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Ghaziabad News: रोजाना आ रहा दो करोड़ राजस्व, फिर भी निजी पार्किंग के भरोसे परिवहन विभाग

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 03 May 2025 12:38 AM IST
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Two crore revenue is coming in daily, yet the transport department is dependent on private parking
गाजियाबाद। आरटीओ प्रवर्तन की कार्रवाई निजी पार्किंग के भरोसे चल रही है। वाहन स्वामियों से पार्किंग के किराये के नाम पर मनमानी रुपये वसूले जा रहे हैं। जबकि, विभाग को जिले से रोजाना टैक्स के रूप में दो करोड़ से ज्यादा की धनराशि मिलती है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि स्थाई पार्किंग की फाइल प्रशासनिक स्तर पर विचाराधीन है। हालांकि यह फाइल एक दशक में भी धरातल पर नहीं उतर सकी।
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आरटीओ प्रवर्तन के स्तर से माह में 500 से ज्यादा वाहनों को सीज किया जाता है। अभियान के दिनों में यह संख्या बढ़कर दोगुनी या उससे ज्यादा भी हो जाती है। सीज वाहनों को दुहाई, मोहननगर व लालकुआं के पास अस्थायी पार्किंग में खड़ा कराया जाता है। निजी पार्किंग में न तो चहारदीवारी है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम। इसी वजह से जिन वाहनों में माल भरा रहता है, उनमें से सामान चोरी होने की घटनाएं भी होती रहती हैं। यह स्थिति तब है जब निजी पार्किंग संचालक वाहन स्वामियों से 200 से 500 रुपये रोजाना तक किराया वसूलते हैं। इसकी कोई रसीद आदि भी नहीं दी जाती। जलालपुर रोड मुरादनगर निवासी पवन शर्मा ने बताया कि उनका लोडर सीज हो गया था। 10 दिन बाद जुर्माना जमा कराकर वाहन पार्किंग से लेने गए तो संचालक ने पांच हजार रुपये बताए। वाहन से सामान भी चोरी हो गया। इसपर आपत्ति जताई तो पार्किंग संचालक ने धमकाया। इस बारे में आरटीओ प्रवर्तन केडी गौर ने बताया कि पार्किंग के लिए जमीन मुहैया कराने को प्रशासनिक अधिकारियों से पत्राचार चल रहा है। जल्द ही जमीन उपलब्ध होगी।
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आरटीओ केडी गौर ने बताया कि स्थायी पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से प्रवर्तन को कार्रवाई करने में भी दिक्कत आती है। निजी पार्किंग में वाहन खड़ा करने के लिए पर्याप्त जमीन नहीं है। कुछ वाहन ऐसे इन पार्किंग में खड़े हैं, जिनकी कागजी औपचारिकता पूरी नहीं हो सकती। ऐसे में जब तक वाहन को पार्क कराने के लिए जगह नहीं बनती है, तब तक अगली कार्रवाई करना संभव नहीं है।
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