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फर्जी रजिस्ट्री मामले में नायाब तहसीदार, दो पटवारी पर केस
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गुरुग्राम। नगर निगम की करोड़ों की जमीन को फर्जीवाड़ा कर राजस्व रिकॉर्ड में निजी लोगों के नाम दर्ज करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार की अदालत ने मंगलवार को सेक्टर-56 थाना पुलिस को छह घंटे के भीतर नायाब तहसीलदार, दो पटवारी समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराने का आदेश जारी किया है।
याचिकाकर्ता आरटीआई एक्टिविस्ट रमेश यादव ने बताया कि 19 मार्च 2019 को नगर निगम में गांव बलोला की 25 कनाल 7 मरला जमीन जीतराम व अन्य के नाम पर इंतकाल दर्ज किया गया था। इस कार्रवाई में वजीराबाद के नायब तहसीलदार अजय, पटवारी प्रवीण कुमार व मनोज कुमार व अन्य लोगों ने अंजाम दिया। जांच में खुलासा होने पर निगमायुक्त ने 12 अप्रैल 2019 को जिला उपायुक्त को पत्र लिखकर इस पूरे फर्जीवाड़े से अवगत कराया था। निगमायुक्त ने जमीन का इंतकाल खारिज करने के साथ दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। 15 अप्रैल 2019 को जिला उपायुक्त ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मामले की जांच के दौरान नायब तहसीलदार अजय की रजिस्ट्री पावर वापस लेने व निलंबित करने की सिफारिश की थी। हालांकि ऐसा नहीं किया गया। इस संबंध में आरटीआई एक्टिविस्ट की ओर से 21 मई को सेक्टर-56 थाना में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की शिकायत दर्ज दी। आरोप है कि थाना प्रभारी ने मामला दर्ज नहीं किया। पुलिस अधिकारियों की ओर से शिकायत पर कार्रवाई न किए जाने पर शिकायतकर्ता ने निचली अदालत में याचिका दायर की लेकिन अदालत ने मामले को खारिज कर दिया। शिकायतकर्ता ने इसकी अपील सत्र न्यायालय में दायर की जिस पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार की अदालत ने मंगलवार को सेक्टर-56 थाना पुलिस को छह घंटे में मामला दर्ज करने का आदेश दिया।
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याचिकाकर्ता आरटीआई एक्टिविस्ट रमेश यादव ने बताया कि 19 मार्च 2019 को नगर निगम में गांव बलोला की 25 कनाल 7 मरला जमीन जीतराम व अन्य के नाम पर इंतकाल दर्ज किया गया था। इस कार्रवाई में वजीराबाद के नायब तहसीलदार अजय, पटवारी प्रवीण कुमार व मनोज कुमार व अन्य लोगों ने अंजाम दिया। जांच में खुलासा होने पर निगमायुक्त ने 12 अप्रैल 2019 को जिला उपायुक्त को पत्र लिखकर इस पूरे फर्जीवाड़े से अवगत कराया था। निगमायुक्त ने जमीन का इंतकाल खारिज करने के साथ दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। 15 अप्रैल 2019 को जिला उपायुक्त ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मामले की जांच के दौरान नायब तहसीलदार अजय की रजिस्ट्री पावर वापस लेने व निलंबित करने की सिफारिश की थी। हालांकि ऐसा नहीं किया गया। इस संबंध में आरटीआई एक्टिविस्ट की ओर से 21 मई को सेक्टर-56 थाना में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की शिकायत दर्ज दी। आरोप है कि थाना प्रभारी ने मामला दर्ज नहीं किया। पुलिस अधिकारियों की ओर से शिकायत पर कार्रवाई न किए जाने पर शिकायतकर्ता ने निचली अदालत में याचिका दायर की लेकिन अदालत ने मामले को खारिज कर दिया। शिकायतकर्ता ने इसकी अपील सत्र न्यायालय में दायर की जिस पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार की अदालत ने मंगलवार को सेक्टर-56 थाना पुलिस को छह घंटे में मामला दर्ज करने का आदेश दिया।
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