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जीएसटी से कारोबार की रफ्तार पड़ी धीमी, एक्सपर्ट से ली जा रही मदद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sun, 02 Jul 2017 06:06 PM IST
सार
-बाजार रहा उलझन में, क्या सस्ता और क्या महंगा
-अभी भी सिस्टम अपडेशन में लगे हैं कारोबारी
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GST
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विस्तार
जीएसटी लागू होने केे दूसरे दिन भी औद्योगिक नगरी का कारोबार रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। वीकेंड पर जहां हर बार बाजारों में खरीदारों का मेला लगा रहता था वहीं रविवार को यह काफी सूना रहा। जीएसटी ने व्यापारियों व ग्राहकों के वीकेंड का मजा किरकिरा कर दिया।
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क्या महंगा होगा और क्या सस्ता होगा इसे समझने में ग्राहक-व्यापारी दोनों लगे हुए हैं। जिन व्यापारियों ने अब तक अपना सिस्टम कंप्यूटरीकृत नहीं किया है वह किस तरह ग्राहकों को बिल काटकर दें यह समझ नहीं पा रहे हैं।
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अधिकतर व्यापारी अपने सिस्टम को ऑनलाइन कर जीएसटी के दायरे में लाने में लगे हुए है। इलेक्टॉनिक उत्पाद के कारोबारी सिर्फ दुकान खोल रहे है, जीएसटी को समझ रहे हैं।
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इसके लिए चार्टड एंकाउटेड की मदद ली जा रही है। एक देश एक कर प्रणाली लागू होने के बाद मार्केट से खरीददार अचानक गायब हो गए। ऐसे में अधिकतर कारोबारी का व्यापार मंदा हो गया है, तो कई कारोबारी सर पकड़ कर जीएसटी को किस तरह से व्यापार में शामिल किया जाएगा, उसको सोचने में लगे हुए है।
एक कारोबारी ने बताया कि जीएसटी लागू हो गया है, यह अच्छी बात है। लेकिन अब तक अधिकारियों की समझ से परे है। एक ग्राहक ने बताया कि जो वस्तु पहले 250 रुपये मिलती थी, वह रविवार को भी 250 रुपये में बेची जा रही है, फिर यह महंगा और सस्ता क्या है। वहीं बारिश ने भी रविवार का मजा किरकिरा कर दिया है। अधिकतर लोग घरों में रहकर जीएसटी को समझने की जुगत करने में लगे रहे।
कारोबारियों ने ग्राहकों को थमाए मैनुअल बिल
रविवार को शहर का बाजार असमंजस में नजर आया। जो कारोबारी अपना सामान बेच रहे हैं, वह कंप्यूूटरीकृत बिल के स्थान पर ग्राहकों को मैनुअल बिल थमा रहे र्हैं। व्यापारियों ने बताया कि जब तक जीएसटी को समझ नहीं लेते हैं, तब तक कंप्यूटरीकृत बिल ग्राहको को नहीं दिया जा सकता है। दूसरी तरफ कारोबारियोंा में भय है कि यदि जीएसटी के अंतर्गत बिल नहीं काटेंगे तो उन पर कार्रवाई होगी। कई कारोबारी सीए एवं जीएसटी की समझ रखने वालों के यहां चक्कर काट रहे हैं।
पर्यटन के होटल जुड़े जीएसटी से
शहर में पर्यटन विभाग के राजहंस, गोल्फ क्लब, मैगपाई समेत पांच होटल जीएसटी से जुड़ गए है। इन होटलों में अब जीएसटी का कंप्यूटरीकृत बिल उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। नोडल अधिकारी राजेश जून ने बताया कि एक जुलाई को जीएसटी लागू होने के साथ सिस्टम का अपडेशन कर दिया गया है। अब उपभोक्ताओं को नए तर्ज पर बिल दिए जाने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
जीएसटी को लेकर कारोबारियों को समझा कर जागरूक किया जा रहा है। हालात को सामान्य होने में एक पखवाड़े का लग जाएगा। जीएसटी को लेकर व्यापारी अपना भ्रम दूर करने में लगे हुए है। जीएसटी बहुत अच्छा कदम है। नई व्यवस्था को अपनाने में थोड़ी कठिनाई होती है। -सीए विश्वास कलाल
जीएसटी को समझने के लिए सीए से संपर्क किया जा रहा है। पिछले दो दिनों से व्यापार ठप सा है। ग्राहक क्या सस्ता हुआ है और क्या महंगा हुआ है, सवाल कर रहा है। -अनिल चावला, कारोबारी
कपड़ा बाजार को लेकर व्यापारी वर्ग आशंकित है। जीएकसटी को लेकर एक्सपर्ट से बातचीत की जा रही है। कारोबार को गति पकड ने में एक सप्ताह का समय लग जाएगा। -श्रवण कुमार, कारोबारी