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पंचायत के बाद पुलिस आयुक्त से मिलने पहुंचे ग्रामीण
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गुरुग्राम। प्रॉपर्टी डीलर रविंद्र यादव के हत्यारों का पुलिस को 20 दिन बाद भी सुराग नहीं मिला है। गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को मानेसर में दोबारा पंचायत का आयोजन किया। इस दौरान पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिस आयुक्त कार्यालय का रुख कर किया। ग्रामीणों ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में धरना दिया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस आयुक्त केके राव ने ग्रामीणों को समझाया। पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकन ने बताया कि हत्यारोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले सप्ताह हुई पंचायत में पहुंचे सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध-1) प्रीत पाल ने उन्हें आरोपियों की एक सप्ताह में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। आश्वासन को 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस की इस ढीली कार्यशैली से खफा होकर सोमवार को दोबारा गांव में पंचायत हुई। ग्रामीणों ने मामले में पुलिस आयुक्त से सीधा संवाद करने का निर्णय लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय का रुख कर लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस आयुक्त ने उन्हें बताया कि हत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए मामला अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया है। पांच टीमें इस पर कार्य कर रही हैं। ग्रामीणों ने पुलिस आयुक्त से 10 दिन में हत्या गुत्थी सुलझाने की मांग की।
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गौरतलब है कि 23 दिसंबर 2020 की रात को मानेसर निवासी रविंद्र यादव अपने प्रॉपर्टी डीलर कार्यालय से मानेसर जाने के लिए गाड़ी से निकले थे लेकिन देर रात तक रविंद्र घर नहीं लौटा। सुबह रविंद्र का गोली लगा शव गांव गाडोली के नजदीक पटौदी रोड पर पड़ा मिला था।
पंचायत के बाद पुलिस आयुक्त से मिलने वालों में सूरत सिंह नंबरदार, डॉ. धर्मेंद्र यादव, सुदेश्आ यादव, अभिमन्यु, पूर्व चेयरमैन ओमप्रकाश, पूर्व पार्षद अजीत, ईश्वर, सुखबीर नंबरदार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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ग्रामीणों ने बताया कि पिछले सप्ताह हुई पंचायत में पहुंचे सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध-1) प्रीत पाल ने उन्हें आरोपियों की एक सप्ताह में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। आश्वासन को 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस की इस ढीली कार्यशैली से खफा होकर सोमवार को दोबारा गांव में पंचायत हुई। ग्रामीणों ने मामले में पुलिस आयुक्त से सीधा संवाद करने का निर्णय लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय का रुख कर लिया।
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ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस आयुक्त ने उन्हें बताया कि हत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए मामला अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया है। पांच टीमें इस पर कार्य कर रही हैं। ग्रामीणों ने पुलिस आयुक्त से 10 दिन में हत्या गुत्थी सुलझाने की मांग की।
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गौरतलब है कि 23 दिसंबर 2020 की रात को मानेसर निवासी रविंद्र यादव अपने प्रॉपर्टी डीलर कार्यालय से मानेसर जाने के लिए गाड़ी से निकले थे लेकिन देर रात तक रविंद्र घर नहीं लौटा। सुबह रविंद्र का गोली लगा शव गांव गाडोली के नजदीक पटौदी रोड पर पड़ा मिला था।
पंचायत के बाद पुलिस आयुक्त से मिलने वालों में सूरत सिंह नंबरदार, डॉ. धर्मेंद्र यादव, सुदेश्आ यादव, अभिमन्यु, पूर्व चेयरमैन ओमप्रकाश, पूर्व पार्षद अजीत, ईश्वर, सुखबीर नंबरदार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।