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Gurugram News: जुर्माने की रकम न लौटाने पर बिजली विभाग का खाता अटैच
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छह साल पहले उपभोक्ता पर किया था 2.54 लाख रुपये जुर्माना
अदालत ने 12 फीसदी ब्याज के साथ पैसा वापस करने को कहा था
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बिजली चोरी के छह साल एक पुराने मामले में अदालत ने उपभोक्ता को बिजली चोरी के दोष से मुक्त करते हुए 12 फीसदी ब्याज के साथ जुर्माने के 2.54 लाख रुपये अदा करने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी विभाग का आदेश न मानने और उपभोक्ता के अपील करने पर अदालत ने बिजली विभाग का बैंक खाता अटैच कर दिया है। विभाग को अब 4.52 लाख रुपये उपभोक्ता को वापस करने हैं।
सेक्टर-39 में रहने वालीं शकुंतला पत्नी रामानंद के यहां पर 18 जनवरी 2017 को बिजली विभाग की टीम पहुंची और मीटर को उतार लिया। 19 जनवरी 2019 को मीटर को लैब में चेक किया। विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मीटर में डायरेक्ट लूप लगा पाया गया है और इससे बिजली चोरी हो रही थी। उपभोक्ता के अधिवक्ता क्षितिज मेहता ने बताया कि बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए विभाग ने शकुंतला देवी पर 2.54 लाख रुपये जुर्माना ठोक दिया। कनेक्शन कट जाने के डर से उपभोक्ता ने विभाग में जुर्माने की रकम जमा कर दी। इसके बाद 13 फरवरी 2017 को सिविल जज के यहां पर बिजली विभाग के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया। मामले की सुनवाई के बाद 16 जुलाई 2018 को सिविल जज की अदालत ने उपभोक्ता को बिजली चोरी के दोष से मुक्त कर दिया। साथ ही आदेश दिया कि विभाग 12 फीसदी ब्याज की दर से जुर्माने का पैसा वापस करे। बिजली विभाग ने इस फैसले के खिलाफ अपील दाखिल की लेकिन यह अपील भी 29 नवंबर 2019 को खारिज कर दी गई। अपील खारिज हो जाने के बाद भी विभाग ने उपभोक्ता को पैसा वापस नहीं किया। अदालत में गुहार करने के बाद अब सिविल जज सौरभ शर्मा ने 5 अगस्त 2023 को अपने आदेश में बिजली विभाग का खाता अटैच करने के आदेश दिए हैं।
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अदालत ने 12 फीसदी ब्याज के साथ पैसा वापस करने को कहा था
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बिजली चोरी के छह साल एक पुराने मामले में अदालत ने उपभोक्ता को बिजली चोरी के दोष से मुक्त करते हुए 12 फीसदी ब्याज के साथ जुर्माने के 2.54 लाख रुपये अदा करने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी विभाग का आदेश न मानने और उपभोक्ता के अपील करने पर अदालत ने बिजली विभाग का बैंक खाता अटैच कर दिया है। विभाग को अब 4.52 लाख रुपये उपभोक्ता को वापस करने हैं।
सेक्टर-39 में रहने वालीं शकुंतला पत्नी रामानंद के यहां पर 18 जनवरी 2017 को बिजली विभाग की टीम पहुंची और मीटर को उतार लिया। 19 जनवरी 2019 को मीटर को लैब में चेक किया। विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मीटर में डायरेक्ट लूप लगा पाया गया है और इससे बिजली चोरी हो रही थी। उपभोक्ता के अधिवक्ता क्षितिज मेहता ने बताया कि बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए विभाग ने शकुंतला देवी पर 2.54 लाख रुपये जुर्माना ठोक दिया। कनेक्शन कट जाने के डर से उपभोक्ता ने विभाग में जुर्माने की रकम जमा कर दी। इसके बाद 13 फरवरी 2017 को सिविल जज के यहां पर बिजली विभाग के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया। मामले की सुनवाई के बाद 16 जुलाई 2018 को सिविल जज की अदालत ने उपभोक्ता को बिजली चोरी के दोष से मुक्त कर दिया। साथ ही आदेश दिया कि विभाग 12 फीसदी ब्याज की दर से जुर्माने का पैसा वापस करे। बिजली विभाग ने इस फैसले के खिलाफ अपील दाखिल की लेकिन यह अपील भी 29 नवंबर 2019 को खारिज कर दी गई। अपील खारिज हो जाने के बाद भी विभाग ने उपभोक्ता को पैसा वापस नहीं किया। अदालत में गुहार करने के बाद अब सिविल जज सौरभ शर्मा ने 5 अगस्त 2023 को अपने आदेश में बिजली विभाग का खाता अटैच करने के आदेश दिए हैं।
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