दिल्ली सरकार ने डिस्कॉम को दिए 5 हजार करोड़
दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि तीनों बिजली वितरण कंपनियों का सीएजी ऑडिट जरूरी है। बिना सीएजी ऑडिट बिजली कीमत कम नहीं हो सकती है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में तर्क रखा जाएगा कि क्यों डिस्कॉम्स के खातों की जांच सीएजी से करानी जरूरी है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकारी खर्चे के हिसाब-किताब जांच करने वाली देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीएजी है, इसलिए डिस्कॉम्स के खातों की जांच सीएजी से होनी चाहिए।
सरकार डिस्कॉम्स को 5000 करोड़ रुपये दे चुकी है
दिल्ली सरकार ने डिस्कॉम्स को अभी तक 5000 करोड़ रुपये दे चुकी है। दी गई रकम का सही तरीके से और सही जगह उपयोग हुआ है इसकी जांच जरूरी है।
आम आदमी पार्टी की 49 दिनों की सरकार ने पहली बार बिजली वितरण कंपनी राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) के खातों की जांच सीएजी से कराने के आदेश दिए थे।
सीएजी जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है, क्योंकि मामला अदालत में लंबित है। हालांकि रिपोर्ट लीक हो गई थी जिसमें सामने आया था कि डिस्कॉम्स ने अपना घाटा करीब 8000 करोड़ रुपये बढ़ा कर बताया था।