{"_id":"5beaba35bdec226949007f64","slug":"161542109749-gurgaon-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम के इंजीनियरिंग विंग ने कंक्रीट सड़क बनाने के सीखे गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगम के इंजीनियरिंग विंग ने कंक्रीट सड़क बनाने के सीखे गुर
Updated Tue, 13 Nov 2018 05:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कंक्रीट की सड़क बनाने के गुर सीखे
गुरुग्राम। निर्माण तकनीक व कंक्रीट सड़क के निर्माण की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए मंगलवार को नगर निगम की इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारियों के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में हरियाणा सरकार के तकनीकी सलाहकार विशाल सेठ ने कंक्रीट से बनने वाली सड़कों की निर्माण के दौरान गुणवत्ता निरीक्षण और सावधानियों के बारे में जानकारी दी।
कार्यशाला में बताया गया कि कंक्रीट की सड़क ज्यादा लंबे समय तक चलती है। कहा गया, सड़क में इस्तेमाल होने वाला सीमेंट 3 माह से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही तराई के समय क्यारी बनाकर पानी डालना चाहिए, ताकि लंबे समय तक पानी जमा रहे व तराई सही तरीके से हो। इस मौके पर चीफ इंजीनियर एनडी वशिष्ठ सहित सभी कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।
विज्ञापन
गुरुग्राम। निर्माण तकनीक व कंक्रीट सड़क के निर्माण की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए मंगलवार को नगर निगम की इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारियों के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में हरियाणा सरकार के तकनीकी सलाहकार विशाल सेठ ने कंक्रीट से बनने वाली सड़कों की निर्माण के दौरान गुणवत्ता निरीक्षण और सावधानियों के बारे में जानकारी दी।
कार्यशाला में बताया गया कि कंक्रीट की सड़क ज्यादा लंबे समय तक चलती है। कहा गया, सड़क में इस्तेमाल होने वाला सीमेंट 3 माह से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही तराई के समय क्यारी बनाकर पानी डालना चाहिए, ताकि लंबे समय तक पानी जमा रहे व तराई सही तरीके से हो। इस मौके पर चीफ इंजीनियर एनडी वशिष्ठ सहित सभी कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।
विज्ञापन