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Gurugram News: मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर युवक से 10 लाख ठगे
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मनी लॉन्ड्रिंग का भय दिखाकर दिया वारदात को अंजाम, पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुटी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने एक युवक से करीब दस लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ित को भय दिखाया था कि उसके बैंक खाते का प्रयोग मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग तस्करी में किया गया है। जांच में सहयोग नहीं करने पर सीबीआई द्वारा गिरफ्तार भी किया जा सकता है। आरोपियों ने जांच के बाद पैसे वापस करने के लिए कहा था लेकिन नहीं दिए। शिकायत पर साइबर थाना पूर्व की पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
साउथ सिटी फेज दो निवासी अजय सिंह राठौर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 18 मई को मुंबई कस्टम में अवैध पार्सल के संबंध में फोन आया था। आरोपी ने अपने को फेडेक्स कोरियर कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि पार्सल में अवैध सामान है । पार्सल आपके आधार नंबर से बुक है और कस्टम ने रोक लिया है। पीड़ित ने मना किया तो आरोपी ने पुलिस में शिकायत करने को कहा। इसके बाद आरोपी ने काॅल को इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार कुंडू नामक व्यक्ति के पास ट्रांसफर कर दी। आरोपी ने स्काइप कॉल किया और बताया कि उसका नाम किसी मोहम्मद असलम वानी के साथ मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग तस्करी में शामिल है। आरोपी ने व्हाट्सएप पर कॉल किया, ट्रू कॉलर पर मुंबई क्राइम ब्रांच दिख रहा था। आरोपियों ने 20 मई तक लगातार व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रहने और गोपनीयता बनाए रखने के लिए सीबीआई का पत्र भी भेजा। बाद में आरबीआई का पत्र भेजा और वित्तीय सत्यापन के लिए 84 फीसदी पैसे आरटीजीएस द्वारा बैंक खातों में भेजने को कहा। आरोपी ने कहा कि पैसे ट्रांसफर नहीं करे तो सीबीआई द्वारा पूछताछ के लिए हिरासत या गिरफ्तार भी किया जा सकता। इस पर पीड़ित ने 20 मई करीब दस लाख रुपये खाते में भेज दिए। आरबीआई के पत्र में कहा गया था कि वित्तीय सत्यापन के बाद 30 मिनट के भीतर पैसे वापस कर दिए जाएंगे। पैसे नहीं आए तो पीड़ित ने व्हाट्सएप पर फिर से कॉल किया, आरोपियों ने कहा कि सत्यापन लंबित है और पैसे रात 11 बजे से पहले एक्सिस बैंक वाले खाते में जमा हो जाएंगे। जब पैसे नहीं मिले तो धोखाधड़ी का अहसास हुआ और पुलिस में शिकायत दी।
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अवैध सामान भेजने का डर दिखाकर महिला से 47 हजार रुपये ठगे
गुरुग्राम। फेडेक्स कोरियर से ताइवान अवैध वस्तुएं भेजने पर पुलिस द्वारा गिरफ्तारी का डर दिखाकर साइबर ठगों ने एक महिला से 47 हजार रुपये ठग लिए। साइबर थाना दक्षिण पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
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सिग्नेचर ग्लोबल सोहना निवासी नगमा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 23 जुलाई को एक संदिग्ध नंबर से फोन आया । आरोपी ने बताया कि फेडेक्स एक्सप्रेस से पार्सल ताइवान जा रहा है। पीड़िता ने कहा कि उसने कोई पार्सल नहीं किया है। आरोपी ने कहा कि पार्सल में अवैध चीजें हैं और उसकी आधार आईडी पर बुक है। आरोपी ने शिकायत दर्ज कराने के नाम पर कॉल मुंबई क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कर दी। जांच अधिकारी कल्याण सिंह ने स्काइप से वीडियो कॉल कर स्टेटमेंट लिया। आरोपी ने कहा कि आधार आईडी का उपयोग 5 स्थानों पर मनी लॉन्ड्रिंग के लिए अवैध बैंक खाता खोलने के लिए किया गया है और उसके लिए गैर जमानती वारंट जारी किया जाएगा। यदि सहयोग करती हूं तो क्राइम ब्रांच जांच कर एनओसी देकर आरोप मुक्त कर देगी। फर्जी डीसीपी क्राइम ने कहा कि वित्तीय सत्यापन के लिए आरबीआई के अनुसार पैसे ट्रांसफर करने होंगे। पीड़िता ने 47 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। पैसे वापस नहीं आने पर पुलिस में शिकायत दी।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने एक युवक से करीब दस लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ित को भय दिखाया था कि उसके बैंक खाते का प्रयोग मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग तस्करी में किया गया है। जांच में सहयोग नहीं करने पर सीबीआई द्वारा गिरफ्तार भी किया जा सकता है। आरोपियों ने जांच के बाद पैसे वापस करने के लिए कहा था लेकिन नहीं दिए। शिकायत पर साइबर थाना पूर्व की पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
साउथ सिटी फेज दो निवासी अजय सिंह राठौर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 18 मई को मुंबई कस्टम में अवैध पार्सल के संबंध में फोन आया था। आरोपी ने अपने को फेडेक्स कोरियर कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि पार्सल में अवैध सामान है । पार्सल आपके आधार नंबर से बुक है और कस्टम ने रोक लिया है। पीड़ित ने मना किया तो आरोपी ने पुलिस में शिकायत करने को कहा। इसके बाद आरोपी ने काॅल को इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार कुंडू नामक व्यक्ति के पास ट्रांसफर कर दी। आरोपी ने स्काइप कॉल किया और बताया कि उसका नाम किसी मोहम्मद असलम वानी के साथ मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग तस्करी में शामिल है। आरोपी ने व्हाट्सएप पर कॉल किया, ट्रू कॉलर पर मुंबई क्राइम ब्रांच दिख रहा था। आरोपियों ने 20 मई तक लगातार व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रहने और गोपनीयता बनाए रखने के लिए सीबीआई का पत्र भी भेजा। बाद में आरबीआई का पत्र भेजा और वित्तीय सत्यापन के लिए 84 फीसदी पैसे आरटीजीएस द्वारा बैंक खातों में भेजने को कहा। आरोपी ने कहा कि पैसे ट्रांसफर नहीं करे तो सीबीआई द्वारा पूछताछ के लिए हिरासत या गिरफ्तार भी किया जा सकता। इस पर पीड़ित ने 20 मई करीब दस लाख रुपये खाते में भेज दिए। आरबीआई के पत्र में कहा गया था कि वित्तीय सत्यापन के बाद 30 मिनट के भीतर पैसे वापस कर दिए जाएंगे। पैसे नहीं आए तो पीड़ित ने व्हाट्सएप पर फिर से कॉल किया, आरोपियों ने कहा कि सत्यापन लंबित है और पैसे रात 11 बजे से पहले एक्सिस बैंक वाले खाते में जमा हो जाएंगे। जब पैसे नहीं मिले तो धोखाधड़ी का अहसास हुआ और पुलिस में शिकायत दी।
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अवैध सामान भेजने का डर दिखाकर महिला से 47 हजार रुपये ठगे
गुरुग्राम। फेडेक्स कोरियर से ताइवान अवैध वस्तुएं भेजने पर पुलिस द्वारा गिरफ्तारी का डर दिखाकर साइबर ठगों ने एक महिला से 47 हजार रुपये ठग लिए। साइबर थाना दक्षिण पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
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सिग्नेचर ग्लोबल सोहना निवासी नगमा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 23 जुलाई को एक संदिग्ध नंबर से फोन आया । आरोपी ने बताया कि फेडेक्स एक्सप्रेस से पार्सल ताइवान जा रहा है। पीड़िता ने कहा कि उसने कोई पार्सल नहीं किया है। आरोपी ने कहा कि पार्सल में अवैध चीजें हैं और उसकी आधार आईडी पर बुक है। आरोपी ने शिकायत दर्ज कराने के नाम पर कॉल मुंबई क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कर दी। जांच अधिकारी कल्याण सिंह ने स्काइप से वीडियो कॉल कर स्टेटमेंट लिया। आरोपी ने कहा कि आधार आईडी का उपयोग 5 स्थानों पर मनी लॉन्ड्रिंग के लिए अवैध बैंक खाता खोलने के लिए किया गया है और उसके लिए गैर जमानती वारंट जारी किया जाएगा। यदि सहयोग करती हूं तो क्राइम ब्रांच जांच कर एनओसी देकर आरोप मुक्त कर देगी। फर्जी डीसीपी क्राइम ने कहा कि वित्तीय सत्यापन के लिए आरबीआई के अनुसार पैसे ट्रांसफर करने होंगे। पीड़िता ने 47 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। पैसे वापस नहीं आने पर पुलिस में शिकायत दी।