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Gurugram News: बिल्डर-बायर विवाद... यूनिवर्सल बिल्डवेल के निदेशक को जमानत
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आठ साल पुराने बिल्डर-बायर विवाद और धोखाधड़ी मामले में जिला अदालत ने यूनिवर्सल बिल्डवेल कंपनी के निदेशक विक्रम पुरी को जमानत दे दी है। यह आदेश अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश सुदीप गोयल की अदालत ने दिया है। मामला 2018 का है। सुनील कुमार ने दी गई शिकायत में आरोप लगाया था कि कंपनी ने सेक्टर-82 स्थित यूनिवर्सल ऑरा प्रोजेक्ट में यूनिट बेचने के नाम पर उनसे और अन्य लोगों से धोखाधड़ी कर रुपये वसूले हैं। पुलिस ने जांच के बाद मई 2025 में विक्रम पुरी, रमन पुरी और वरुण पुरी के खिलाफ चालान अदालत में पेश किया था। मामले में विक्रम पुरी आठ मई 2025 से न्यायिक हिरासत में थे। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि कंपनी के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण में दिवाला और शोधन अक्षमता कार्यवाही पहले ही शुरू हो चुकी है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामला प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा विचारणीय है और अधिकतम सजा 7 साल तक की है। इस मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और ट्रायल में लंबा समय लगने की संभावना है। अदालत ने एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी है।
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गुरुग्राम। आठ साल पुराने बिल्डर-बायर विवाद और धोखाधड़ी मामले में जिला अदालत ने यूनिवर्सल बिल्डवेल कंपनी के निदेशक विक्रम पुरी को जमानत दे दी है। यह आदेश अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश सुदीप गोयल की अदालत ने दिया है। मामला 2018 का है। सुनील कुमार ने दी गई शिकायत में आरोप लगाया था कि कंपनी ने सेक्टर-82 स्थित यूनिवर्सल ऑरा प्रोजेक्ट में यूनिट बेचने के नाम पर उनसे और अन्य लोगों से धोखाधड़ी कर रुपये वसूले हैं। पुलिस ने जांच के बाद मई 2025 में विक्रम पुरी, रमन पुरी और वरुण पुरी के खिलाफ चालान अदालत में पेश किया था। मामले में विक्रम पुरी आठ मई 2025 से न्यायिक हिरासत में थे। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि कंपनी के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण में दिवाला और शोधन अक्षमता कार्यवाही पहले ही शुरू हो चुकी है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामला प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा विचारणीय है और अधिकतम सजा 7 साल तक की है। इस मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और ट्रायल में लंबा समय लगने की संभावना है। अदालत ने एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी है।
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