{"_id":"621e12f1fef1ac1a5b59cbe8","slug":"audit-date-of-five-vulnerable-societies-still-not-fixed-in-gurugram-gurgaon-news-noi634902686","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरे वाली पांच सोसायटियों में ऑडिट की तारीख अब भी तय नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरे वाली पांच सोसायटियों में ऑडिट की तारीख अब भी तय नहीं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुग्राम। सिस्टम की सुस्ती क्या होती है, ये मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में देखा जा सकता हैै। जहां जान के खतरे को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। मामला ऊंची इमारतों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। इसके बाद भी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर टाली जा रही है। 10 फरवरी को चिनटेल्स पैराडाइसो में 18 मंजिला डी टॉवर की छठवीं मंजिल की छत टूट कर पहली मंजिल पर जा गिरी थी। जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके बाद पांच अन्य सोसाइटियों में भी ऐसी ही गंभीर खतरे सामने आ चुके हैं। इसमें रहेजा वेदांता, रहेजा अथर्वा, ब्रिक्स लुंबिनी, एमथ्रीएम वुडश्री, महिंद्रा औरा सोसाइटी शामिल हैं।
डायरेक्ट्रेट ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग हरियाणा ने प्रथम दृष्टया जांच के बाद 23 फरवरी को सोसाइटियों को संचरनात्मक ऑडिट आईआईटी रुड़की से कराने के लिए लिखित आदेश जारी किया था। ये भी कहा था कि ऑडिट जल्द से जल्द होना चाहिए। इस आदेश को सात दिन बीत गए हैं, लेकिन शुरू होना तो दूर की बात ये कब होगा.. इसकी तारीख तक तय नहीं हो पाई है, क्योंकि आईआईटी रुड़की ने अब तक कोई समय नहीं दिया है। ऐसे में यहां रहने वाले दहशत में हैं। उनके मन में चिनटेल्स हादसे की यादें रह रह कर ताजा हो जाती हैं। न जाने कब कहां दूसरा हादसा हो जाए।
ब्रिक्स लुंबिनी के निवासी गौरव प्रकाश का कहना है कि ये प्रशासनिक लापरवाही ही है कि अभी तक खतरे वाली इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट कराने की कोई तारीख तय नहीं हो पाई है। सभी पांच सोसाइटियों के लोगों में दहशत का माहौल है। इसलिए जांच पड़ताल जल्द से जल्द होनी चाहिए। जिससे सुरक्षा पुख्ता की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
डायरेक्ट्रेट ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग हरियाणा ने प्रथम दृष्टया जांच के बाद 23 फरवरी को सोसाइटियों को संचरनात्मक ऑडिट आईआईटी रुड़की से कराने के लिए लिखित आदेश जारी किया था। ये भी कहा था कि ऑडिट जल्द से जल्द होना चाहिए। इस आदेश को सात दिन बीत गए हैं, लेकिन शुरू होना तो दूर की बात ये कब होगा.. इसकी तारीख तक तय नहीं हो पाई है, क्योंकि आईआईटी रुड़की ने अब तक कोई समय नहीं दिया है। ऐसे में यहां रहने वाले दहशत में हैं। उनके मन में चिनटेल्स हादसे की यादें रह रह कर ताजा हो जाती हैं। न जाने कब कहां दूसरा हादसा हो जाए।
विज्ञापन
ब्रिक्स लुंबिनी के निवासी गौरव प्रकाश का कहना है कि ये प्रशासनिक लापरवाही ही है कि अभी तक खतरे वाली इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट कराने की कोई तारीख तय नहीं हो पाई है। सभी पांच सोसाइटियों के लोगों में दहशत का माहौल है। इसलिए जांच पड़ताल जल्द से जल्द होनी चाहिए। जिससे सुरक्षा पुख्ता की जा सके।
विज्ञापन