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Gurugram News: मुआवजा न देने पर एचएसवीपी प्रशासक और एलएसी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट
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-संपत्तियां अटैच करने के भी अदालत ने दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मुआवजे की बकाया राशि का भुगतान न करने पर जिला अदालत ने एचएसवीपी प्रशासक और भूमि अधिग्रहण अधिकारी (एलएसी) के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। अदालत ने प्राधिकरण की संपत्तियां अटैच करने के भी आदेश दिए हैं। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सुदीप गोयल की अदालत ने अधिकारियों को 27 अक्तूबर को पेश करने के लिए पुलिस को निर्देश दिए हैं।
दौलताबाद निवासी सविता ने अदालत में दायर निष्पादन याचिका में बताया कि एचएसवीपी ने वर्ष 2013 में उनकी करीब आधा एकड़ जमीन अधिगृहीत की थी। वर्ष 2018 में जिला अदालत ने मुआवजा बढ़ाकर 3.15 करोड़ रुपये प्रति एकड़ किया था। इसके बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अपील दायर की। फरवरी 2022 में उच्च न्यायालय ने मुआवजा बढ़ाकर 7.70 करोड़ रुपये प्रति एकड़ कर दिया।
आरोप है कि बढ़ी हुई राशि का भुगतान नहीं किया गया। सविता ने वर्ष 2025 में निष्पादन याचिका दायर की। सुनवाई में अदालत ने पाया कि पूर्व में जारी वारंट बिना तामील लौट आए थे। इस पर नए गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। साथ ही 16 सितंबर को संपत्ति कुर्की के वारंट भी जारी किए
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मुआवजे की बकाया राशि का भुगतान न करने पर जिला अदालत ने एचएसवीपी प्रशासक और भूमि अधिग्रहण अधिकारी (एलएसी) के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। अदालत ने प्राधिकरण की संपत्तियां अटैच करने के भी आदेश दिए हैं। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सुदीप गोयल की अदालत ने अधिकारियों को 27 अक्तूबर को पेश करने के लिए पुलिस को निर्देश दिए हैं।
दौलताबाद निवासी सविता ने अदालत में दायर निष्पादन याचिका में बताया कि एचएसवीपी ने वर्ष 2013 में उनकी करीब आधा एकड़ जमीन अधिगृहीत की थी। वर्ष 2018 में जिला अदालत ने मुआवजा बढ़ाकर 3.15 करोड़ रुपये प्रति एकड़ किया था। इसके बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अपील दायर की। फरवरी 2022 में उच्च न्यायालय ने मुआवजा बढ़ाकर 7.70 करोड़ रुपये प्रति एकड़ कर दिया।
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आरोप है कि बढ़ी हुई राशि का भुगतान नहीं किया गया। सविता ने वर्ष 2025 में निष्पादन याचिका दायर की। सुनवाई में अदालत ने पाया कि पूर्व में जारी वारंट बिना तामील लौट आए थे। इस पर नए गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। साथ ही 16 सितंबर को संपत्ति कुर्की के वारंट भी जारी किए
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