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Gurugram News: प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद बायर्स को अपने फ्लैट मिलने का इंतजार
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15 साल से भटक रहे थे लोग, सरकार के हस्तक्षेप की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा बायर्स से 11 सौ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में रियल एस्टेट कंपनी रामप्रस्था ग्रुप के निदेशकों की गिरफ्तारी के बाद बायर्स को अपने फ्लैट मिलने का इंतजार है। आरपी राइज बायर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता अभिषेक भास्कर ने कहा कि ईडी की इस कार्रवाई के बाद उन्हें उम्मीद है कि बायर्स को जल्द राहत मिलेगी।
बता दें कि ईडी ने संदीप यादव व प्रमोटर अरविंद वालिया को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। कंपनी पर करीब दो हजार बायर्स से 1100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। ईडी की जांच में सामने आया है कि रामप्रस्थ प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (आरपीडीपीएल) और इसकी समूह कंपनियों ने ‘प्रोजेक्ट एज, प्रोजेक्ट स्काईज, प्रोजेक्ट राइज और रामप्रस्थ सिटी (प्लाटेड कॉलोनी) जैसी परियोजनाओं के नाम पर लोगों से एडवांस पेमेंट ली और करीब दो दशक बीत जाने के बाद भी न तो फ्लैट बनकर तैयार हुए और न ही खरीदारों को प्लाट का कब्जा दिया गया था। आरपी राइज बायर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता ने बताया कि उनकी एसोसिएशन में 140 लोग हैं। बिल्डर की ओर से दस साल पहले कब्जा देने की बात कही गई थी। वह लोग रेरा में भी इसकी लड़ाई लड़ रहे हैं। 100 लोगों को रेरा की ओर आदेश मिला है कि बिल्डर से पैसा वापस दिलाए। मगर उनकी कोई मदद नहीं करता है। अभी हाल में बिल्डर ने साइट पर कुछ हलचल की थी। जिससे उन्हें फ्लैट मिलने की उम्मीद जगी थी। ईडी की इस कार्रवाई के बाद वह सरकार से मांग करते हैं कि वह निवेशकों को फ्लैट दिलाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा बायर्स से 11 सौ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में रियल एस्टेट कंपनी रामप्रस्था ग्रुप के निदेशकों की गिरफ्तारी के बाद बायर्स को अपने फ्लैट मिलने का इंतजार है। आरपी राइज बायर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता अभिषेक भास्कर ने कहा कि ईडी की इस कार्रवाई के बाद उन्हें उम्मीद है कि बायर्स को जल्द राहत मिलेगी।
बता दें कि ईडी ने संदीप यादव व प्रमोटर अरविंद वालिया को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। कंपनी पर करीब दो हजार बायर्स से 1100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। ईडी की जांच में सामने आया है कि रामप्रस्थ प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (आरपीडीपीएल) और इसकी समूह कंपनियों ने ‘प्रोजेक्ट एज, प्रोजेक्ट स्काईज, प्रोजेक्ट राइज और रामप्रस्थ सिटी (प्लाटेड कॉलोनी) जैसी परियोजनाओं के नाम पर लोगों से एडवांस पेमेंट ली और करीब दो दशक बीत जाने के बाद भी न तो फ्लैट बनकर तैयार हुए और न ही खरीदारों को प्लाट का कब्जा दिया गया था। आरपी राइज बायर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता ने बताया कि उनकी एसोसिएशन में 140 लोग हैं। बिल्डर की ओर से दस साल पहले कब्जा देने की बात कही गई थी। वह लोग रेरा में भी इसकी लड़ाई लड़ रहे हैं। 100 लोगों को रेरा की ओर आदेश मिला है कि बिल्डर से पैसा वापस दिलाए। मगर उनकी कोई मदद नहीं करता है। अभी हाल में बिल्डर ने साइट पर कुछ हलचल की थी। जिससे उन्हें फ्लैट मिलने की उम्मीद जगी थी। ईडी की इस कार्रवाई के बाद वह सरकार से मांग करते हैं कि वह निवेशकों को फ्लैट दिलाए।
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