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Gurugram News: भ्रष्टाचार में दोषी एएसआई को पांच साल की सजा
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भ्रष्टाचार में दोषी एएसआई को पांच साल की सजा
कोर्ट ने पांच हजार रुपए का लगाया जुर्माना, वर्ष 2019 का है मामला
संवाद न्यूज़ एजेंसी
तावडू। जिले अदालत ने भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले एक एएसआई को दोषी करार देते हुए पांच साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला वर्ष 2019 का बताया गया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप कुमार दुग्गल की अदालत के विशेष लोक अभियोजक सुनील परमार ने बताया कि वर्ष 2014 में तत्कालीन पुन्हाना सिटी पुलिस चौकी स्टाफ ने खनन सामग्री के कारोबार से जुड़े एक हाईवा पकड़ा था। हाईवा छोड़ने की एवज में रिश्वत की बात हुई। जानकारी के मुताबिक तत्कालीन सिटी चौकी प्रभारी एएसआई प्रह्लाद ने हाइवा मालिक से दस हजार रुपए मासिक रिश्वत की मांग रखी। हाइवा मालिक सतबीर सिंह की शिकायत पर 14 जनवरी वर्ष 2019 को गुरुग्राम विजिलेंस ने चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक प्रह्लाद को 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया। मामले से जुड़ी एक वीडियो क्लिप एक ठोस साक्ष्य के रूप में हाथ लगी तो अन्य जरूरी साक्ष्यों को जुटाकर मजबूती से कोर्ट में मामले की पैरवी की गई। जिनके आधार पर गत 21 फरवरी को सहायक सत्र न्यायाधीश संदीप दुग्गल की अदालत ने आरोपी सहायक उप निरीक्षक को दोषी ठहराया गया। वहीं मंगलवार को भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दोषी को पांच साल की सजा और पांच हजार रुपए जुर्माना भरने का फैसला सुना दिया।
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कोर्ट ने पांच हजार रुपए का लगाया जुर्माना, वर्ष 2019 का है मामला
संवाद न्यूज़ एजेंसी
तावडू। जिले अदालत ने भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले एक एएसआई को दोषी करार देते हुए पांच साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला वर्ष 2019 का बताया गया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप कुमार दुग्गल की अदालत के विशेष लोक अभियोजक सुनील परमार ने बताया कि वर्ष 2014 में तत्कालीन पुन्हाना सिटी पुलिस चौकी स्टाफ ने खनन सामग्री के कारोबार से जुड़े एक हाईवा पकड़ा था। हाईवा छोड़ने की एवज में रिश्वत की बात हुई। जानकारी के मुताबिक तत्कालीन सिटी चौकी प्रभारी एएसआई प्रह्लाद ने हाइवा मालिक से दस हजार रुपए मासिक रिश्वत की मांग रखी। हाइवा मालिक सतबीर सिंह की शिकायत पर 14 जनवरी वर्ष 2019 को गुरुग्राम विजिलेंस ने चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक प्रह्लाद को 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया। मामले से जुड़ी एक वीडियो क्लिप एक ठोस साक्ष्य के रूप में हाथ लगी तो अन्य जरूरी साक्ष्यों को जुटाकर मजबूती से कोर्ट में मामले की पैरवी की गई। जिनके आधार पर गत 21 फरवरी को सहायक सत्र न्यायाधीश संदीप दुग्गल की अदालत ने आरोपी सहायक उप निरीक्षक को दोषी ठहराया गया। वहीं मंगलवार को भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दोषी को पांच साल की सजा और पांच हजार रुपए जुर्माना भरने का फैसला सुना दिया।
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