माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद ने राष्ट्र के सजग प्रहरी वीर बंदा बैरागी के 304 वे बलिदान दिवस पर \"आर्य विचार गोष्ठी\" का आयोजन किया। परिषद अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि वीर बंदा बैरागी ने मुगल सल्तनत के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल बजाया और जमींदारी प्रथा व अत्याचारों के विरुद्ध एक नई क्रांति को जन्म दिया था। इनका पूरा नाम बाबा बन्दा सिंह बहादुर था।दिल्ली के होर्डिंग लाइब्रेरी के स्थान पर उनके टुकड़े टुकड़े करके वध किया गया था।उनके 794 साथी पकड़ कर लाये गए और प्रतिदिन 100 सिखों का वध किया जाता रहा,पर उन्होंने इस्लाम स्वीकार नहीं किया।आज की युवा पीढ़ी को अपने देश के महान बलिदानियों का जीवन पढ़ना चाहिए।इस मौके पर प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य, प्रधान शिक्षक सौरभ गुप्ता, सरदार भगत सिंह देओल, प्रकाशवीर शास्त्री,प्रगति गुप्ता,सुदेशवीर आर्य,सूर्यदेव आर्य,ओम सपरा,वीरेन्द्र आहूजा प्रवीन आर्या,वीना वोहरा,किरण सहगल आदि ने विचार रखे।