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पानी में बह गए तीन विभागों के जलभराव से निपटने के दावे
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गुरुग्राम। जिले में लगातार 15 घंटे हुई बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव हो गया। शहर की जो आज हालत है, इसे देखकर लगता है जलभराव से निपटने के तीन विभागों के बड़े-बड़े दावे बारिश के ही पानी में बह गए। करोड़ों रुपये लगाकर जलभराव से निपटने के लिए बनाई गई योजनाएं भी कारगर नहीं हुईं। बुधवार की रात से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे तक होती रही। लोगों को गर्मी से तो राहत मिली लेकिन जलभराव आफत बन गया।
तेज बारिश के कारण हाईवे समेत शहर की मुख्य सड़कें पानी में डूब गईं। इससे वाहन चालकों को भारी परेशानियां उठानी पड़ीं। वहीं नौकरी-पेशा लोग अपने घरों से बाहर तक नहीं निकल पाए। दो दर्जन से ज्यादा जगहों पर लोगों को जलभराव से सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। जिले में 89.5 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
कहां गई विभाग की तैयारी
नगर निगम, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण और ट्रैफिक पुलिस तीनों विभागों ने मिलकर जलभराव से निपटने के लिए योजना बनाई थी, लेकिन 15 घंटे की बारिश ने इन तीनों विभागों की तैयारी पर पानी फेर दिया। निगम अधिकारी सुबह छह बजे से ही पानी निकलवाने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में लग गए थे। निगम ने दर्जनों जगहों पर ट्रैक्टर, पंप, सुपर सकर और इंजन पंप लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया।
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शहर में बुधवार देर रात से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे तक लगातार हुई। बारिश के कारण जहां शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली वहीं जलभराव से काफी परेशानियां भी उठानी पड़ी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक लगातार बारिश होने के अनुमान लगाया जा रहा है।
इन जगहों पर हुआ सबसे ज्यादा पानी भरा रहा
शहर में सबसे ज्यादा जलभराव नरसिंहपुर में हाईवे पर काफी जलभराव हुआ। इस कारण यहां पूरा दिन वाहनों को निकलने में परेशानी हुई। सर्विस रोड पर कई वाहन पानी में डूबने से बीच में ही बंद हो गए। इफ्को चौक पर भी जलभराव के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों का यहां रूट में बदलाव करना पड़ा। इफ्को मेट्रो रोड पर भी पूरा रोड जलमग्न हो गया। यहां भी पूरा दोपहर तक जाम की स्थिति बनी रही। बसई रोड पर करीब तीन-तीन फीट पानी भर गया। यहां ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों के आवागमन के लिए रूट में बदलाव करना पड़ा। इसके अलावा ओल्ड रेलवे रोड, शीतला माता रोड, पालम विहार रोड, एसपीआर रोड, हिमगिरी चौक, पुराना दिल्ली रोड, एमडी रोड, पटौदी रोड समेत दो दर्जन से ज्यादा जगहों पर जलभराव हो गया। सेक्टर-10ए, 9ए, 4, न्यू कॉलोनी, फिरोज गांधी कॉलोनी, सुशांत लोक-1, डीएलएफ फेस-1, 2, 3, सेक्टर-46, 52, 53, सिंकदरपुर, नाथूपुर समेत नए गुरुग्राम की कई सोसाइटियों में पानी भरा रहा।
एचएसवीपी कार्यालय में पानी में तैरनी लगी फाइलें
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण विभाग जिसके कंधों पर शहर के सेक्टरों को विकसित करने का जिम्मा होता है, उसी विभाग के सेक्टर-14 कार्यालय में बारिश का पानी इस कदर घुस गया कि कार्यालय में मेज पर रखी फाइलें ही पानी में बह कर बाहर जाने लगीं। वर्षा जल संचयन और पानी निकासी के इंतजाम अधूरे होने के कारण पूरा कार्यालय जलमग्न हो गया। विभागीय अधिकारी जब सुबह कार्यालय पहुंचे तो उन्हें पांव रखने के लिए भी जगह नहीं मिली।
जमीन में समा गई गाड़ी.....
सेक्टर-86 स्थित माइक्रोटेक सोसाइटी निवासी संदीप चौधरी ने रात को सोसाइटी के परिसर में गाड़ी खड़ी की थी, सुबह देखा तो गाड़ी जमीन में धंसी मिली। सोसाइटी की मुख्य सीवर लाइन धंसने के कारण उनकी गाड़ी भी उसमें फंस गई। गाड़ी को जेसीबी के मदद से बाहर निकाला गया। जमीन में धंसने से गाड़ी का काफी नुकसान हो गया।
बस स्टैंड भी लबालब भरा पानी से
रोडवेज बस स्टैंड पूरी तरह से जलमग्न हो गया। यहां यात्रियों को बस पकड़ने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। जलभराव के कारण यहां बस स्टैंड परिसर में बसें नहीं लग पाई। यात्रियों को बाहर से ही बसों को पकड़ना पड़ा। बरसाती नाले का स्तर परिसर से ऊंचा होने के कारण यहां जलभराव से निपटने के लिए कोई अलग से इंतजाम नहीं है।
सोहना में धंस गई सीवर लाइन....
सोहना नगर परिषद वार्ड-11 के गांव रायपुर कॉलोनी में नई डाली गई सीवर लाइन पहली ही बरसात में धंस गई। ग्रामीणों ने बताया कि यह सीवर लाइन जल अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से डलवाई गई, जो अभी चालू भी नहीं हो पाई कि पहली ही बरसात में धंस गई। सीवर लाइन धंसने से जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं तो कई जगह से सीवर लाइन टूट गई है। ग्रामीणों ने सीवर लाइन डाले जाने में घटिया सामग्री का उपयोग किए जाने का आरोप लगाया है।
स्टेडियम में भरा पानी, नहीं हुआ अभ्यास
स्टेडियम में भी पानी भर जाने के कारण खिलाड़ियों को परेशानी हुई। शहर के सभी खेल मैदानों में पानी भरा रहा। अभ्यास के लिए खिलाड़ी पहुंच तो गए लेकिन अभ्यास कर नहीं पाए।
पटौदी लोग हुए घरों में कैद
पटौदी क्षेत्र में झमाझम बरसात से हुए जलभराव के कारण लोगों को घरों में कैद होना पड़ा। पटौदी के वार्ड-14 की बगिया वाले मोहल्ले में बरसात का पानी लोगों के घरों के बाहर एकत्रित हो गया। इस कारण लोगों को अपने घरों से निकलना दूभर हो गया। इसके अलावा पटौदी की सीएसडी कैंटीन में जाने वाला मार्ग भी बरसात के पानी से जलमग्न हो गया। हेलीमंडी में पुरानी अनाजमंडी पूरी तरह से तालाब में तबदील हो गई। इस कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
कोट
जहां से भी जलभराव की शिकायत आई है उन जगहों पर पंप लगाकर टीमें पानी निकालने में लगी हुई है। सभी जगहों पर अलग- अलग टीमों को लगाया गया है।
- रमन शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम, गुरुग्राम।
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तेज बारिश के कारण हाईवे समेत शहर की मुख्य सड़कें पानी में डूब गईं। इससे वाहन चालकों को भारी परेशानियां उठानी पड़ीं। वहीं नौकरी-पेशा लोग अपने घरों से बाहर तक नहीं निकल पाए। दो दर्जन से ज्यादा जगहों पर लोगों को जलभराव से सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। जिले में 89.5 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
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कहां गई विभाग की तैयारी
नगर निगम, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण और ट्रैफिक पुलिस तीनों विभागों ने मिलकर जलभराव से निपटने के लिए योजना बनाई थी, लेकिन 15 घंटे की बारिश ने इन तीनों विभागों की तैयारी पर पानी फेर दिया। निगम अधिकारी सुबह छह बजे से ही पानी निकलवाने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में लग गए थे। निगम ने दर्जनों जगहों पर ट्रैक्टर, पंप, सुपर सकर और इंजन पंप लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया।
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शहर में बुधवार देर रात से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे तक लगातार हुई। बारिश के कारण जहां शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली वहीं जलभराव से काफी परेशानियां भी उठानी पड़ी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक लगातार बारिश होने के अनुमान लगाया जा रहा है।
इन जगहों पर हुआ सबसे ज्यादा पानी भरा रहा
शहर में सबसे ज्यादा जलभराव नरसिंहपुर में हाईवे पर काफी जलभराव हुआ। इस कारण यहां पूरा दिन वाहनों को निकलने में परेशानी हुई। सर्विस रोड पर कई वाहन पानी में डूबने से बीच में ही बंद हो गए। इफ्को चौक पर भी जलभराव के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों का यहां रूट में बदलाव करना पड़ा। इफ्को मेट्रो रोड पर भी पूरा रोड जलमग्न हो गया। यहां भी पूरा दोपहर तक जाम की स्थिति बनी रही। बसई रोड पर करीब तीन-तीन फीट पानी भर गया। यहां ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों के आवागमन के लिए रूट में बदलाव करना पड़ा। इसके अलावा ओल्ड रेलवे रोड, शीतला माता रोड, पालम विहार रोड, एसपीआर रोड, हिमगिरी चौक, पुराना दिल्ली रोड, एमडी रोड, पटौदी रोड समेत दो दर्जन से ज्यादा जगहों पर जलभराव हो गया। सेक्टर-10ए, 9ए, 4, न्यू कॉलोनी, फिरोज गांधी कॉलोनी, सुशांत लोक-1, डीएलएफ फेस-1, 2, 3, सेक्टर-46, 52, 53, सिंकदरपुर, नाथूपुर समेत नए गुरुग्राम की कई सोसाइटियों में पानी भरा रहा।
एचएसवीपी कार्यालय में पानी में तैरनी लगी फाइलें
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण विभाग जिसके कंधों पर शहर के सेक्टरों को विकसित करने का जिम्मा होता है, उसी विभाग के सेक्टर-14 कार्यालय में बारिश का पानी इस कदर घुस गया कि कार्यालय में मेज पर रखी फाइलें ही पानी में बह कर बाहर जाने लगीं। वर्षा जल संचयन और पानी निकासी के इंतजाम अधूरे होने के कारण पूरा कार्यालय जलमग्न हो गया। विभागीय अधिकारी जब सुबह कार्यालय पहुंचे तो उन्हें पांव रखने के लिए भी जगह नहीं मिली।
जमीन में समा गई गाड़ी.....
सेक्टर-86 स्थित माइक्रोटेक सोसाइटी निवासी संदीप चौधरी ने रात को सोसाइटी के परिसर में गाड़ी खड़ी की थी, सुबह देखा तो गाड़ी जमीन में धंसी मिली। सोसाइटी की मुख्य सीवर लाइन धंसने के कारण उनकी गाड़ी भी उसमें फंस गई। गाड़ी को जेसीबी के मदद से बाहर निकाला गया। जमीन में धंसने से गाड़ी का काफी नुकसान हो गया।
बस स्टैंड भी लबालब भरा पानी से
रोडवेज बस स्टैंड पूरी तरह से जलमग्न हो गया। यहां यात्रियों को बस पकड़ने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। जलभराव के कारण यहां बस स्टैंड परिसर में बसें नहीं लग पाई। यात्रियों को बाहर से ही बसों को पकड़ना पड़ा। बरसाती नाले का स्तर परिसर से ऊंचा होने के कारण यहां जलभराव से निपटने के लिए कोई अलग से इंतजाम नहीं है।
सोहना में धंस गई सीवर लाइन....
सोहना नगर परिषद वार्ड-11 के गांव रायपुर कॉलोनी में नई डाली गई सीवर लाइन पहली ही बरसात में धंस गई। ग्रामीणों ने बताया कि यह सीवर लाइन जल अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से डलवाई गई, जो अभी चालू भी नहीं हो पाई कि पहली ही बरसात में धंस गई। सीवर लाइन धंसने से जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं तो कई जगह से सीवर लाइन टूट गई है। ग्रामीणों ने सीवर लाइन डाले जाने में घटिया सामग्री का उपयोग किए जाने का आरोप लगाया है।
स्टेडियम में भरा पानी, नहीं हुआ अभ्यास
स्टेडियम में भी पानी भर जाने के कारण खिलाड़ियों को परेशानी हुई। शहर के सभी खेल मैदानों में पानी भरा रहा। अभ्यास के लिए खिलाड़ी पहुंच तो गए लेकिन अभ्यास कर नहीं पाए।
पटौदी लोग हुए घरों में कैद
पटौदी क्षेत्र में झमाझम बरसात से हुए जलभराव के कारण लोगों को घरों में कैद होना पड़ा। पटौदी के वार्ड-14 की बगिया वाले मोहल्ले में बरसात का पानी लोगों के घरों के बाहर एकत्रित हो गया। इस कारण लोगों को अपने घरों से निकलना दूभर हो गया। इसके अलावा पटौदी की सीएसडी कैंटीन में जाने वाला मार्ग भी बरसात के पानी से जलमग्न हो गया। हेलीमंडी में पुरानी अनाजमंडी पूरी तरह से तालाब में तबदील हो गई। इस कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
कोट
जहां से भी जलभराव की शिकायत आई है उन जगहों पर पंप लगाकर टीमें पानी निकालने में लगी हुई है। सभी जगहों पर अलग- अलग टीमों को लगाया गया है।
- रमन शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम, गुरुग्राम।