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Gurugram News: बकरीद पर नूंह से उठा गोवंश संरक्षण का संदेश
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-मुस्लिम समाज के लोगों ने की गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। मेवात क्षेत्र के नूंह जिले के तावडू उपमंडल अंतर्गत गांव सुनारी में बकरीद के मौके पर मुस्लिम समाज के लोगों ने आपसी भाईचारे, सद्भाव और गोवंश संरक्षण का संदेश देते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई। गुरुवार को सरपंच रहमदीन के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एक रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया और प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से बचने की अपील की।
रैली के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि इस्लाम इंसानियत, रहमत और अमन का पैगाम देता है तथा समाज में भाईचारा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गाय को लेकर देश में करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है, इसलिए उसकी रक्षा और सम्मान के लिए सकारात्मक पहल जरूरी है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। सरपंच रहमदीन ने बताया कि बकरीद के अवसर पर गांव के लोगों ने गोवंश संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से यह रैली निकाली है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को ऐसे किसी भी कार्य से बचना चाहिए जिससे समाज में तनाव या भाईचारा प्रभावित हो।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से बचें और शांति व प्रेम के साथ त्योहार मनाएं। इस दौरान उमर मोहम्मद, लुकमान, शमीक, इस्माइल, पूर्व जिला पार्षद साहब खान, डॉ. कमरुद्दीन, मास्टर जाकिर हुसैन, डॉ. तालीम, अब्दुल्ला, डॉ. जालू, पूर्व सरपंच इदरीस, शाहिद हुसैन और अन्य ग्रामीण भी मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। मेवात क्षेत्र के नूंह जिले के तावडू उपमंडल अंतर्गत गांव सुनारी में बकरीद के मौके पर मुस्लिम समाज के लोगों ने आपसी भाईचारे, सद्भाव और गोवंश संरक्षण का संदेश देते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई। गुरुवार को सरपंच रहमदीन के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एक रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया और प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से बचने की अपील की।
रैली के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि इस्लाम इंसानियत, रहमत और अमन का पैगाम देता है तथा समाज में भाईचारा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गाय को लेकर देश में करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है, इसलिए उसकी रक्षा और सम्मान के लिए सकारात्मक पहल जरूरी है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। सरपंच रहमदीन ने बताया कि बकरीद के अवसर पर गांव के लोगों ने गोवंश संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से यह रैली निकाली है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को ऐसे किसी भी कार्य से बचना चाहिए जिससे समाज में तनाव या भाईचारा प्रभावित हो।
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उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से बचें और शांति व प्रेम के साथ त्योहार मनाएं। इस दौरान उमर मोहम्मद, लुकमान, शमीक, इस्माइल, पूर्व जिला पार्षद साहब खान, डॉ. कमरुद्दीन, मास्टर जाकिर हुसैन, डॉ. तालीम, अब्दुल्ला, डॉ. जालू, पूर्व सरपंच इदरीस, शाहिद हुसैन और अन्य ग्रामीण भी मौजूद रहे।
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