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रक्षा बंधन पर बहनों को रोडवेज बसों में खड़ी होकर करना पड़ा सफर
Updated Sun, 26 Aug 2018 07:04 PM IST
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रक्षा बंधन पर बहनों को रोडवेज बसों में खड़े होकर करना पड़ा सफर
-ट्रेनों में भी रही भारी भीड़, धक्का-मुक्की में कटा सफर
-रोडवेज में अतिरिक्त बस चलाने के बाद भी व्यवस्था चरमराई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। भाई-बहन के पावन रिश्ते और उनके स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन बनाने के लिए को बहनों को अपने भाइयों तक पहुंचने के लिए रोडवेज की बसों में खड़े होकर सफर करना पड़ा। रविवार को विभाग की तरफ से बहनों के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा होने के कारण बस अड्डे पर महिला यात्रियों की भारी भीड़ रही, वहीं दूसरी ओर रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की भीड़ थी। ट्रेनों में भी महिलाओं को धक्का-मुक्की के बीच सफर करना पड़ा।
रक्षाबंधन के अवसर पर रोजवेज के बसों के फेरे बढ़ाने के का दावा हवा-हवाई नजर आया। शहर के बस अड्डे पर बसें नदारत रही। यहां जब भी कोई बस आई तो महिलाएं उसमें चढ़ने के लिए टूट पड़ी, बहुत सी महिलाओं का बस में चढ़ने का नंबर नहीं आया। उनको दिन भर बसों में चढने के लिए पसीने बहाने पड़े। इस तरह रक्षाबंधन के दिन उनका रोडवेज में सफर परेशानियों में कटा। पूरा दिन बसें ठूंस-ठूंस कर भरी जा रही थी। ऐसे में बहनें अपने भाई तक पहुुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। रोडवेज विभाग ने छत्तरपुर, काले खां, धौला कुआं और आनंद विहार के लिए 65 अतिरिक्त सिटी बसों को चलाया था। बाकी सभी रूटों पर रूटिन के समय पर बसों को चलाया गया। वहीं पानीपत, सोनीपत, चंड़ीगढ जाने वाले यात्रियों को घंटो तक बसों का इंतजार करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर निजी बस चालकों ने जमकर चांदी कूटी। कई महिलाएं रोडवेज समझकर निजी बसों में बैठ गई। जिस कारण उनको उन बसों में टिकट लेनी पड़ी। हालांकि टिकट को लेकर उनके बीच कहा-सुनी भी हुई, लेकिन निजी बस वालों ने उनकी एक नहीं सुनी। इस कारण बहुत सी महिलाएं निजी बसों में बैठकर अपने को ठगा हुआ महसूस कर रही थी।
ट्रेनों में लटककर किया सफर
रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ रही। भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं कर रखी थी। गुरुग्राम से गुजरने वाली ट्रेनों में आरक्षित डिब्बों में भी सामान्य टिकट वाले यात्री भरे नजर आए। रेलवे स्टेशन पर सामान्य काउंटरों के साथ ही एटीवीएम से भी टिकट बनाई गई। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर जीआरपी और आरपीएफ भी अलर्ट रही।
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महिलाओं की प्रतिक्रिया...
1.
एक घंटे से रोडवेज की बस का इंतजार कर रही हूं, भाई को राखी बांधने के लिए पानीपत जाना है, लेकिन बस नहीं मिल रही।
-सुमन देवी, यात्री
2.
पिछले दो घंटे से सोनीपत जाने वाली बस का इंतजार कर रही हूं, लेकिन बस नहीं आ रही है।
-सुमित्रा, यात्री
3.
सरकार ने मुफ्त यात्रा तो कर दी, लेकिन बसें नहीं चल रही है, जो भी बस आती है पांव रखने को जगह नहीं होती। भीड़ होने के कारण ज्यादा परेशानी हो रही है।
-मोनिका, यात्री
4.
दिल्ली के लिए काफी बसें चल रही है। सभी में भारी भीड़ है, मेरे पास सामान ज्यादा है, इसलिए परेशानी हो रही है।
-हरीराम, यात्री
बयान....
दिल्ली के लिए अतिरिक्त सिटी बसों को चलाया गया है। बहनों को कोई समस्या नही हो इसके लिए कर्मचारियों को डिपो परिसर में तैनात किया था, जहां भी ज्यादा भीड़ थी वहां बसों को भेजा गया है।
-गौरव अंतिल, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, गुुरुग्राम।
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-ट्रेनों में भी रही भारी भीड़, धक्का-मुक्की में कटा सफर
-रोडवेज में अतिरिक्त बस चलाने के बाद भी व्यवस्था चरमराई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। भाई-बहन के पावन रिश्ते और उनके स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन बनाने के लिए को बहनों को अपने भाइयों तक पहुंचने के लिए रोडवेज की बसों में खड़े होकर सफर करना पड़ा। रविवार को विभाग की तरफ से बहनों के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा होने के कारण बस अड्डे पर महिला यात्रियों की भारी भीड़ रही, वहीं दूसरी ओर रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की भीड़ थी। ट्रेनों में भी महिलाओं को धक्का-मुक्की के बीच सफर करना पड़ा।
रक्षाबंधन के अवसर पर रोजवेज के बसों के फेरे बढ़ाने के का दावा हवा-हवाई नजर आया। शहर के बस अड्डे पर बसें नदारत रही। यहां जब भी कोई बस आई तो महिलाएं उसमें चढ़ने के लिए टूट पड़ी, बहुत सी महिलाओं का बस में चढ़ने का नंबर नहीं आया। उनको दिन भर बसों में चढने के लिए पसीने बहाने पड़े। इस तरह रक्षाबंधन के दिन उनका रोडवेज में सफर परेशानियों में कटा। पूरा दिन बसें ठूंस-ठूंस कर भरी जा रही थी। ऐसे में बहनें अपने भाई तक पहुुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। रोडवेज विभाग ने छत्तरपुर, काले खां, धौला कुआं और आनंद विहार के लिए 65 अतिरिक्त सिटी बसों को चलाया था। बाकी सभी रूटों पर रूटिन के समय पर बसों को चलाया गया। वहीं पानीपत, सोनीपत, चंड़ीगढ जाने वाले यात्रियों को घंटो तक बसों का इंतजार करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर निजी बस चालकों ने जमकर चांदी कूटी। कई महिलाएं रोडवेज समझकर निजी बसों में बैठ गई। जिस कारण उनको उन बसों में टिकट लेनी पड़ी। हालांकि टिकट को लेकर उनके बीच कहा-सुनी भी हुई, लेकिन निजी बस वालों ने उनकी एक नहीं सुनी। इस कारण बहुत सी महिलाएं निजी बसों में बैठकर अपने को ठगा हुआ महसूस कर रही थी।
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ट्रेनों में लटककर किया सफर
रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ रही। भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं कर रखी थी। गुरुग्राम से गुजरने वाली ट्रेनों में आरक्षित डिब्बों में भी सामान्य टिकट वाले यात्री भरे नजर आए। रेलवे स्टेशन पर सामान्य काउंटरों के साथ ही एटीवीएम से भी टिकट बनाई गई। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर जीआरपी और आरपीएफ भी अलर्ट रही।
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महिलाओं की प्रतिक्रिया...
1.
एक घंटे से रोडवेज की बस का इंतजार कर रही हूं, भाई को राखी बांधने के लिए पानीपत जाना है, लेकिन बस नहीं मिल रही।
-सुमन देवी, यात्री
2.
पिछले दो घंटे से सोनीपत जाने वाली बस का इंतजार कर रही हूं, लेकिन बस नहीं आ रही है।
-सुमित्रा, यात्री
3.
सरकार ने मुफ्त यात्रा तो कर दी, लेकिन बसें नहीं चल रही है, जो भी बस आती है पांव रखने को जगह नहीं होती। भीड़ होने के कारण ज्यादा परेशानी हो रही है।
-मोनिका, यात्री
4.
दिल्ली के लिए काफी बसें चल रही है। सभी में भारी भीड़ है, मेरे पास सामान ज्यादा है, इसलिए परेशानी हो रही है।
-हरीराम, यात्री
बयान....
दिल्ली के लिए अतिरिक्त सिटी बसों को चलाया गया है। बहनों को कोई समस्या नही हो इसके लिए कर्मचारियों को डिपो परिसर में तैनात किया था, जहां भी ज्यादा भीड़ थी वहां बसों को भेजा गया है।
-गौरव अंतिल, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, गुुरुग्राम।