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Ghaziabad News: ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण पर जिलाधिकारी समेत तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
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वसुंधरा। सेक्टर-15 के ग्रीन बेल्ट में नगर निगम द्वारा लोहे के खोखे रखकर वेंडिंग जोन बनाने के मामले में एनजीटी कोर्ट ने जिलाधिकारी, नगरायुक्त और आवास विकास के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर की तीन सदस्यीय कमेटी जांच करेगी। जिसमें ग्रीन बेल्ट सहित अन्य पहलुओं की जांच कर एनजीटी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। एनजीटी की अगली तारीख 16 जलाई को है।
शिकायतकर्ता अमित किशोर ने बताया कि वर्ष 2022 में वसुंधरा में कई स्थान पर नगर निगम द्वारा ग्रीन बेल्ट व फुटपाथ पर लोहे के खोखे रखकर अतिक्रमण किया गया। इसका तत्कालीन नगरायुक्त और महापौर ने आवंटियों को चाभी सौंपा था। उन्होंने बताया कि जानकारी लेने के लिए कई विभाग को चिट्ठी लिखा, जिलाधिकारी कार्यालय से मिले सभी पत्र में नगर निगम ने यह कहा कि आवंटन डूडा ने किया है। जबकि डूडा ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में यह कहा कि इस तरह की कोई योजना डूडा की नहीं है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद जब नगर निगम ग्रीन बेल्ट खाली नहीं करा पाया तो वर्ष 2022 में एनजीटी कोर्ट का सहारा लिया। इसके बाद नगर निगम ने सभी खोखे को हटवा दिया था। अब तीन सदस्यीय कमेटी इस पूरे मामले की जांच करेगी और यहां ग्रीन बेल्ट होने और ग्रीन बेल्ट को क्यों और किसके सह पर उजाड़ा गया इसकी रिपोर्ट तैयार करेगी।
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शिकायतकर्ता अमित किशोर ने बताया कि वर्ष 2022 में वसुंधरा में कई स्थान पर नगर निगम द्वारा ग्रीन बेल्ट व फुटपाथ पर लोहे के खोखे रखकर अतिक्रमण किया गया। इसका तत्कालीन नगरायुक्त और महापौर ने आवंटियों को चाभी सौंपा था। उन्होंने बताया कि जानकारी लेने के लिए कई विभाग को चिट्ठी लिखा, जिलाधिकारी कार्यालय से मिले सभी पत्र में नगर निगम ने यह कहा कि आवंटन डूडा ने किया है। जबकि डूडा ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में यह कहा कि इस तरह की कोई योजना डूडा की नहीं है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद जब नगर निगम ग्रीन बेल्ट खाली नहीं करा पाया तो वर्ष 2022 में एनजीटी कोर्ट का सहारा लिया। इसके बाद नगर निगम ने सभी खोखे को हटवा दिया था। अब तीन सदस्यीय कमेटी इस पूरे मामले की जांच करेगी और यहां ग्रीन बेल्ट होने और ग्रीन बेल्ट को क्यों और किसके सह पर उजाड़ा गया इसकी रिपोर्ट तैयार करेगी।
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