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मिडोज विस्टा की निर्माणाधीन बिल्डिंग सील
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Wed, 10 Aug 2016 12:31 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जीडीए ने राजनगर एक्सटेंशन स्थित ग्रुप हाउसिंग सोसायटी मिडोज विस्टा (फेज-2) की 14 मंजिला निर्माणाधीन बिल्डिंग सील कर दी। इससे इस बिल्डिंग में फ्लैट बुक कराने वाले सैकड़ों आवंटियों को झटका लगा है। जीडीए ने बिल्डर पर अवैध निर्माण करने, विकास शुल्क नहीं चुकाने और एनजीटी के मानकों को नहीं मानने के आरोप लगाए हैं।
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जीडीए के प्रवर्तन संख्या एक का दस्ता मंगलवार को मिडोज विस्टा पहुंचा और नोटिस चस्पा कर बिल्डिंग के मेन गेट को सील कर दिया गया। नोटिस में कहा गया है कि बिल्डिंग के टावर-ई, जी एवं एच में अवैध निर्माण किया जा रहा है जो प्राधिकरण के मास्टर प्लान के भू-उपयोग संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन है।
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सील किए जाने के दौरान भवन निर्माण के कार्यों में लगे कर्मियों को बिल्डिंग परिसर से बाहर कर दिया गया। मौके पर बिल्डर नहीं मिला।बिल्डिंग को सील किए जाने के दौरान वहां मौजूद जीडीए के सहायक अभियंता ने कहा कि अवैध निर्माण किए जाने की जानकारी मिलने पर बिल्डर को नोटिस भेजा गया था लेकिन बिल्डर की तरफ से कोई जवाब न मिलने पर यह कार्रवाई की गई।
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उन्होंने बताया कि बिल्डर ने बाह्य विकास शुल्क के मद में बड़ी राशि जीडीए को नहीं चुकाया है। इस संबंध में भी भेजे गए नोटिस का जवाब बिल्डर ने नहीं दिया। उन्होंने बताया कि यह भी पाया गया कि बिल्डर ने भवन निर्माण के दौरान एनजीटी के मानकों का भी उल्लंघन किया है।बता दें कि मिडोज विस्टा का फेज वन तीन साल पहले बन कर तैयार हुआ है।
इसमें 130 फ्लैटों में लोग रह रहे हैं। मिडोज विस्टा का फेज दो अभी निर्माणाधीन है। यह 14 मंजिला बिल्डिंग है और इसमें चार सौ से अधिक फ्लैट हैं। कई फ्लैट काफी पहले बुक हो चुके हैं।
आवंटी परेशान
आवंटियों का कहना है कि यह बिल्डिंग 2010 से बन रही है। 2014 में निर्माण कार्य को रोक दिया गया था, तब आवंटियों ने बिल्डर पर निर्माण कार्य शुरू कराने का दबाव बनाया था। छह माह पहले से निर्माण कार्य फिर शुरू किया गया।
आवंटियों को उम्मीद थी कि जल्द ही उन्हें अपना आशियाना मिल जाएगा लेकिन सील होने से फिर उनकी उम्मीद को धक्का पहुंचा है। आवंटियों का कहना है कि जिस समय अवैध निर्माण शुरू किया गया था उस समय जीडीए कहां था। जीडीए ने यह कार्रवाई करने में देर क्यों की।
बिल्डर से पेनाल्टी वसूलने के बाद सील हटा लिया जाएगा। बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी ताकि आवंटियों को अपने फ्लैट के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
- डीपी सिंह, ओएसडी, जीडीए