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ईस्टर्न मसाला फैक्ट्री में भीषण आग
अमर उजाला/गाजियाबाद
Updated Tue, 20 Jan 2015 12:10 AM IST
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मेरठ रोड इंडस्ट्रियल एरिया में ईस्टर्न मसाला फैक्ट्री में सोमवार शाम करीब चार बजे भीषण आग लग गई। करीब 40 कर्मचारियों प्रथम मंजिल पर फंस गए।
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उन्हें सीढ़ी के जरिये उतारकर बाहर निकाला गया। करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद 42 फायर टेंडरों की मदद से आग बुझाई जा सकी। आग लगने के कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है।
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जांच की जा रही है। हालांकि फैक्ट्री में देर रात तक आग सुलग रही थी। फिर से आग भड़क न जाए, इसलिए दमकल रात में भी वहां रहेगी। आग से करोड़ों के नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
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लोहिया नगर निवासी तिलकराज सिंघल की मेरठ रोड इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्ट्री है, जिसे उन्होंने किराए पर दिया हुआ है। फैक्ट्री में ईस्टर्न कंपनी के मसाले बनाए जाते हैं और उनकी पैकिंग की जाती है।
तकरीबन 40 लोग फैक्ट्री में कार्य करते हैं, 25 महिलाएं और 15 पुरुष। दो मंजिला फैक्ट्री में ग्राउंड फ्लोर पर गोदाम है। पहली मंजिल पर मसाला बनाया जाता है और दूसरी मंजिल अभी खाली है।
ग्राउंड फ्लोर पर ही कंपनी का ऑफिस भी बना हुआ है। सोमवार की शाम करीब 4 बजे अचानक ग्राउंड फ्लोर पर आग लग गई। पहली मंजिल पर काम कर रहे मजदूराें ने धुआं और लपटें उठती देखी तो चीख पुकार मच गई।
कर्मचारियों ने जान बचाने के लिए ग्राउंड फ्लोर पर सीढ़ियों के रास्ते आने की कोशिश की तो सीढ़ियों तक आग की लपटेें पहुंच गईं। ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद कर्मचारियों ने मजदूराें को ऊपर वापस जाने के लिए कहा।
इसके बाद पहली मंजिल पर सीढ़ी लगाकर बगल के मकान की छत के रास्ते कर्मचारियों को वहां से बाहर निकाला गया। एफएसओ अरुण कुमार ने बताया कि आग बुझा ली गई है।
फिर भी दमकल वहां रातभर रहेगी। आग पहली मंजिल पर नहीं पहुंचने दी गई। पहली मंजिल पर पहुंच जाती आग तो हादसा और बड़ा हो सकता था।
इसलिए जल्द नहीं बुझ पाई आग
जिन डिब्बों में मसाले पैक किए जाते हैं, वह प्लास्टिक के थे, जिनमें लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसके अलावा फैक्ट्री के आसपास पानी की व्यवस्था नहीं दिखी। आग फैक्ट्री केपिछले हिस्से में लगी थी जहां पानी आसानी से नहीं पहुंच पा रहा था। यही वजह रही कि आग जल्द नहीं बुझ पाई।
सीढ़ी के जरिये पार किया जिंदगी और मौत के बीच का सफर
आग की लपटों को ग्राउंड फ्लोर पर धधकता देख पहली मंजिल पर फंसे कर्मचारियों को एक पल तो अपनी जिंदगी ही खतरे में नजर आने लगी। कर्मचारियों ने बताया कि वे जल्द से जल्द फैक्ट्री से बाहर निकलना चाहते थे। इस बीच कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाई और सीढ़ी के जरिये फैक्ट्री में काम करने वाली करीब 25 महिला कर्मचारियों को फैक्ट्री के बगल की छत पर सकुशल पहुंचाया। इस दौरान एक महिला कर्मचारी सीढ़ी से नीचे गिरकर जख्मी भी हो गई।
फैक्ट्री में आग, कर्मचारियों की आंखाें में पानी
भीषण आग से फैक्ट्री मालिक को लाखों रुपये की क्षति तो हुई ही है इसके अलावा वहां काम करने वाले मजदूरों की मेहनत भी जलकर राख हुई। कर्मचारियों ने फैक्ट्री के गोदाम में लगी आग को विकराल रूप धारण करता देख गोदाम के आसपास पड़े सामान को मेहनत मशक्कत कर वहां से हटाया और आग की चपेट में आने से बचाया। खासतौर पर गोदाम में पड़े माल को जलता देख महिला कर्मचारियों की आंखें नम हो गई। उनका कहना था कि गोदाम में लाखों रुपये का मसाला ही नहीं जल रहा, बल्कि उनकी मेहनत भी जल रही है। कई दिनों की मेहनत मशक्क्त के बाद तैयार हुए मसाले को बिक्री के लिए गोदाम में रखा गया था, जो गोदाम से बाहर डिस्पैच होने से पहले आग की भेंट चढ़ गया।
हो सकता था और बड़ा हादसा
कर्मचारियों का कहना था कि अगर आग ग्राउंड फ्लोर से पहली मंजिल पर पहुुुंच जाती तो हादसा और बड़ा हो सकता था। पहली मंजिल पर मसाला बनाने के लिए मशीनें रखी हुई थी। इसके अलावा घरेलू सिलेंडर भी रखे गए थे। जिनमें आग पकड़ने पर बड़ा हादसा हो सकता था। फैक्ट्री के आसपास रिहाइशी इलाका है।