई है। प्रशासनिक दावे के मुताबिक अब तक ग्रामीण क्षेत्र में 82012 घरों में नल से पानी पहुंचाने की व्यवस्था कर दी गई है। हर घर को 55 लीटर पानी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के हिसाब से आपूर्ति की जा रही है। प्रत्येक गांव में पानी की पाइप लाइन बिछाई गई है। 31 दिसंबर 2022 से पहले सभी घरों में पानी सप्लाई की सुचारू व्यवस्था करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता विशाल बंसल ने बताया कि जिले के गांवों में दिसंबर 2019 से पहले 25934 घरों में नल से जल की आपूर्ति हो रही थी। जल जीवन मिशन के तहत अब तक 56078 घरों में यह स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। अब ग्रामीण महिलाओं को पानी के लिए घर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
ग्रामीण खुद कर सकेंगे पानी की जांच
हर घर-नल से जल योजना के तहत पानी की गुणवत्ता जांच भी की जा सकेगी। पानी की गुणवत्ता जांच के लिए पांच ग्रामीण महिलाओं की एक ग्राम स्तरीय समिति बनाई गई है। इस समिति की सदस्यों को पेयजल की गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष किट मुहैया कराई जाएगी। ऐसी ही किट गांव के स्कूल में पढ़ने वाले विज्ञान के विद्यार्थियों को भी दी जाएगी। इससे कोई भी ग्रामीण पानी की जांच कर सकेंगे।
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जिले के 166 गांवों में गणना की गई है। प्रशासनिक दावे के मुताबिक अब तक ग्रामीण क्षेत्र में 82012 घरों में नल से पानी पहुंचाने की व्यवस्था कर दी गई है। हर घर को 55 लीटर पानी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के हिसाब से आपूर्ति की जा रही है। प्रत्येक गांव में पानी की पाइप लाइन बिछाई गई है। 31 दिसंबर 2022 से पहले सभी घरों में पानी सप्लाई की सुचारू व्यवस्था करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता विशाल बंसल ने बताया कि जिले के गांवों में दिसंबर 2019 से पहले 25934 घरों में नल से जल की आपूर्ति हो रही थी। जल जीवन मिशन के तहत अब तक 56078 घरों में यह स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। अब ग्रामीण महिलाओं को पानी के लिए घर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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ग्रामीण खुद कर सकेंगे पानी की जांच
हर घर-नल से जल योजना के तहत पानी की गुणवत्ता जांच भी की जा सकेगी। पानी की गुणवत्ता जांच के लिए पांच ग्रामीण महिलाओं की एक ग्राम स्तरीय समिति बनाई गई है। इस समिति की सदस्यों को पेयजल की गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष किट मुहैया कराई जाएगी। ऐसी ही किट गांव के स्कूल में पढ़ने वाले विज्ञान के विद्यार्थियों को भी दी जाएगी। इससे कोई भी ग्रामीण पानी की जांच कर सकेंगे।
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