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बच्चों का अभिभावक बनेगा बाल कल्याण परिषद
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गुरुग्राम (अंजू सिंह)। अब अनाथ बच्चों का अभिभावक बाल कल्याण परिषद बनेगा। विभाग की ओर से चंदननगर में बाल गृह का भवन बनकर तैयार हो चुका है। इसमें 6 से 18 वर्ष तक के 50 बच्चों के रहने, खाने-पीने व पढ़ने की सुविधा दी जाएगी। वहीं, इनकी देखभाल हाउस मदर, हाउस फादर करेंगे। बाल गृह में परिवार जैसा माहौल देने के लिए विशेष रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसके लिए विभाग की ओर से कवायद तेज कर दी गई है।
इस योजना के तहत बाल कल्याण परिषद की ओर से 2019 में इसकी नींव रखी गई थी। सुविधाओं को शुरू करने के लिए 34 लाख से ज्यादा बजट की मांग की गई है। इसमें बच्चों के रहने के लिए तीन बड़े-बड़े हॉल के समान कमरे और एक रसोई होगी। इसके साथ ही मेडिकल रूम बनाया जा चुका है। इसमें बच्चों की नियमित जांच और दवाइयों की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, पुस्तकालय के लिए एक कमरा तैयार किया गया है। इसमें बच्चों के लिए विषयानुसार और ज्ञानवर्धक पुस्तकें भी रखी जाएंगी। इसमें बैठकर पढ़ने के लिए भी पूरी व्यवस्था होगी। इस बाल गृह में 6 से 10 साल तक के ही लड़कों को रखा जाएगा। वहीं 18 साल तक की लड़कियों को रखने की अनुमति होगी।
वोकेशनल कोर्स कराए जाएंगे
बाल गृह में बच्चों के लिए रोजगारपरक पाठ्यक्रम भी होंगे। इसमें संचार कौशल, आईटी, ब्यूटीपार्लर, सिलाई-कढ़ाई जैसे वोकेशनल कोर्स होंगे। इसके लिए विषय विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे। जो समय-समय पर प्रशिक्षण देंगे। इसका मुख्य उद्देश्य 18 साल बाद लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाना होगा। वहीं, समय-समय पर विभाग की ओर से वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। समाज के साथ जुड़ाव रखने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
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खोए हुए बच्चों की होगी देखभाल
बाल कल्याण परिषद द्वारा बाल गृह में जन्म के बाद छोड़े गए बच्चे, अपने परिवार से बिछड़े हुए व अन्य जगहों से भाग कर आए हुए बच्चे और पुलिस को लावारिस मिले बच्चे रखे जाएंगे। जिनकी देखभाल और उनकी पढ़ाई का पूरा जिम्मा यहां रहने वाला स्टाफ करेगा। उन्हें 18 वर्ष का होने तक परिवार जैसा माहौल दिया जाएगा।
काउंसलर और हाउसकीपर भी होंगे तैनात
यहां काउंसलर भी तैनात किए जाएंगे। जो बच्चों की समय-समय पर काउंसलिंग कर उनके मानसिक स्तर की जांच करेगा। जिससे उनको पढ़ाई में आगे बढ़ाने और रोजगारपरक विषय चयनित करने के लिए तैयार किया जा सके। वहीं, एक नर्स और हाउसकीपर भी तैनात की जाएंगी। जो बच्चों की चिकित्सा सुविधा और रहन सहन का पूरा ख्याल रखेंगी। इसमें कुल 14 कर्मियों की भर्ती की जाएगी। साथ ही बच्चों के भोजन की व्यवस्था के लिए किचिन स्टाफ और सुरक्षा के लिए गार्ड भी तैनात किए जाएंगे।
बाल गृह का भवन तैयार हो चुका है। सुविधाएं शुरू करने के लिए बजट की मांग की गई है। जल्द ही 50 बच्चों को रखा जाएगा। जरूरतमंद बच्चों को छत मिल सकेगी।
- वीरेंद्र यादव, जिला बाल कल्याण अधिकारी, गुरुग्राम।
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इस योजना के तहत बाल कल्याण परिषद की ओर से 2019 में इसकी नींव रखी गई थी। सुविधाओं को शुरू करने के लिए 34 लाख से ज्यादा बजट की मांग की गई है। इसमें बच्चों के रहने के लिए तीन बड़े-बड़े हॉल के समान कमरे और एक रसोई होगी। इसके साथ ही मेडिकल रूम बनाया जा चुका है। इसमें बच्चों की नियमित जांच और दवाइयों की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, पुस्तकालय के लिए एक कमरा तैयार किया गया है। इसमें बच्चों के लिए विषयानुसार और ज्ञानवर्धक पुस्तकें भी रखी जाएंगी। इसमें बैठकर पढ़ने के लिए भी पूरी व्यवस्था होगी। इस बाल गृह में 6 से 10 साल तक के ही लड़कों को रखा जाएगा। वहीं 18 साल तक की लड़कियों को रखने की अनुमति होगी।
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वोकेशनल कोर्स कराए जाएंगे
बाल गृह में बच्चों के लिए रोजगारपरक पाठ्यक्रम भी होंगे। इसमें संचार कौशल, आईटी, ब्यूटीपार्लर, सिलाई-कढ़ाई जैसे वोकेशनल कोर्स होंगे। इसके लिए विषय विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे। जो समय-समय पर प्रशिक्षण देंगे। इसका मुख्य उद्देश्य 18 साल बाद लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाना होगा। वहीं, समय-समय पर विभाग की ओर से वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। समाज के साथ जुड़ाव रखने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
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खोए हुए बच्चों की होगी देखभाल
बाल कल्याण परिषद द्वारा बाल गृह में जन्म के बाद छोड़े गए बच्चे, अपने परिवार से बिछड़े हुए व अन्य जगहों से भाग कर आए हुए बच्चे और पुलिस को लावारिस मिले बच्चे रखे जाएंगे। जिनकी देखभाल और उनकी पढ़ाई का पूरा जिम्मा यहां रहने वाला स्टाफ करेगा। उन्हें 18 वर्ष का होने तक परिवार जैसा माहौल दिया जाएगा।
काउंसलर और हाउसकीपर भी होंगे तैनात
यहां काउंसलर भी तैनात किए जाएंगे। जो बच्चों की समय-समय पर काउंसलिंग कर उनके मानसिक स्तर की जांच करेगा। जिससे उनको पढ़ाई में आगे बढ़ाने और रोजगारपरक विषय चयनित करने के लिए तैयार किया जा सके। वहीं, एक नर्स और हाउसकीपर भी तैनात की जाएंगी। जो बच्चों की चिकित्सा सुविधा और रहन सहन का पूरा ख्याल रखेंगी। इसमें कुल 14 कर्मियों की भर्ती की जाएगी। साथ ही बच्चों के भोजन की व्यवस्था के लिए किचिन स्टाफ और सुरक्षा के लिए गार्ड भी तैनात किए जाएंगे।
बाल गृह का भवन तैयार हो चुका है। सुविधाएं शुरू करने के लिए बजट की मांग की गई है। जल्द ही 50 बच्चों को रखा जाएगा। जरूरतमंद बच्चों को छत मिल सकेगी।
- वीरेंद्र यादव, जिला बाल कल्याण अधिकारी, गुरुग्राम।