दबंगों ने पंचायत कर दलितों का किया बहिष्कार, संबंध रखने पर भरना पड़ेगा 21 हजार जुर्माना
- दूध, पानी, आटा पीसने पर लगाई पाबंदी
- संबंध रखा तो भरना पड़ेगा 21 हजार का जुर्माना
- दलित समाज के लोग फैसले से आहत
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गांव सुनारी में दलित परिवार के साथ हुए अत्याचार का मामला बजाय थमने के बढ़ता ही जा रहा है। दबंगों ने एक पंचायत कर दलितों का दूध, पानी बंद करते हुए उनका बहिष्कार करने का ऐलान किया है।
अगर कोई दलितों से संबंध रखता है तो उस पर 21 हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा। दलित समाज के लोग इस फैसले से आहत हैं। पीड़ित समाज के लोगों ने उक्त मामले की शिकायत थाना प्रभारी तावडू व राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह से कर न्याय की फरियाद की है।
पीड़ित हरचंद, बीर सिंह, ओम प्रकाश, सुरेश, गोरधन आदि ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह के दौरे के बाद से दबंग लोगों में गुस्सा भरा हुआ है।
विगत दिवस दबंग लोगों ने गांव में एक बैठक कर दलित परिवार से किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं करने व दूध , पानी बंद करने सहित आटा नहीं पीसने का निर्णय लिया है।
उक्त लोगों ने बताया कि फैसले के बाद से ही दबंग लोगों ने उन्हें दूध देना व अपने घरों से पानी भरने देना बंद कर दिया है। उक्त लोगों ने बताया की पंचायत में दबंगो द्वारा घोषणा की गई कि जो दलितो से सबंध रखेगा उस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इस फरमान से पीड़ित परिवार के लोग डरे हुए हैं।
एक दलित की बेटी की शादी से शुरू हुआ बवाल
पीड़ित ओमप्रकाश ने बताया कि 20 मई को उसके भतीजे गौरी शंकर व देवेन्द्र की शादी होनी है। दबंग लोगों का रवैया इसी तरह रहा तो उन्हें मजबूर होकर गांव से पलायन कर कर अपने बच्चों की शादी करनी पडे़गी।
पीड़ित लोग चाहते हैं कि गांव में सभी प्रेम प्यार से रहें और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। पीड़ित लोगों ने बताया कि थाना प्रभारी से मिलकर वह इस फरमान की जानकारी देकर न्याय की मांग कर चुके हैं।
काबिलेगौर है कि 9 मई को श्रीराम पुत्र मंगल की दो लड़कियों के शादी समारोह के दौरान बारात के पंडाल में घुसकर गांव के कुछ शरारती तत्वों ने शादी में आई महिलाओं के साथ छेड़खानी शुरू कर दी।
जब इसका विरोध किया तो शरारती तत्वों ने बारातियों के साथ मारपीट की। जब मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह को घटना की जानकारी लगी तो, उन्होंने 14 मई को गांव में पहुंच दलित परिवार की पीड़ा सुनी और जिला उपायुक्त व पुलिस कप्तान को दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए थे। आयोग के सदस्य ने दलितों की सुरक्षा के लिए पुलिस कप्तान को गांव में पीसीआर लगाने व खोरी चौकी प्रभारी के तबादले के आदेश दिए थे। लेकिन चौकी प्रभारी का तबादला नहीं हुआ है।
इस तरह की बात उनकी जानकारी में आई थी। जांच करने पर ऐसा कोई मामला नहीं पाया गया है। अगर ऐसा कोई मामला पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।-दीपक गहलावत, पुलिस अधीक्षक
पीड़ित लोग उनसे उक्त मामले को लेकर मिले थे, जिनसे खोरी चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा था। अभी तक शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।- राजेश कुमार, थाना प्रभारी तावड़ूूू
गांव में एक अमन कमेटी बनाने के लिए बैठक हुई थी। दलित समाज के लोगों के लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।- शौकत, सरपंच