{"_id":"5ff897468ebc3e34672c39be","slug":"action-will-be-taken-against-all-the-culprits-in-the-five-lakh-bribe-case-chief-minister-gurgaon-news-noi5587194169","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच लाख रिश्वत लेने के मामले में समस्त दोषियों पर होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच लाख रिश्वत लेने के मामले में समस्त दोषियों पर होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री
विज्ञापन
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि गांव शिकोहपुर मोड़ पर हवलदार अमित कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने के मामले में शामिल किसी भी पुलिस अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस तरह रिश्वत कांड में जिले के पुलिस के बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिरने के आसार हैं। इस मामले में गिरफ्तार हवलदार ने कई बड़े अधिकारियों के शामिल होने के बारे में जानकारी दी है।
मुख्यमंत्री ने कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि उत्तम नगर दिल्ली निवासी नवीन भूटानी से रिश्वत लेने के मामले में अभी तक तीन करोड़ रुपये रिश्वत मांगने का प्रमाण नहीं है। केवल 57 लाख रुपये मांगने की बात सामने आई है और पांच लाख रुपये रिश्वत लेते हुए हवलदार को पकड़ा गया है। फरार एसएचओ को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही रिश्वत की राशि का खुलासा हो पाएगा। इस मामले में शामिल अधिकारियों के बारे में भी मालूम हो पाएगा। इसके बाद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के बयान के बाद जिले के पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। बताते हैं कि इस मामले में पुलिस के बड़े अधिकारी भी शामिल हैं।
28 दिसंबर 2020 को राज्य सतर्कता ब्यूरो ने पांच लाख रुपये रिश्वत लेते हुए हवलदार अमित कुमार को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में अमित ने बताया था कि यह रिश्वत उसने खेड़कीदौला थाना प्रभारी विशाल के कहने पर ली थी। मामले में उत्तम नगर दिल्ली निवासी नवीन भूटानी ने राज्य सतर्कता ब्यूरो को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि वह कॉल सेंटर चलाते हैं। उनका अपने साझेदार से रुपयों को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद में साझेदार ने उन्हें गुरुग्राम के सेक्टर-29 बुलवाया था। यहां से पुलिस उसे खेड़कीदौला थाने ले गई थी। यहां दो दिन तक अवैध रूप से हिरासत में रखने के बाद उससे तीन करोड़ रुपये की मांग की गई थी। रुपये न देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। उनके बीच 57 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि उत्तम नगर दिल्ली निवासी नवीन भूटानी से रिश्वत लेने के मामले में अभी तक तीन करोड़ रुपये रिश्वत मांगने का प्रमाण नहीं है। केवल 57 लाख रुपये मांगने की बात सामने आई है और पांच लाख रुपये रिश्वत लेते हुए हवलदार को पकड़ा गया है। फरार एसएचओ को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही रिश्वत की राशि का खुलासा हो पाएगा। इस मामले में शामिल अधिकारियों के बारे में भी मालूम हो पाएगा। इसके बाद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के बयान के बाद जिले के पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। बताते हैं कि इस मामले में पुलिस के बड़े अधिकारी भी शामिल हैं।
विज्ञापन
28 दिसंबर 2020 को राज्य सतर्कता ब्यूरो ने पांच लाख रुपये रिश्वत लेते हुए हवलदार अमित कुमार को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में अमित ने बताया था कि यह रिश्वत उसने खेड़कीदौला थाना प्रभारी विशाल के कहने पर ली थी। मामले में उत्तम नगर दिल्ली निवासी नवीन भूटानी ने राज्य सतर्कता ब्यूरो को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि वह कॉल सेंटर चलाते हैं। उनका अपने साझेदार से रुपयों को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद में साझेदार ने उन्हें गुरुग्राम के सेक्टर-29 बुलवाया था। यहां से पुलिस उसे खेड़कीदौला थाने ले गई थी। यहां दो दिन तक अवैध रूप से हिरासत में रखने के बाद उससे तीन करोड़ रुपये की मांग की गई थी। रुपये न देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। उनके बीच 57 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।
विज्ञापन