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Ghaziabad News: चूल्हा ठंडा पड़ा तो झोला उठा कर गांव कूच करने लगे मजदूर
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साहिबाबाद। ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच चल रहे युद्ध की आंच यहां उद्योगों पर भी पड़ रही है। औद्योगिक क्षेत्र में कच्चे माल का संकट तो खड़ा हुआ ही, गैस की किल्लत के चलते मजदूर अपने गांवों के लिए कूच करने लगे हैं। उद्यमियों का कहना है कि प्रत्येक फैक्टरी में करीब 20 से 25 फीसदी कामगार कम हो गए हैं। इसकी वजह से उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
साहिबाबाद साइट-4 की दो हजार फैक्टरियों में करीब 50 हजार से अधिक मजदूर कार्यरत हैं। गैस न मिलने की वजह से कामगारों के घरों के चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं। उन्हें खाना बनाने की दिक्कत होने लगी, इस वजह से वे एक-एक करके अपने गांव लौटने लगे हैं।
साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मानें तो गत बीस दिनों में करीब सात हजार से अधिक मजदूर पलायन कर चुके हैं। इसकी वजह से उत्पादन में करीब 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। उद्यमियों का कहना है कि कोरोना काल के बाद यह दूसरा मौका है जब मजदूरों का पलायन हो रहा है। जल्द ही सब ठीक नहीं हुआ तो समस्या और गहराएगी।
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साहिबाबाद साइट-4 की दो हजार फैक्टरियों में करीब 50 हजार से अधिक मजदूर कार्यरत हैं। गैस न मिलने की वजह से कामगारों के घरों के चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं। उन्हें खाना बनाने की दिक्कत होने लगी, इस वजह से वे एक-एक करके अपने गांव लौटने लगे हैं।
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साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मानें तो गत बीस दिनों में करीब सात हजार से अधिक मजदूर पलायन कर चुके हैं। इसकी वजह से उत्पादन में करीब 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। उद्यमियों का कहना है कि कोरोना काल के बाद यह दूसरा मौका है जब मजदूरों का पलायन हो रहा है। जल्द ही सब ठीक नहीं हुआ तो समस्या और गहराएगी।
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