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Gurugram News: फव्वारा चौक निर्माण घोटाले की जांच करेगा एसीबी
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एंटी करप्शन ब्यूरो ने शिकायतकर्ता से मांगी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। सोहना कस्बे में नवनिर्मित फव्वारा चौक निर्माण में हुई अनियमितताओं व घोटाले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो करेगा। बीते दिनों नगरपरिषद ने कस्बे के ऐतिहासिक व प्राचीन फव्वारा चौक के सौंदर्यीकरण की योजना तैयार की थी। जिसमें पुलिया निर्माण, फव्वारा सौंदर्यीकरण और तीन मुख्यद्वार थे। निजी एजेंसी ने निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं किया। साथ ही निर्माण कार्य में खामियां मिली थीं। इसकी शिकायत मिलने पर एसीबी ने शिकायतकर्ता से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं।
बता दें कि योजना पर कुल 2 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि खर्च की जानी थी। परिषद ने जुलाई 2023 में निजी एजेंसी को ठेका दे दिया था। निर्माण के लिए एक वर्ष का समय निश्चित किया गया था। जिसकी शिकायत कई बार परिषद अधिकारियों व एसडीएम सोहना को भी की जा चुकी है। हैरत की बात है कि नगरपरिषद अधिकारियों ने काम पूरा होने से पहले ही एजेंसी को करीब एक करोड़ 60 लाख रुपये की राशि का भुगतान कर दिया था।
ये हैं अनियमितताएं
- एजेंसी द्वारा निर्धारित ड्राइंग अनुसार निर्माण कार्य न करना, पुराने पोल पर ही कम संख्या में घटिया लाइटें लगाना
- फव्वारे का सौंदर्यीकरण ड्राइंग अनुसार न करना, ग्रेनाइट पत्थर घटिया व कम लगाना
- स्टील का कम प्रयोग करना, बैंच न लगाना, पुलिया में कम सरिया लगाना
- परिषद द्वारा एजेंसी को मोटी राशि देकर सरकारी कोष का दुरुपयोग करना
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। सोहना कस्बे में नवनिर्मित फव्वारा चौक निर्माण में हुई अनियमितताओं व घोटाले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो करेगा। बीते दिनों नगरपरिषद ने कस्बे के ऐतिहासिक व प्राचीन फव्वारा चौक के सौंदर्यीकरण की योजना तैयार की थी। जिसमें पुलिया निर्माण, फव्वारा सौंदर्यीकरण और तीन मुख्यद्वार थे। निजी एजेंसी ने निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं किया। साथ ही निर्माण कार्य में खामियां मिली थीं। इसकी शिकायत मिलने पर एसीबी ने शिकायतकर्ता से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं।
बता दें कि योजना पर कुल 2 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि खर्च की जानी थी। परिषद ने जुलाई 2023 में निजी एजेंसी को ठेका दे दिया था। निर्माण के लिए एक वर्ष का समय निश्चित किया गया था। जिसकी शिकायत कई बार परिषद अधिकारियों व एसडीएम सोहना को भी की जा चुकी है। हैरत की बात है कि नगरपरिषद अधिकारियों ने काम पूरा होने से पहले ही एजेंसी को करीब एक करोड़ 60 लाख रुपये की राशि का भुगतान कर दिया था।
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ये हैं अनियमितताएं
- एजेंसी द्वारा निर्धारित ड्राइंग अनुसार निर्माण कार्य न करना, पुराने पोल पर ही कम संख्या में घटिया लाइटें लगाना
- फव्वारे का सौंदर्यीकरण ड्राइंग अनुसार न करना, ग्रेनाइट पत्थर घटिया व कम लगाना
- स्टील का कम प्रयोग करना, बैंच न लगाना, पुलिया में कम सरिया लगाना
- परिषद द्वारा एजेंसी को मोटी राशि देकर सरकारी कोष का दुरुपयोग करना