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Gurugram News: साइबर सिटी में मौसम के साथ ध्वनि प्रदूषण की मिलेगी सटीक जानकारी
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गुरुग्राम में 5 और फरीदाबाद में 3 स्वचालित मौसम केंद्र बनाए जा रहे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी के लोगों को अगले साल फरवरी से मौसम की सटीक जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए शहर में 5 जगहों पर स्वचालित मौसम केंद्र (एडब्ल्यू) और वायु शुद्धता जांच केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इस कार्य को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य था लेकिन ग्रैप की पाबंदियों से अगले साल जनवरी-फरवरी तक पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, फरीदाबाद में भी 3 ऐसे ही केंद्र बनाए जा रहे हैं। वेदर स्टेशन ध्वनि प्रदूषण सेंसर से भी लैस होंगे। जीएमडीए के जीआईएस प्रभारी डॉ. सुल्तान सिंह ने बताया कि गुरुग्राम और फरीदाबाद में पर्यावरण और जलवायु की स्थिति पर नजर रखने के लिए वेदर स्टेशन (मौसम केन्द्र) स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय मौसम विभाग और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा गुरुग्राम में 5 और फरीदाबाद में 3 वेदर स्टेशन स्थापित करने का काम चल रहा है।
प्रभारी ने बताया कि दोनों शहरों में वेदर स्टेशन से (एडब्ल्यू) और वायु शुद्धता जांच केंद्र स्थापित होने से लोगों को मौसम की सटीक जानकारी मिल सकेगी। डॉ. सुल्तान सिंह ने बताया कि इसमें आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर मौसम की सही चेतावनी सेवाएं विकसित हो सकेंगी। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में सुल्तानपुर झील, उद्योग विहार इंडस्ट्रियल एरिया, ओल्ड एज होम, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बादशाहपुर और पॉलिटेक्निक कॉलेज मानेसर में वेदर स्टेशन बनाए जा रहे हैं वहीं, फरीदाबाद में बड़खल झील, एफएमडीए- एचएसआईआईडीसी कार्यालय और राज हंस होटल सूरजकुंड में स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। एक सेंटर के बनाने पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होगा। बता दें कि अभी शहर में मौसम केंद्र नहीं है। ऐसे में इसके लिए हिसार सेंटर से जानकारी लेनी पड़ती है।
सर्दी, गर्मी और बारिश की सही जानकारी मिलेगी
इन केंद्रों से हवा की दिशा, हवा की गति, तापमान, वर्षा, सापेक्ष आर्द्रता, सौर विकिरण और वायुमंडलीय दबाव का आंकलन शामिल होगा। दूसरे, सिस्टम के माध्यम से वायु गुणवत्ता मापदंडों की भी निगरानी की जाएगी, जो पर्यावरण में नाइट्रोजन, अमोनिया, सल्फर डाइऑक्साइड जैसी विभिन्न हानिकारक गैसों की उपस्थिति का पता लगाएगी और साथ ही 2.5 पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) और 10 पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) के स्तर का भी पता लगाएगी। आसपास के क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण की घटना का पता लगाने के लिए वेदर स्टेशन ध्वनि प्रदूषण सेंसर से भी लैस होंगे।
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कमांड सेंटर से जुड़ेंगे
डॉ. सुल्तान सिंह ने बताया कि गुरुग्राम और फरीदाबाद में स्थापित इन वेदर स्टेशनों का वास्तविक समय डेटा जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) और भारतीय मौसम विभाग के साथ सांझा किया जाएगा। इससे मौसम के बारे में संबंधित विभागों को जानकारी देकर तुरंत कदम उठाया जा सकेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी के लोगों को अगले साल फरवरी से मौसम की सटीक जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए शहर में 5 जगहों पर स्वचालित मौसम केंद्र (एडब्ल्यू) और वायु शुद्धता जांच केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इस कार्य को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य था लेकिन ग्रैप की पाबंदियों से अगले साल जनवरी-फरवरी तक पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, फरीदाबाद में भी 3 ऐसे ही केंद्र बनाए जा रहे हैं। वेदर स्टेशन ध्वनि प्रदूषण सेंसर से भी लैस होंगे। जीएमडीए के जीआईएस प्रभारी डॉ. सुल्तान सिंह ने बताया कि गुरुग्राम और फरीदाबाद में पर्यावरण और जलवायु की स्थिति पर नजर रखने के लिए वेदर स्टेशन (मौसम केन्द्र) स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय मौसम विभाग और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा गुरुग्राम में 5 और फरीदाबाद में 3 वेदर स्टेशन स्थापित करने का काम चल रहा है।
प्रभारी ने बताया कि दोनों शहरों में वेदर स्टेशन से (एडब्ल्यू) और वायु शुद्धता जांच केंद्र स्थापित होने से लोगों को मौसम की सटीक जानकारी मिल सकेगी। डॉ. सुल्तान सिंह ने बताया कि इसमें आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर मौसम की सही चेतावनी सेवाएं विकसित हो सकेंगी। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में सुल्तानपुर झील, उद्योग विहार इंडस्ट्रियल एरिया, ओल्ड एज होम, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बादशाहपुर और पॉलिटेक्निक कॉलेज मानेसर में वेदर स्टेशन बनाए जा रहे हैं वहीं, फरीदाबाद में बड़खल झील, एफएमडीए- एचएसआईआईडीसी कार्यालय और राज हंस होटल सूरजकुंड में स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। एक सेंटर के बनाने पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होगा। बता दें कि अभी शहर में मौसम केंद्र नहीं है। ऐसे में इसके लिए हिसार सेंटर से जानकारी लेनी पड़ती है।
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सर्दी, गर्मी और बारिश की सही जानकारी मिलेगी
इन केंद्रों से हवा की दिशा, हवा की गति, तापमान, वर्षा, सापेक्ष आर्द्रता, सौर विकिरण और वायुमंडलीय दबाव का आंकलन शामिल होगा। दूसरे, सिस्टम के माध्यम से वायु गुणवत्ता मापदंडों की भी निगरानी की जाएगी, जो पर्यावरण में नाइट्रोजन, अमोनिया, सल्फर डाइऑक्साइड जैसी विभिन्न हानिकारक गैसों की उपस्थिति का पता लगाएगी और साथ ही 2.5 पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) और 10 पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) के स्तर का भी पता लगाएगी। आसपास के क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण की घटना का पता लगाने के लिए वेदर स्टेशन ध्वनि प्रदूषण सेंसर से भी लैस होंगे।
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कमांड सेंटर से जुड़ेंगे
डॉ. सुल्तान सिंह ने बताया कि गुरुग्राम और फरीदाबाद में स्थापित इन वेदर स्टेशनों का वास्तविक समय डेटा जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) और भारतीय मौसम विभाग के साथ सांझा किया जाएगा। इससे मौसम के बारे में संबंधित विभागों को जानकारी देकर तुरंत कदम उठाया जा सकेगा।