{"_id":"5f33f47e8ebc3e3cfd42cbfa","slug":"800-crore-stranded-in-450-investors-in-revanta-project-gurgaon-news-noi5293484150","type":"story","status":"publish","title_hn":"450 निवेशकों के रेवांता परियोजना में फंसे हैं 800 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
450 निवेशकों के रेवांता परियोजना में फंसे हैं 800 करोड़
विज्ञापन
गुरुग्राम। सेक्टर-78 स्थित रहेजा बिल्डर की रेवांता परियोजना में 450 निवेशकों के करीब 800 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। निवेशकों को यह फ्लैट बिल्डर को साल 2015 में देने थे, लेकिन बिल्डर ने समय पर परियोजना को पूरा नहीं किया। जब निवेशकों ने हरेरा का सहारा लिया तो बिल्डर ने 3 साल का समय ले लिया। बिल्डर की अथर्व सोसाइटी परियोजना की गुणवत्ता बेहद खराब है। ऐसे में सोसाइटी में प्रयोग की जा रही सामग्री को लेकर निवेशक चिंतित हैं।
निवेशक विनीत गोयल व अर्जुन ने बताया कि सोसाइटी में एक से साढ़े तीन करोड़ रुपये के फ्लैट हैं। करीब 500 फ्लैट की सोसाइटी में बिल्डर 450 फ्लैट बेच दिए। निवेशकों से बिल्डर करीब 90 फीसदी राशि वसूल कर चुका है। उन्होंने कहा कि हरेरा से भी उन्हें राहत नहीं मिल पा रही है। बिल्डर ने परियोजना में देरी करने की एवज में कुछ मुआवजा प्रतिमाह देने का वायदा किया था, लेकिन यह मुआवजा नाम मात्र का है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल्डर निवेशकों से लिए गए रुपयों को दूसरी परियोजनाओं में लगाकर मोटी राशि कमा रहा है। निवेशकों का कहना है कि बिल्डर ने सेक्टर-109 में अथर्व सोसाइटी बनाई है। इस सोसाइटी की हालत दो साल में ही दयनीय हो गई है। प्लस्तर भी गिर रहा है। बिल्डर ने रेवांता सोसाइटी के निर्माण के लिए हरेरा से तीन साल का वक्त ले लिया है, लेकिन उन्हें अब सोसाइटी निर्माण की गुणवत्ता पर भरोसा नहीं है। उन्होंने मांग की कि सोसाइटी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच के लिए कमेटी बनाई जाए। इसके साथ ही बिल्डर से योजना का विस्तृत ब्यौरा लिया जाए जिसमें यह स्पष्ट हो कि परियोजना को बिल्डर किस तरह से समय पर पूरा करेगा।
विज्ञापन
निवेशक विनीत गोयल व अर्जुन ने बताया कि सोसाइटी में एक से साढ़े तीन करोड़ रुपये के फ्लैट हैं। करीब 500 फ्लैट की सोसाइटी में बिल्डर 450 फ्लैट बेच दिए। निवेशकों से बिल्डर करीब 90 फीसदी राशि वसूल कर चुका है। उन्होंने कहा कि हरेरा से भी उन्हें राहत नहीं मिल पा रही है। बिल्डर ने परियोजना में देरी करने की एवज में कुछ मुआवजा प्रतिमाह देने का वायदा किया था, लेकिन यह मुआवजा नाम मात्र का है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल्डर निवेशकों से लिए गए रुपयों को दूसरी परियोजनाओं में लगाकर मोटी राशि कमा रहा है। निवेशकों का कहना है कि बिल्डर ने सेक्टर-109 में अथर्व सोसाइटी बनाई है। इस सोसाइटी की हालत दो साल में ही दयनीय हो गई है। प्लस्तर भी गिर रहा है। बिल्डर ने रेवांता सोसाइटी के निर्माण के लिए हरेरा से तीन साल का वक्त ले लिया है, लेकिन उन्हें अब सोसाइटी निर्माण की गुणवत्ता पर भरोसा नहीं है। उन्होंने मांग की कि सोसाइटी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच के लिए कमेटी बनाई जाए। इसके साथ ही बिल्डर से योजना का विस्तृत ब्यौरा लिया जाए जिसमें यह स्पष्ट हो कि परियोजना को बिल्डर किस तरह से समय पर पूरा करेगा।
विज्ञापन