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एवियन फ्लू: गुरुग्राम के 11 साल के बच्चे की मौत के बाद अलर्ट, परिचित और आसपास के लोगों की जांच शुरू

Wed, 21 Jul 2021 08:05 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 21 Jul 2021 08:05 PM IST
सार

स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अभी तक शहर में किसी में एवियन फ्लू के लक्ष्ण नहीं मिले हैं। पूरी सावधानी और एहतियात बरती जा रही है।

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avian flu 11 year boy who died in aiims was from gurugram now alert in city test will be held of relatives and neighbors
बर्ड फ्लू - फोटो : पीटीआई

विस्तार

दिल्ली के एम्स में एवियन (फ्लू एच5एन1) से मरने वाले बच्चे की पहचान गुरुग्राम के चकरपुर गांव के निवासी के रूप में हुई है। इसी के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इसी के साथ मृत बच्चे के परिजनों के साथ उसके रिश्तेदारों और परिचितों तथा आसपास के क्षेत्र में रहने वाले की जांच कर उन्हें आइसोलेट कर दिया गया  है। इन सभी को  एहतियातन दवाइयां मुहैया करा दी गईं हैं।

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स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अभी तक शहर में किसी में एवियन फ्लू के लक्ष्ण नहीं मिले हैं। पूरी सावधानी और एहतियात बरती जा रही है। सिविल सर्जन डॉ. विरेंद्र यादव के निर्देश पर वजीराबाद और गुड़गांव गांव पीएचसी क्षेत्र के सभी लोगों की जांच में  तेजी कर दी गई है।  यहां एक-एक बुजुर्ग-व्यस्क और बच्चे की जांच की जा रही है।
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टीमें कर रहीं हैं सर्वे
सिविल सर्जन डॉ. विरेंद्र ने बताया कि अभी एम्स ने मौत के कारणों का विस्तृत खुलासा नहीं किया है। लेकिन प्राथमिक लक्ष्णों के आधार पर एवियन फ्लू का मामला बताया गया है। इसीलिए पूरी सावधानी और एहतियात बरती जा रही है। हमने सर्वे शुरू करा दिया है। मृत बच्चे के परिवार सहित उसकी पूरी कांट्रेक्ट हिस्ट्री खंगाल कर उसके रिश्तेदार और परिचितों को आइसोलेट कर उनका एहतियातन उपचार किया जा रहा है। उन्हें दवाइयां उपलब्ध करा दी गई है। पूरी तरह से निगरानी की जा रही है। 
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बरती जा रही है सावधानी : डीसी 
उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने कहा कि अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि बच्चे की मौत एवियन फ्लू से ही हुई है। बावजूद इसके जिले में पूरी सावधानी बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए गए सर्वे और जांच में अभी तक किसी भी में एवियन फ्लू का लक्ष्ण नहीं मिला है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों को पक्षियों के सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं। पशुपालन विभाग की रिपोर्ट में भी अभी तक पक्षियों में किसी तरह के लक्ष्ण नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि जिले वासियों को डरने की जरूरत नहीं है। सावधानी बरतें। बुखार, खांसी, नाक बहने, सिर में दर्द, गले में सूजन, मांसपेशियों में दर्द आदि होने पर तत्काल चिकित्सक से जांच कराएं। 

मंगलवार को दिल्ली एम्स में एवियन फ्लू संक्रमण से चकरपुर निवासी 11 साल के बच्चे की मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 88 उसे 12 जून एम्स  में भर्ती कराया गया था। उसे साल भर से ब्लड कैंसर भी था। इसी  बीच में उसे घर भी लाया गया था। दो - तीन दिन घर रखने के बाद आठ जुलाई को उसे दोबारा एम्स में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है अस्पताल में भर्ती होते वक्त लड़के को बुखार और खांसी की दिक्कत थी। पहले लगा कि लड़का कोरोना से संक्रमित है। जब लड़के का कोरोना टेस्ट किया गया तो वो नेगेटिव आया। लेकिन जब आगे की जांच की गई तो पता चला कि बच्चा एवियन या पक्षी मूल के इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होने वाले संक्रमण से पीड़ित था।

ये हैं एवियन फ्लू के लक्षण

एवियन फ्लू के लक्षण भी सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं। लेकिन सांस लेने में समस्या और हर वक्त उल्टी होने का एहसास इसके खास लक्षण हैं। इनके अलावा  बुखार, हमेशा कफ रहना,  नाक बहना, सिर में दर्द,  गले में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, दस्त,  हर वक्त उल्टी-उल्टी सा महसूस होना, पेट के निचले हिस्से में दर्द, सांस लेने में समस्या, सांस ना आना, निमोनिया जैसे सामान्य लक्ष्ण से एरियन फ्लू की संभावना रहती है।

इस फ्लू वायरस के इंसान में फैलने की सबसे ज्यादा संभावना तब होती है जब व्यक्ति संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आता है। अगर यह वायरस किसी व्यक्ति को हो जाए तो ये संक्रमण दूसरे व्यक्ति को भी हो सकता है। उस पानी से स्नान करने पर भी इंसान को एवियन फ्लू हो सकता है। जिस पानी में संक्रमित पक्षियों का मल हो।

ऐसे वातावरण में सांस लेना जहां संक्रमित पक्षी हों। पोल्ट्री फॉर्म में काम करने वाले व्यक्ति को सबसे ज्यादा फ्लू होने का डर रहता है। कच्चे या अधपके चिकन का सेवन भी घातक हो सकता है। 

फ्लू से बचाव : 
डॉ. विरेंद्र यादव के अनुसार संक्रमित पक्षियों से दूर रहें,  खासकर मरे पक्षियों से बिल्कुल दूर रहें। एवियन फ्लू का संक्रमण अगर फैला है तो नॉनवेज न खाएं। नॉनवेज खरीदते समय साफ-सफाई पर नजर रखें। अपने हाथों को बार बार धोते रहें। ऐसे सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें जिसमें एल्कोहल की मात्रा 60 प्रतिशत तक हो। संक्रमण वाले एरिया में कोशिश करें कि न जाएं, अगर किसी कारण जाना पड़े तो मास्क पहनकर जाएं। अगर आपको अपने अंदर फ्लू के लक्षण महसूस हों तो इन्फ्लूएंजा के टीके के बारे में जानकारी लें और टीका लगवाएं।

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