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देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गईं मौसी, बचा न सका
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गुरुग्राम। सेक्टर-6 आईएमटी मानेसर की झुग्गियों में लगी आग की चपेट में आकर जान गंवाने वाली मीना देवी 10 दिन पहले ही पटना से गुरुग्राम अपने भांजे के पास आई थीं। मृतक के भांजे विकास कुमार ने पुलिस को शिकायत देकर इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। विकास ने बताया कि सोमवार को जब आग लगी तो वह और उनकी पत्नी तो किसी तरह झुग्गियों से निकल आए लेकिन मौसी देखते ही देखते ही आग की लपटों मेें घिर गईं और आग इतनी तेज थी कि चाहते हुए भी उनको बचा न सके।
पटना के गांव भुआपुर के मूल निवासी 19 वर्षीय विकास ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गांव कंकरौला में सुनील यादव की झुग्गियों में रहकर कबाड़ी का काम करते थे। बीते सोमवार को उनकी पत्नी निभा व मौसी मीना देवी खाना बना रही थीं कि रात करीब सवा 9 बजे झुग्गियों में आग लग गई। आग बड़ी तेजी से बढ़ रही थी, जिससे बचने के लिए वह और उनकी पत्नी तुरंत ही झुग्गियों ने बाहर निकल गए।
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उम्र ज्यादा थी इसलिए तेजी से भाग न सकीं :
उनकी मौसी मीना देवी की उम्र (48-49 साल) ज्यादा होने के चलते वह तेजी से भागकर निकल नहीं पाईं और आग की लपटों में घिर गईं। बकौल विकास देखते दी देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। जब तक अग्निशमन वाहन आते तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रात भर आग बुझाने का काम चला और सुबह जब आग बुझी तो वह झुग्गियों में गए। उन्होंने देखा कि उनकी मौसी का शव बुरी तरह जली हुई अवस्था में पड़ा था। विकास ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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पटना के गांव भुआपुर के मूल निवासी 19 वर्षीय विकास ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गांव कंकरौला में सुनील यादव की झुग्गियों में रहकर कबाड़ी का काम करते थे। बीते सोमवार को उनकी पत्नी निभा व मौसी मीना देवी खाना बना रही थीं कि रात करीब सवा 9 बजे झुग्गियों में आग लग गई। आग बड़ी तेजी से बढ़ रही थी, जिससे बचने के लिए वह और उनकी पत्नी तुरंत ही झुग्गियों ने बाहर निकल गए।
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उम्र ज्यादा थी इसलिए तेजी से भाग न सकीं :
उनकी मौसी मीना देवी की उम्र (48-49 साल) ज्यादा होने के चलते वह तेजी से भागकर निकल नहीं पाईं और आग की लपटों में घिर गईं। बकौल विकास देखते दी देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। जब तक अग्निशमन वाहन आते तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रात भर आग बुझाने का काम चला और सुबह जब आग बुझी तो वह झुग्गियों में गए। उन्होंने देखा कि उनकी मौसी का शव बुरी तरह जली हुई अवस्था में पड़ा था। विकास ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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