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Gurugram News: कथित गोरक्षकों पर गर्भवती गायों को जबरन ले जाने का आरोप
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-गांव सुबासेडी निवासी पीड़ित ने सीएम विंडो पर लगाई न्याय की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। क्षेत्र के गांव सुबासेडी निवासी अली मोहम्मद ने पुलिस और कथित गो रक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल और सीएम विंडो के माध्यम से शिकायत दर्ज कर न्याय की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि वह पिछले करीब 45 वर्षों से गाय-भैंस पालकर दूध बेचने का कार्य करता है और इसी से अपने परिवार का पालन-पोषण करता है।
शिकायत के अनुसार 21 अप्रैल की रात करीब दो बजे कुछ पुलिसकर्मी और गोरक्षक उसके घर पहुंचे तथा परिवार के सदस्यों को घर के अंदर बंद कर उसकी तीन गायों को खोलकर अपने साथ ले गए। अली मोहम्मद का आरोप है कि जिन गायों को ले जाया गया उनमें एक आठ महीने की गर्भवती गाय, एक छह महीने की गर्भवती गाय और एक बछिया शामिल थी। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक नूंह को दी, जिसके बाद जांच के लिए मामला डीएसपी मुख्यालय नूंह को सौंपा गया। शिकायतकर्ता के अनुसार जांच के दौरान गांव के ग्रामीणों को गवाही के लिए बुलाया गया तथा सीएस स्टाफ नूंह और संबंधित थाना प्रभारी के समक्ष भी बयान दर्ज कराए गए।
इतना ही नहीं, जांच टीम गांव पहुंचकर ग्रामीणों से पूछताछ भी कर चुकी है। अली मोहम्मद ने बताया कि जिन लोगों से गायें खरीदी गई थीं, उन्हें भी 13 मई को डीएसपी मुख्यालय नूंह के समक्ष बयान के लिए पेश किया गया। इसके बावजूद अब तक गायें वापस नहीं लौटाई गई हैं। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, गायों को जल्द वापस दिलाने तथा जबरन गाय ले जाने वाले कथित गोरक्षकों और सहयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। क्षेत्र के गांव सुबासेडी निवासी अली मोहम्मद ने पुलिस और कथित गो रक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल और सीएम विंडो के माध्यम से शिकायत दर्ज कर न्याय की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि वह पिछले करीब 45 वर्षों से गाय-भैंस पालकर दूध बेचने का कार्य करता है और इसी से अपने परिवार का पालन-पोषण करता है।
शिकायत के अनुसार 21 अप्रैल की रात करीब दो बजे कुछ पुलिसकर्मी और गोरक्षक उसके घर पहुंचे तथा परिवार के सदस्यों को घर के अंदर बंद कर उसकी तीन गायों को खोलकर अपने साथ ले गए। अली मोहम्मद का आरोप है कि जिन गायों को ले जाया गया उनमें एक आठ महीने की गर्भवती गाय, एक छह महीने की गर्भवती गाय और एक बछिया शामिल थी। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक नूंह को दी, जिसके बाद जांच के लिए मामला डीएसपी मुख्यालय नूंह को सौंपा गया। शिकायतकर्ता के अनुसार जांच के दौरान गांव के ग्रामीणों को गवाही के लिए बुलाया गया तथा सीएस स्टाफ नूंह और संबंधित थाना प्रभारी के समक्ष भी बयान दर्ज कराए गए।
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इतना ही नहीं, जांच टीम गांव पहुंचकर ग्रामीणों से पूछताछ भी कर चुकी है। अली मोहम्मद ने बताया कि जिन लोगों से गायें खरीदी गई थीं, उन्हें भी 13 मई को डीएसपी मुख्यालय नूंह के समक्ष बयान के लिए पेश किया गया। इसके बावजूद अब तक गायें वापस नहीं लौटाई गई हैं। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, गायों को जल्द वापस दिलाने तथा जबरन गाय ले जाने वाले कथित गोरक्षकों और सहयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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