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अनलॉक शुरू होने पर भी उद्यमियों का कारोबार पटरी पर नहीं आया
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अनलॉक शुरू होने पर भी उद्यमियों का कारोबार पटरी पर नहीं आया
गुरुग्राम। कोरोना लॉकडाउन में छूट मिलने और अनलॉक-एक के बाद दो आरंभ होने के बाद भी उद्यमियों का कारोबार पटरी पर नहीं आया है। औद्योगिक इकाईयों में मुश्किल से 30 प्रतिशत कार्य आरंभ हुआ है। दरअसल बाजार में मंदी और श्रमिकों के अपने राज्य जाने का सिलसिला बंद नहीं होने के कारण उद्यमियों को दिक्कत हो रही है।
देश के तमाम हिस्सों की तरह गुरुग्राम में भी कोरोना लॉकडाउन-दो के मध्य में औद्योगिक इकाईयां चलाने की छूट मिलने के बाद उद्यमियों को लग रहा था कि उनका कारोबार पहले की तरह शुरू हो जाएगा। इसके मद्देनजर उन्होंने प्रशासन की शर्तों के मुताबिक, अपनी इकाईयां चालू करने के लिए स्वीकृति के लिए आवदेन करना शुरू कर दिया, मगर लॉकडाउन-चार तक ही नहीं, बल्कि अनलॉक-एक खत्म होने के बाद अनलॉक-दो में भी उनका कारोबार पटरी पर नहीं आया है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के प्रदेश महासचिव दीपक मैनी ने बताया कि जिले की अधिकतर औद्योगिक इकाइयों में 30 प्रतिशत ही कार्य हो रहा है। अभी तक पूरी तरह कारोबार शुरू नहीं होने के पीछे कोरोना के मामले निरंतर बड़ी संख्या में आना है। इस कारण बाजार में मंदी है। लोग अति आवश्यक सामान ही खरीदने के लिए आ रहे हैं।
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उद्यमी नेता मनोज जैन का कहना है कि अनलॉक शुरू होने के बाद भी उद्यमियों को श्रमिकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल अभी भी श्रमिक अपने राज्य जाने में लगे हुए है। इस कारण औद्योगिक इकाईयों में विशेषज्ञ श्रमिकों की कमी आई हुई है।
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गुरुग्राम। कोरोना लॉकडाउन में छूट मिलने और अनलॉक-एक के बाद दो आरंभ होने के बाद भी उद्यमियों का कारोबार पटरी पर नहीं आया है। औद्योगिक इकाईयों में मुश्किल से 30 प्रतिशत कार्य आरंभ हुआ है। दरअसल बाजार में मंदी और श्रमिकों के अपने राज्य जाने का सिलसिला बंद नहीं होने के कारण उद्यमियों को दिक्कत हो रही है।
देश के तमाम हिस्सों की तरह गुरुग्राम में भी कोरोना लॉकडाउन-दो के मध्य में औद्योगिक इकाईयां चलाने की छूट मिलने के बाद उद्यमियों को लग रहा था कि उनका कारोबार पहले की तरह शुरू हो जाएगा। इसके मद्देनजर उन्होंने प्रशासन की शर्तों के मुताबिक, अपनी इकाईयां चालू करने के लिए स्वीकृति के लिए आवदेन करना शुरू कर दिया, मगर लॉकडाउन-चार तक ही नहीं, बल्कि अनलॉक-एक खत्म होने के बाद अनलॉक-दो में भी उनका कारोबार पटरी पर नहीं आया है।
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फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के प्रदेश महासचिव दीपक मैनी ने बताया कि जिले की अधिकतर औद्योगिक इकाइयों में 30 प्रतिशत ही कार्य हो रहा है। अभी तक पूरी तरह कारोबार शुरू नहीं होने के पीछे कोरोना के मामले निरंतर बड़ी संख्या में आना है। इस कारण बाजार में मंदी है। लोग अति आवश्यक सामान ही खरीदने के लिए आ रहे हैं।
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उद्यमी नेता मनोज जैन का कहना है कि अनलॉक शुरू होने के बाद भी उद्यमियों को श्रमिकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल अभी भी श्रमिक अपने राज्य जाने में लगे हुए है। इस कारण औद्योगिक इकाईयों में विशेषज्ञ श्रमिकों की कमी आई हुई है।