{"_id":"64aefc30e9d683510702d2f4","slug":"we-dont-want-compensation-we-need-action-against-nhai-officers-ghaziabad-news-c-30-gbd1013-152662-2023-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: हमें मुआवजा नहीं, एनएचएआई अफसरों पर कार्रवाई चाहिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: हमें मुआवजा नहीं, एनएचएआई अफसरों पर कार्रवाई चाहिए
विज्ञापन
मेरठ/गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर क्राॅसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में मंगलवार सुबह हुए हादसे में घायल धर्मेंद्र यादव ने सांत्वना देने के लिए बुधवार को घर आए राज्यमंत्री दिनेश खटीक से कहा कि 40 मिनट तक वह और उनके परिवार के सात लोग कार में फंसे रहे लेकिन इस दौरान न तो पुलिस आई और न ही एनएचएआई के अधिकारी और कर्मचारी। अगर समय रहते घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो उनकी जान बच सकती है। उन्होंने मंत्री से दो टूक कहा कि उन्हें आर्थिक मदद नहीं चाहिए। मांग रखी कि एनएचएआई के अफसरों पर भी केस दर्ज कराकर कार्रवाई की जाए।
मेरठ के धनपुर निवासी धर्मेंद्र ने हादसे में परिवार के छह लोगों को खोया है। उन्होंने मंत्री को बताया कि आसपास के लोगों ने किसी तरह उन्हें कार से निकाला। शाम तक भी एनएचएआई के अधिकारी मोर्चरी पर नहीं पहुंचे।
धर्मेंद्र के भतीजे प्रियांक व परिवार के अन्य सदस्यों ने मंत्री के सामने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि हादसे की सबसे बड़ी वजह एनएचएआई और आरटीओ की लापरवाही है। जब बस के पहले से 15 बार चालान कट चुके थे तो चालक पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। बस चालक को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
विज्ञापन
हर संभव होगी मदद : मंत्री
राज्य मंत्री निदेश खटीक ने कहा कि वह मेरठ जिलाधिकारी से लेकर लखनऊ में वरिष्ठ अधिकारियों तक से बात करेंगे। अगर परिवार को मुख्यमंत्री से मिलवाने की जरूरत पड़ी तो वह अपने साथ ले जाकर मिलवाएंगे। अफसरों की जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उस पर कार्रवाई होगी।
एक्सप्रेसवे हादसे में बस
का मालिक भी गिरफ्तार
घोर लापरवाही : जो चालक दो बार कर चुका था हादसे, उसे सौंप रखी थी बस
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेवे पर क्राॅसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में मंगलवार सुबह हुए हादसे के मामले में बुधवार को बस मालिक संदीप चौधरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। बस का चालक प्रेम पाल मंगलवार को ही जेल भेज दिया गया था। पुलिस का कहना है कि हादसे के लिए संदीप चौधरी की लापरवाही भी जिम्मेदार रही। उसे मालूम था कि प्रेम पाल पहले दो हादसे कर चुका है, इसके बावजूद उसने उसे बस सौंपी। इतना ही नहीं, छह महीने पहले स्कूल से हटाकर निजी कंपनी में लगा दिए जाने के बाद भी बस से स्कूल का नाम नहीं हटवाया गया था। एसीपी वेव सिटी रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि बस मालिक संदीप चौधरी गौतमबुद्धनगर के सेक्टर चाइ-4 का रहने वाला है। नियमों की ताक पर रखकर उसने प्रेम पाल को बस का चालक रखा। प्रेम पाल बार-बार यातायात के नियम तोड़ रहा था। इसके बावजूद उसे बस से नहीं हटाया। वह मंगलवार को शराब पीकर गलत दिशा में बस चला रहा था।
इसी वजह से दर्दनाक हादसा हुआ जिसमें मेरठ के इंचौली के धनपुर निवासी दो भाइयों के परिवार के तीन मासूम सहित छह लोगों की मौत हो गई। इस मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा 304 के तहत केस दर्ज किया गया था। इसके बाद नोएडा के आरटीओ ने प्रेम पाल का ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कर दिया था। जांच में पता चला कि वह बिहार और अलीगढ़ में सड़क हादसे कर चुका है। इनके केस भी दर्ज हुए थे।
अमर उजाला पड़ताल
डासना से छिजारसी कट तक न एंबुलेंस न पेट्रोलिंग वैन
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों पर बसें रोककर उतारी जा रही सवारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को हुए दर्दनाक हादसे में छह लोगों की मौत के बाद भी जिम्मेदार विभागों के अफसर नहीं जागे। बुधवार को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर डासना स्थित एकेजी कॉलेज से लेकर नोएडा-छिजारसी कट तक 14 किमी. के सफर में न तो एक्सप्रेसवे पर एनएचएआई की कोई एंबुलेंस दिखी और न ही पेट्रोलिंग वैन।
इस बीच में एक्सप्रेसवे और एनएच-9 पर वाहन चालक धड़ल्ले से यातायात नियमों का उल्लंघन कर वाहन दौड़ते दिखे। खास बात यह कि इन्हें रोकने के लिए कोई पुलिसकर्मी नहीं मिला। पुलिसकर्मी केवल डासना में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के दिल्ली व मेरठ की ओर जाने वाले एंट्री प्वाइंट पर प्रतिबंधित वाहनों का जाने से रोकते नजर आए।
दोपहर 12:10 बजे
एकेजी के सामने एक्सप्रेसवे का एंट्री प्वाइंट
डासना में एकेजी कॉलेज के पास दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट (दिल्ली की ओर जाने वाला रास्ता) पर दो पुलिसकर्मी तैनात थे, जो प्रतिबंधित वाहनों को एक्सप्रेसवे पर जाने से रोक रहे थे।
दोपहर 12:20 बजे
एनएच-9 व एक्सप्रेसवे पर लालकुआं कट
एनएच-9 से लाल कुआं की ओर उतरने वाले रास्ते पर कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। इस जगह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर नो पार्किंग होने के बावजूद सात मिनट में पांच रोडवेज बस व एक ईको कार रुकी। जिनसे सवारियां उतरकर डिवाइडर कूदकर सड़क पार करती नजर आईं जबकि, वहां सड़क पार करना प्रतिबंधित है का बोर्ड भी लगा था। इस दौरान वहां पुलिसकर्मी तैनात नहीं थे।
दोपहर 12:35 बजे
एबीईएस कट
एबीईएस कॉलेज के पास दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से बाहर निकलने का एक प्वाइंट है। जहां एनएच-9 से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए यू-टर्न लेकर करीब 50 मीटर उल्टी दिशा में चलकर फिर एक्सप्रेसवे पर टर्न लेकर चढ़ रहे हैं। इस दौरान उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं थी और न ही वहां कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं थे। कुछ दूरी पर बनी एक पुलिस बूथ में ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी बैठे थे।
-
एक्सप्रेसवे पर मोदीनगर-मेरठ जाने वाला रास्ता किया बंद
गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा में मेरठ में कांवडिय़ों की संख्या बढऩे से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की गाजियाबाद से मोदीनगर-मेरठ जाने वाली लेन को बंद कर दिया गया। वहां पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं जो इन वाहनों को हापुड़ की ओर भेज रहे हैं। हालांकि कांवड़ लेने जाने वाले वाहनों को भेजा जा रहा है।
-
एक्सप्रेसवे पर गलत दिशा में दौड़ती नजर आई इनोवा कार
- दर्दनाक हादसे के बाद भी नहीं मान रहे लोग
- पुलिस ने किया दो हजार का चालान, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। दर्दनाक हादसे के बाद भी लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। बुधवार को एक्सप्रेसवे पर गौर ग्रीन के पास एक इनोवा कार दिल्ली की ओर गलत दिशा में तेज रफ्तार में जाती नजर आई। वहां से गुजर रहे किसी व्यक्ति ने उसकी वीडियो बनाकर ट्विटर पर पोस्ट कर दी। कार लखनऊ के किसी अधिकारी की बताई जा रही है।
यातायात पुलिस ने कार का दो हजार रुपये का चालान कर ट्वीट किया है। पुलिस ने उसमें लिखा कि उक्त कार दिल्ली से एक्सप्रेसवे की लाइन में आ रही थी, जो गौर ग्रीन पर कट भूल जाने के कारण आगे चली गई थी। कार गलत दिशा में चलकर जब गौर ग्रीन पर पहुंची तो यातायात पुलिसकर्मियों ने कार रुकवाकर चालान काट दिया।
विज्ञापन
मेरठ के धनपुर निवासी धर्मेंद्र ने हादसे में परिवार के छह लोगों को खोया है। उन्होंने मंत्री को बताया कि आसपास के लोगों ने किसी तरह उन्हें कार से निकाला। शाम तक भी एनएचएआई के अधिकारी मोर्चरी पर नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
धर्मेंद्र के भतीजे प्रियांक व परिवार के अन्य सदस्यों ने मंत्री के सामने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि हादसे की सबसे बड़ी वजह एनएचएआई और आरटीओ की लापरवाही है। जब बस के पहले से 15 बार चालान कट चुके थे तो चालक पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। बस चालक को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
विज्ञापन
हर संभव होगी मदद : मंत्री
राज्य मंत्री निदेश खटीक ने कहा कि वह मेरठ जिलाधिकारी से लेकर लखनऊ में वरिष्ठ अधिकारियों तक से बात करेंगे। अगर परिवार को मुख्यमंत्री से मिलवाने की जरूरत पड़ी तो वह अपने साथ ले जाकर मिलवाएंगे। अफसरों की जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उस पर कार्रवाई होगी।
एक्सप्रेसवे हादसे में बस
का मालिक भी गिरफ्तार
घोर लापरवाही : जो चालक दो बार कर चुका था हादसे, उसे सौंप रखी थी बस
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेवे पर क्राॅसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में मंगलवार सुबह हुए हादसे के मामले में बुधवार को बस मालिक संदीप चौधरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। बस का चालक प्रेम पाल मंगलवार को ही जेल भेज दिया गया था। पुलिस का कहना है कि हादसे के लिए संदीप चौधरी की लापरवाही भी जिम्मेदार रही। उसे मालूम था कि प्रेम पाल पहले दो हादसे कर चुका है, इसके बावजूद उसने उसे बस सौंपी। इतना ही नहीं, छह महीने पहले स्कूल से हटाकर निजी कंपनी में लगा दिए जाने के बाद भी बस से स्कूल का नाम नहीं हटवाया गया था। एसीपी वेव सिटी रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि बस मालिक संदीप चौधरी गौतमबुद्धनगर के सेक्टर चाइ-4 का रहने वाला है। नियमों की ताक पर रखकर उसने प्रेम पाल को बस का चालक रखा। प्रेम पाल बार-बार यातायात के नियम तोड़ रहा था। इसके बावजूद उसे बस से नहीं हटाया। वह मंगलवार को शराब पीकर गलत दिशा में बस चला रहा था।
इसी वजह से दर्दनाक हादसा हुआ जिसमें मेरठ के इंचौली के धनपुर निवासी दो भाइयों के परिवार के तीन मासूम सहित छह लोगों की मौत हो गई। इस मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा 304 के तहत केस दर्ज किया गया था। इसके बाद नोएडा के आरटीओ ने प्रेम पाल का ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कर दिया था। जांच में पता चला कि वह बिहार और अलीगढ़ में सड़क हादसे कर चुका है। इनके केस भी दर्ज हुए थे।
अमर उजाला पड़ताल
डासना से छिजारसी कट तक न एंबुलेंस न पेट्रोलिंग वैन
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों पर बसें रोककर उतारी जा रही सवारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को हुए दर्दनाक हादसे में छह लोगों की मौत के बाद भी जिम्मेदार विभागों के अफसर नहीं जागे। बुधवार को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर डासना स्थित एकेजी कॉलेज से लेकर नोएडा-छिजारसी कट तक 14 किमी. के सफर में न तो एक्सप्रेसवे पर एनएचएआई की कोई एंबुलेंस दिखी और न ही पेट्रोलिंग वैन।
इस बीच में एक्सप्रेसवे और एनएच-9 पर वाहन चालक धड़ल्ले से यातायात नियमों का उल्लंघन कर वाहन दौड़ते दिखे। खास बात यह कि इन्हें रोकने के लिए कोई पुलिसकर्मी नहीं मिला। पुलिसकर्मी केवल डासना में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के दिल्ली व मेरठ की ओर जाने वाले एंट्री प्वाइंट पर प्रतिबंधित वाहनों का जाने से रोकते नजर आए।
दोपहर 12:10 बजे
एकेजी के सामने एक्सप्रेसवे का एंट्री प्वाइंट
डासना में एकेजी कॉलेज के पास दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट (दिल्ली की ओर जाने वाला रास्ता) पर दो पुलिसकर्मी तैनात थे, जो प्रतिबंधित वाहनों को एक्सप्रेसवे पर जाने से रोक रहे थे।
दोपहर 12:20 बजे
एनएच-9 व एक्सप्रेसवे पर लालकुआं कट
एनएच-9 से लाल कुआं की ओर उतरने वाले रास्ते पर कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। इस जगह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर नो पार्किंग होने के बावजूद सात मिनट में पांच रोडवेज बस व एक ईको कार रुकी। जिनसे सवारियां उतरकर डिवाइडर कूदकर सड़क पार करती नजर आईं जबकि, वहां सड़क पार करना प्रतिबंधित है का बोर्ड भी लगा था। इस दौरान वहां पुलिसकर्मी तैनात नहीं थे।
दोपहर 12:35 बजे
एबीईएस कट
एबीईएस कॉलेज के पास दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से बाहर निकलने का एक प्वाइंट है। जहां एनएच-9 से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए यू-टर्न लेकर करीब 50 मीटर उल्टी दिशा में चलकर फिर एक्सप्रेसवे पर टर्न लेकर चढ़ रहे हैं। इस दौरान उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं थी और न ही वहां कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं थे। कुछ दूरी पर बनी एक पुलिस बूथ में ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी बैठे थे।
-
एक्सप्रेसवे पर मोदीनगर-मेरठ जाने वाला रास्ता किया बंद
गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा में मेरठ में कांवडिय़ों की संख्या बढऩे से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की गाजियाबाद से मोदीनगर-मेरठ जाने वाली लेन को बंद कर दिया गया। वहां पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं जो इन वाहनों को हापुड़ की ओर भेज रहे हैं। हालांकि कांवड़ लेने जाने वाले वाहनों को भेजा जा रहा है।
-
एक्सप्रेसवे पर गलत दिशा में दौड़ती नजर आई इनोवा कार
- दर्दनाक हादसे के बाद भी नहीं मान रहे लोग
- पुलिस ने किया दो हजार का चालान, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। दर्दनाक हादसे के बाद भी लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। बुधवार को एक्सप्रेसवे पर गौर ग्रीन के पास एक इनोवा कार दिल्ली की ओर गलत दिशा में तेज रफ्तार में जाती नजर आई। वहां से गुजर रहे किसी व्यक्ति ने उसकी वीडियो बनाकर ट्विटर पर पोस्ट कर दी। कार लखनऊ के किसी अधिकारी की बताई जा रही है।
यातायात पुलिस ने कार का दो हजार रुपये का चालान कर ट्वीट किया है। पुलिस ने उसमें लिखा कि उक्त कार दिल्ली से एक्सप्रेसवे की लाइन में आ रही थी, जो गौर ग्रीन पर कट भूल जाने के कारण आगे चली गई थी। कार गलत दिशा में चलकर जब गौर ग्रीन पर पहुंची तो यातायात पुलिसकर्मियों ने कार रुकवाकर चालान काट दिया।