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Gurugram News: 20 साल से नहीं हुई नीलामी, खंडहर हो गईं दुकानें
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विभिन्न क्षेत्रों में पड़ी है एचएसवीपी की संपत्ति
पिछले दिनों मुख्य प्रशासक ने दिए थे चिह्नित करने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की शहर में अलग-अलग स्थानों पर करोड़ों रुपये की संपत्ति की 20 साल से नीलामी नहीं हुई है। कुछ जगह तो वहां बनाई गई इमारतें खंडहर हो गई है। इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय और एचएसवीपी के मुख्यालय में शिकायत की गई है। इसमें सात बैंक वे, 23 शॉपिंग कम ऑफिस, 24 बूथ और 8 होटल वे का जिक्र किया गया है। यहां पर बैंक और होटल के लिए तो जमीन चिह्नित है। बूथ और शापिंग स्पेस में दुकानें बनाई हुई हैं जो अब जर्जर हालत में हैं।
कुछ दिनों पहले प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक अजीत बालाजी जोशी सेक्टर-14 स्थित कार्यालय पहुंचे थे और यहां पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। इसमें उन्होंने प्राधिकरण की जमीनों से अवैध कब्जे नहीं हटने पर अधीनस्थ अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। बैठक में उन्होंने उन भूखंडों के विषय में जानकारी की जिनकी लंबे समय से नीलामी नहीं हो पा रही है। इसके अलावा जिन भूखंडों पर पर न्यायालय में वाद विचाराधीन हैं। उन भूखंडों की सूची भी मांगी जिन पर अवैध कब्जे होना या अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। उन्होंने सरकारी जमीन से जल्द से जल्द किसी भी कीमत पर अवैध कब्जे हटाने के आदेश दिए हैं। इनकी जल्द से जल्द नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे।
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पिछले दिनों मुख्य प्रशासक ने दिए थे चिह्नित करने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की शहर में अलग-अलग स्थानों पर करोड़ों रुपये की संपत्ति की 20 साल से नीलामी नहीं हुई है। कुछ जगह तो वहां बनाई गई इमारतें खंडहर हो गई है। इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय और एचएसवीपी के मुख्यालय में शिकायत की गई है। इसमें सात बैंक वे, 23 शॉपिंग कम ऑफिस, 24 बूथ और 8 होटल वे का जिक्र किया गया है। यहां पर बैंक और होटल के लिए तो जमीन चिह्नित है। बूथ और शापिंग स्पेस में दुकानें बनाई हुई हैं जो अब जर्जर हालत में हैं।
कुछ दिनों पहले प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक अजीत बालाजी जोशी सेक्टर-14 स्थित कार्यालय पहुंचे थे और यहां पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। इसमें उन्होंने प्राधिकरण की जमीनों से अवैध कब्जे नहीं हटने पर अधीनस्थ अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। बैठक में उन्होंने उन भूखंडों के विषय में जानकारी की जिनकी लंबे समय से नीलामी नहीं हो पा रही है। इसके अलावा जिन भूखंडों पर पर न्यायालय में वाद विचाराधीन हैं। उन भूखंडों की सूची भी मांगी जिन पर अवैध कब्जे होना या अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। उन्होंने सरकारी जमीन से जल्द से जल्द किसी भी कीमत पर अवैध कब्जे हटाने के आदेश दिए हैं। इनकी जल्द से जल्द नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे।
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