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UP: पहाड़ों पर बारिश... बिजनौर बैराज से छोड़ा पानी, गंगा के जल स्तर में बढ़ोतरी से खादर में बेचैनी; वीडियो
Wed, 25 Jun 2025 02:56 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)
अमर उजाला नेटवर्क, गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 25 Jun 2025 02:56 PM IST
सार
पहाड़ों की बारिश से गढ़ खादर में बेचैनी बरकरार है। गंगा के जल स्तर में बढ़ोतरी का क्रम जारी है। निचले जंगल की फसलों में बर्बादी हो रही है।
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गंगा का जलस्तर बढ़ा
- फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
उत्तराखंड के पहाड़ों में झमाझम बारिश और बिजनौर बैराज से पानी छोड़ने का क्रम जारी है। इसके चलते गंगा में उफान बढ़ रहा है। इस कारण बृजघाट खादर इलाके में रहने वाले हजारों परिवारों मैं बेचैनी बढ़ती जा रही है।
मानसून का आगमन हुए बिना ही खादर इलाके में रहने वाले हजारों परिवारों को अभी से ही गंगा नदी में बाढ़ आने की आशंका का डर सताने लगा है। उत्तराखंड के पहाड़ों में पहले ग्लेशियर पिघलने और अब कई दिनों से झमाझम बारिश होने के कारण गंगा के जलस्तर में लगातार इजाफा होता जा रहा है।
पहाड़ों से जुड़े बांधों में पानी की मात्रा बढ़ने से बिजनौर बैराज से हजारों क्यूसेक पानी छोड़ने का कम भी निरंतर चल रहा है। पहाड़ों की बारिश से बृजघाट के खादर क्षेत्र में रहने वाले हजारों परिवारों में अजीब सी बेचैनी बढ़ती जा रही है।
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इन परिवारों को यह डर भी सता रहा है कि मानसून का आगमन होने पर जब हर तरफ झमाझम बारिश का क्रम शुरू हो जाएगा तो उस समय गंगा नदी में उफान बढ़ने से हर साल की तरह फिर से बाढ़ की स्थिति से जूझना पड़ेगा।
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मानसून का आगमन हुए बिना ही खादर इलाके में रहने वाले हजारों परिवारों को अभी से ही गंगा नदी में बाढ़ आने की आशंका का डर सताने लगा है। उत्तराखंड के पहाड़ों में पहले ग्लेशियर पिघलने और अब कई दिनों से झमाझम बारिश होने के कारण गंगा के जलस्तर में लगातार इजाफा होता जा रहा है।
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पहाड़ों से जुड़े बांधों में पानी की मात्रा बढ़ने से बिजनौर बैराज से हजारों क्यूसेक पानी छोड़ने का कम भी निरंतर चल रहा है। पहाड़ों की बारिश से बृजघाट के खादर क्षेत्र में रहने वाले हजारों परिवारों में अजीब सी बेचैनी बढ़ती जा रही है।
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इन परिवारों को यह डर भी सता रहा है कि मानसून का आगमन होने पर जब हर तरफ झमाझम बारिश का क्रम शुरू हो जाएगा तो उस समय गंगा नदी में उफान बढ़ने से हर साल की तरह फिर से बाढ़ की स्थिति से जूझना पड़ेगा।
गा में उफान बढ़ने से फसल बर्बाद
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष इंद्रजीत सोलंकी का कहना है कि पहाड़ों की बारिश और बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा में उफान बढ़ने से खादर क्षेत्र के निचले जंगल में सैकड़ों बीघा फसल में बर्बादी हो रही है।
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष इंद्रजीत सोलंकी का कहना है कि पहाड़ों की बारिश और बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा में उफान बढ़ने से खादर क्षेत्र के निचले जंगल में सैकड़ों बीघा फसल में बर्बादी हो रही है।
197-84 मीटर के निशान पर पहुंचा जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी आबाद आलम का कहना है कि गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का क्रम जारी है। बुधवार की दोपहर को जलस्तर बढ़कर तल से 197-84 मीटर के निशान पर पहुंच चुका है।
केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी आबाद आलम का कहना है कि गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का क्रम जारी है। बुधवार की दोपहर को जलस्तर बढ़कर तल से 197-84 मीटर के निशान पर पहुंच चुका है।