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अरावली में 434 फार्म हाउस, सिर्फ 18 ही ध्वस्त
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अरावली की पहाड़ी में अवैध निर्माण को गिराती नगर निगम की जेसीबी मशीन।
- फोटो : Gurgaon
सोहना। एनजीटी के आदेश पर सोहना नगर परिषद द्वारा अरावली की पहाड़ी पर अवैध रूप से विकसित किए गए फार्म हाउसों पर चार जेसीबी की मदद से तोड़फोड़ अभियान चलाया गया। लेकिन अभियान औपचारिक ही बना रहा। क्योंकि इस इलाके में करीब 434 फार्म हाउस हैं, लेकिन जेसीबी का कहर मात्र डेढ़ दर्जन फार्म हाउस पर ही रहा।
अरावली की पहाड़ी में देश के नामचीन हस्तियों के फार्म हाउस हैं। जिनमें मंत्री से लेकर जज और बड़े-बड़े उद्योगपति शामिल हैं। हकीकत तो यह है कि इन लोगों के फार्म हाउस को तोड़ना तो दूर की बात परिषद और प्रशासन नोटिस तक देने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है।
एनजीटी द्वारा नगर परिषद और जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी जाती है तो पहाड़ी के नीचे और पहाड़ी के ऊपर कुछ फार्म हाउस की बाउंड्री तोड़ दी जाती है। उसी के आधार पर प्रशासनिक अधिकारी रिपोर्ट भेज देते हैं। इस प्रकरण में बृहस्पतिवार को भी एनजीटी में रिपोर्ट पेश की जानी है। इसी के लिए बुधवार सुबह 10 बजे से फार्म हाउस तोड़ने का अभियान चलाया गया।
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इस अभियान के अंतर्गत सबसे पहले रायसीना गांव में अरावली पहाड़ी के नीचे विकसित किए जा रहे आधा दर्जन फार्म हाउस की बाउंड्रीवाल और इमारतों को ध्वस्त किया । यहां के एक फार्म हाउस पर कार्यरत अलीपुर निवासी इंद्रजीत ने बताया कि परिषद द्वारा बिना नोटिस दिए ही फार्म हाउस को गैर मुमकिन पहाड़ बता कर तोड़ दिया गया है।
बयान
एनजीटी के आदेश के बाद अभियान चलाया
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संदीप मालिक ने जानकारी देते हुए बताया कि एनजीटी के आदेश के बाद तोड़फोड़ अभियान चलाया गया है। इस अभियान के तहत करीब डेढ़ दर्जन उन फार्म हाउस को तोड़ा गया है जो अवैध रूप से नव निर्माण कर रहे थे। वन विभाग द्वारा चार सौ से ज्यादा अवैध फार्म हाउस की लिस्ट दी गई है। इन सभी को तोड़ा जाएगा। कुछ फार्म हाउस मालिकों ने अदालत में याचिका दायर किए हैं। अदालत में विचाराधीन मामलों के लिए कमिश्नर ने एक कमेटी का गठन किया है जो अदालती मामलों को देखेगी।
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अरावली की पहाड़ी में देश के नामचीन हस्तियों के फार्म हाउस हैं। जिनमें मंत्री से लेकर जज और बड़े-बड़े उद्योगपति शामिल हैं। हकीकत तो यह है कि इन लोगों के फार्म हाउस को तोड़ना तो दूर की बात परिषद और प्रशासन नोटिस तक देने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है।
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एनजीटी द्वारा नगर परिषद और जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी जाती है तो पहाड़ी के नीचे और पहाड़ी के ऊपर कुछ फार्म हाउस की बाउंड्री तोड़ दी जाती है। उसी के आधार पर प्रशासनिक अधिकारी रिपोर्ट भेज देते हैं। इस प्रकरण में बृहस्पतिवार को भी एनजीटी में रिपोर्ट पेश की जानी है। इसी के लिए बुधवार सुबह 10 बजे से फार्म हाउस तोड़ने का अभियान चलाया गया।
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इस अभियान के अंतर्गत सबसे पहले रायसीना गांव में अरावली पहाड़ी के नीचे विकसित किए जा रहे आधा दर्जन फार्म हाउस की बाउंड्रीवाल और इमारतों को ध्वस्त किया । यहां के एक फार्म हाउस पर कार्यरत अलीपुर निवासी इंद्रजीत ने बताया कि परिषद द्वारा बिना नोटिस दिए ही फार्म हाउस को गैर मुमकिन पहाड़ बता कर तोड़ दिया गया है।
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एनजीटी के आदेश के बाद अभियान चलाया
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संदीप मालिक ने जानकारी देते हुए बताया कि एनजीटी के आदेश के बाद तोड़फोड़ अभियान चलाया गया है। इस अभियान के तहत करीब डेढ़ दर्जन उन फार्म हाउस को तोड़ा गया है जो अवैध रूप से नव निर्माण कर रहे थे। वन विभाग द्वारा चार सौ से ज्यादा अवैध फार्म हाउस की लिस्ट दी गई है। इन सभी को तोड़ा जाएगा। कुछ फार्म हाउस मालिकों ने अदालत में याचिका दायर किए हैं। अदालत में विचाराधीन मामलों के लिए कमिश्नर ने एक कमेटी का गठन किया है जो अदालती मामलों को देखेगी।