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किसानों ने वेव सिटी का काम रोका
ब्यूरो/ अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Thu, 27 Oct 2016 01:11 AM IST
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जीडीए वीसी के साथ बैठक करते किसान
- फोटो : अमर उजाला
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जीडीए में हाईटेक सिटी से प्रभावित किसानों, हाईटेक प्रबंधन और जीडीए अधिकारियों के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता में प्रबंधन ने वेव सिटी के किसानों की मांगों पर 15 दिनों में विचार करने का आश्वासन दिया। वार्ता के बाद नायफल गांव लौटे किसानों ने वेव सिटी में निर्माण कार्य रुकवा दिया। उनका कहना है कि मांगें नहीं माने जाने तक कार्य शुरू नहीं होने देंगे।
किसान संघर्ष समिति के बैनर तले बुधवार को जीडीए परिसर में हाईटेक सिटी के अंतर्गत आनेे वाले वेव सिटी और सन सिटी के किसान एक साथ इकट्ठा हुए और धरने पर बैठ गए। दोनों की मांगें भी एक हैं।
त्रिपक्षीय वार्ता में पहले डासना से आए सन सिटी के किसानों को बुलाया गया। जीडीए सचिव रविंद्र गोडबोले ने बताया कि प्रबंधन और किसानों के बीच समझौता नहीं हो सका। प्रबंधन का कहना था कि हाईटेक सिटी में प्रथम चरण में 75 प्रतिशत कार्य पूरे होने पर ही वे किसानों की मांगों पर विचार कर सकते हैं।
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किसान नेता आनंद नागर, वाजिद अली, हामिद अली, सतीश शर्मा, सुनील आदि ने कहा कि 18 गांवों के किसान उस्मानगढी डासना में 24 अप्रैल से धरनारत हैं। अब वे कल से हाईटेक प्रबंधन के काजीपुरा मोड स्थित हाईटेक प्रबंधन के कार्यालय पर धरना देंगे। मांगें नहीं माने जाने तक किसान खेती करते रहेंगे।
जीडीए सचिव ने बताया कि नायफल गांव से आए वेव सिटी से प्रभावित किसानों से हुई त्रिपक्षीय वार्ता में प्रबंधन ने उनकी मांगों पर विचार करने के लिए 15 दिनों का समय मांगा, जिस पर किसान सहमत हो गए।
किसान संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष आनंद चौधरी ने बताया कि वार्ता से लौटे किसानों ने वेव सिटी के सेक्टर एक से छह तक में निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। शुक्रवार को किसानों की महापंचायत बुलाई गई है।
किसान नेता बनारसी दास का कहना था कि इस बार चाहे कुछ भी हो जाए, जब तक किसानों की मांग पूरी नहीं होगी, तब तक किसान यहां कार्य नहीं होने देंगे। किसानों की प्रमुख मांगों में भूमिहीन परिवारों को 120 वर्गमीटर का निशुल्क आवासीय प्लाट देकर निशुल्क रजिस्ट्री कराने, जिन किसानों ने वेव सिटी या सन सिटी को चाहे किसी भी रेट में जमीन दी हो, उन्हें दस प्रतिशत विकसित प्लाट देने, 64.07 प्रतिशत बढा हुआ मुआवजा देने एवं रजिस्ट्री शुल्क भी कंपनी द्वारा देने, सभी प्रभावित गांवों का विकास करने, प्रभावित परिवारों को रोजगार देने, किसानों पर लगाए गए झूठे मुकदमे को वापस लेने आदि शामिल हैं।
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किसान संघर्ष समिति के बैनर तले बुधवार को जीडीए परिसर में हाईटेक सिटी के अंतर्गत आनेे वाले वेव सिटी और सन सिटी के किसान एक साथ इकट्ठा हुए और धरने पर बैठ गए। दोनों की मांगें भी एक हैं।
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त्रिपक्षीय वार्ता में पहले डासना से आए सन सिटी के किसानों को बुलाया गया। जीडीए सचिव रविंद्र गोडबोले ने बताया कि प्रबंधन और किसानों के बीच समझौता नहीं हो सका। प्रबंधन का कहना था कि हाईटेक सिटी में प्रथम चरण में 75 प्रतिशत कार्य पूरे होने पर ही वे किसानों की मांगों पर विचार कर सकते हैं।
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किसान नेता आनंद नागर, वाजिद अली, हामिद अली, सतीश शर्मा, सुनील आदि ने कहा कि 18 गांवों के किसान उस्मानगढी डासना में 24 अप्रैल से धरनारत हैं। अब वे कल से हाईटेक प्रबंधन के काजीपुरा मोड स्थित हाईटेक प्रबंधन के कार्यालय पर धरना देंगे। मांगें नहीं माने जाने तक किसान खेती करते रहेंगे।
जीडीए सचिव ने बताया कि नायफल गांव से आए वेव सिटी से प्रभावित किसानों से हुई त्रिपक्षीय वार्ता में प्रबंधन ने उनकी मांगों पर विचार करने के लिए 15 दिनों का समय मांगा, जिस पर किसान सहमत हो गए।
किसान संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष आनंद चौधरी ने बताया कि वार्ता से लौटे किसानों ने वेव सिटी के सेक्टर एक से छह तक में निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। शुक्रवार को किसानों की महापंचायत बुलाई गई है।
किसान नेता बनारसी दास का कहना था कि इस बार चाहे कुछ भी हो जाए, जब तक किसानों की मांग पूरी नहीं होगी, तब तक किसान यहां कार्य नहीं होने देंगे। किसानों की प्रमुख मांगों में भूमिहीन परिवारों को 120 वर्गमीटर का निशुल्क आवासीय प्लाट देकर निशुल्क रजिस्ट्री कराने, जिन किसानों ने वेव सिटी या सन सिटी को चाहे किसी भी रेट में जमीन दी हो, उन्हें दस प्रतिशत विकसित प्लाट देने, 64.07 प्रतिशत बढा हुआ मुआवजा देने एवं रजिस्ट्री शुल्क भी कंपनी द्वारा देने, सभी प्रभावित गांवों का विकास करने, प्रभावित परिवारों को रोजगार देने, किसानों पर लगाए गए झूठे मुकदमे को वापस लेने आदि शामिल हैं।