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Gurugram News: धनवापुर एसटीपी में गंदे पानी के शोधन के साथ बनेगी बायो-सीबीजी

Sat, 13 Jun 2026 07:35 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 07:35 PM IST
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Bio-CBG to be produced alongside wastewater treatment at the Dhanwapur STP.
100 एमएलडी क्षमता का नया संयंत्र बनेगा, जीएमडीए ने परियोजना का टेंडर जारी किया
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नंबर गेम - 182.74 करोड़ रुपये किए जाएंगे खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) शहर में सीवर शोधन क्षमता बढ़ाने के लिए धनवापुर स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का विस्तार करने जा रहा है। इसके तहत 100 एमएलडी क्षमता का नया मेन पंपिंग स्टेशन (एमपीएस), 100 एमएलडी का एसटीपी और बायो-सीबीजी प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए जीएमडीए ने 182.74 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है।
वर्तमान में धनवापुर एसटीपी की क्षमता 218 एमएलडी है। बढ़ती आबादी को देखते हुए इसकी क्षमता में 100 एमएलडी की अतिरिक्त वृद्धि की जा रही है। नए संयंत्र में एसबीआर (सीक्वेंसिंग बैच रिएक्टर) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह गुरुग्राम का पहला ऐसा एसटीपी होगा, जहां सीवर के शोधन के साथ बायो-सीबीजी (कंप्रेस्ड बायो गैस) का उत्पादन भी किया जाएगा। संयंत्र से तैयार होने वाली गैस का व्यावसायिक उपयोग किया जाएगा। इससे संयंत्र के संचालन और रखरखाव की लागत कम करने में मदद मिलेगी। जीएमडीए के अनुसार, कार्य आवंटित होने के बाद निर्माण एजेंसी को 18 माह के भीतर परियोजना पूरी करनी होगी। वर्तमान में शहर के किसी भी एसटीपी में बायो-सीबीजी उत्पादन की सुविधा नहीं है। धनवापुर संयंत्र में पुराने शहर के सीवर को शोधित किया जाता है। ऐसे में इसकी क्षमता बढ़ने से पुराने शहर में सीवर ओवरफ्लो की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। दूसरा शोधित पानी का प्रयोग बागवानी समेत अन्य कार्याें में करने की है।
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जरूरत के अनुसार नए संयंत्रों पर जोर
जीएमडीए शहर और मानेसर क्षेत्र में सीवर शोधन अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रहा है। मानेसर में 25 एमएलडी क्षमता का एसटीपी शुरू हो गया है। सेक्टर-107 में 100 एमएलडी क्षमता के नए एसटीपी के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। औद्योगिक इकाइयों के अपशिष्ट जल के उपचार के लिए सेक्टर-34/35 में 20 एमएलडी क्षमता का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) स्थापित करने की योजना है। इसकी डीपीआर भी तैयार की जा रही है। नौरंगपुर में भी 40 एमएलडी का संयंत्र बनाया जाना है। यमुना एक्शन प्लान के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में एसटीपी विकसित किए जा रहे हैं। सरकार की योजना है कि नजफगढ़ ड्रेन में बिना उपचारित सीवर का पानी न पहुंचे। इससे यमुना नदी के प्रदूषण को कम किया जा सके।
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औद्योगिक संयंत्र है बायो-सीबीजी
कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट एक ऐसा औद्योगिक संयंत्र है, जहां जैविक कचरे को एनारोबिक पाचन प्रक्रिया के माध्यम से नवीकरणीय ईंधन में बदला जाता है। इस प्रक्रिया में प्राप्त बायोगैस को शुद्ध करके मीथेन की मात्रा बढ़ाई जाती है। इसे वाहनों तथा उद्योगों में इस्तेमाल के लिए उच्च दबाव पर कंप्रेस किया जाता है। सीबीजी वाहनों में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक सीएनजी (सीएनजी) का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प है

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धनवापुर एसटीपी की क्षमता बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है। नया संयंत्र बायो-सीबीजी आधारित होगा। निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। नए संयंत्र के शुरू होने से सीवर शोधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।- विभोर दुहन, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए
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