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Ghaziabad News: छह जगह खोदी सड़क, एक फुट बाद ही निकला पानी
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जेसीबी से खोदी गई बुलंदशहर रोड।
- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। बुलंदशहर रोड पर सड़क धंसने के कारणों की सटीक जानकारी मंगलवार को भी तीन विभागों की टीमें मिलकर नहीं निकाल सकीं। मशीन से सड़क की छह से अधिक स्थानों पर खोदाई की गई। सभी जगहों पर एक फुट खोदने के बाद ही पानी निकाल लाया। सड़क के नीचे पानी कहां से भर रहा है, यह अधिकारियों के लिए चिंता का कारण बना है। 47 करोड़ की लागत से बने बुलंदशहर रोड के जगह-जगह से धंसने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। सड़क की स्थिति देखकर अधिकारियों की माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
बृहस्पतिवार को नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग और जल निगम नगरीय की टीम बुलंदशहर रोड पर पहुंची। टीम ने फिर से सड़क धंसने के कारणों की जानकारी करने का प्रयास किया। पूर्व की तरह बृहस्पतिवार को अधिकारी जहां-जहां से भी सड़क की खोदाई करा रहे थे, वहां एक फुट के बाद ही पानी निकल आता। यह पानी सड़क के नीचे लबालब भरा हुआ मिला। पिछले दिनों भी जब सड़क की खोदाई कराई गई तो प्रथमदृश्टया मामला नगर पालिका की 35 साल पुरानी बंद पड़ी पानी की पाइपलाइन से लीकेज का सामने आया था। जिसके बाद पालिका अधिकारियों ने पुरानी लाइन को बंद भी कराया था, लेकिन इसके बाद भी सड़क के नीचे पानी ही पानी है।
इस कारण हर दिन बुलंदशहर रोड पर सड़क जगह-जगह से धंस रही है, जिसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तीन विभागों के इंजीनियर भी मिलकर इस समस्या का समाधान नहीं निकाल पा रहे हैं।
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कोई ले-आउट न होने से बढ़ी परेशानी
नगर पालिका ने सड़क के दोनों तरफ पानी की पाइप लाइन बिछाई हुई है, लेकिन पालिका के पास कोई ले-आउट नहीं है। जिस कारण पानी की पाइप लाइन सड़क के नीचे कहां-कहां से गुजर रही है, इसकी जानकारी लगाने के चक्कर में जगह-जगह से सड़क को तोड़ना भी पड़ रहा है। वहीं, नई पेयजल लाइन को बंद करना संभव नहीं है। नई पेयजल लाइन को बंद करने से दस से अधिक मोहल्लों में पानी की आपूर्ति बंद हो सकती है। सड़क के नीचे भरे पानी को सुखाने के लिए कम से कम तीन से चार दिन का समय चाहिए। ऐसे में पानी आपूर्ति बंद करना संभव नहीं है।
बरसात को लेकर सता रही चिंता
आने वाले दिनों में बरसात शुरू होगी। जिससे पानी का स्तर बढ़ेगा। ऐसे में सड़क और अधिक धंसकर टूट भी सकती है। जिससे बड़ी सड़क दुर्घटना होने का खतरा भी सता रहा है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को भी छह से अधिक स्थानों पर खोदाई की गई, जहां सड़क के एक फुट नीचे ही पानी निकल आया। नगर पालिका के पास कोई ले-आउट न होने के कारण पानी की पाइप लाइन की सही जानकारी नहीं मिल रही है। अब फिर से पालिका अधिकारियों को सड़क के दोनों तरफ से आ रही पुरानी पेयजल लाइन को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। तीन दिन बाद फिर से मौके पर जाकर देखेंगे, कोई समाधान नहीं निकलता है तो उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर जानकारी देंगे। बेवजह विभाग द्वारा बनवाई गई सड़क को नुकसान पहुंच रहा है। नगर पालिका के जलकल विभाग के सहायक अभियंता विकास कुमार ने बताया कि मौके पर फिर से खोदाई कराकर पुरानी पेयजल लाइन को सभी जगह से बंद करा रहे हैं। पानी कहां से आ रहा है। ये समझ में नहीं आ रहा है।
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हापुड़। बुलंदशहर रोड पर सड़क धंसने के कारणों की सटीक जानकारी मंगलवार को भी तीन विभागों की टीमें मिलकर नहीं निकाल सकीं। मशीन से सड़क की छह से अधिक स्थानों पर खोदाई की गई। सभी जगहों पर एक फुट खोदने के बाद ही पानी निकाल लाया। सड़क के नीचे पानी कहां से भर रहा है, यह अधिकारियों के लिए चिंता का कारण बना है। 47 करोड़ की लागत से बने बुलंदशहर रोड के जगह-जगह से धंसने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। सड़क की स्थिति देखकर अधिकारियों की माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
बृहस्पतिवार को नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग और जल निगम नगरीय की टीम बुलंदशहर रोड पर पहुंची। टीम ने फिर से सड़क धंसने के कारणों की जानकारी करने का प्रयास किया। पूर्व की तरह बृहस्पतिवार को अधिकारी जहां-जहां से भी सड़क की खोदाई करा रहे थे, वहां एक फुट के बाद ही पानी निकल आता। यह पानी सड़क के नीचे लबालब भरा हुआ मिला। पिछले दिनों भी जब सड़क की खोदाई कराई गई तो प्रथमदृश्टया मामला नगर पालिका की 35 साल पुरानी बंद पड़ी पानी की पाइपलाइन से लीकेज का सामने आया था। जिसके बाद पालिका अधिकारियों ने पुरानी लाइन को बंद भी कराया था, लेकिन इसके बाद भी सड़क के नीचे पानी ही पानी है।
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इस कारण हर दिन बुलंदशहर रोड पर सड़क जगह-जगह से धंस रही है, जिसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तीन विभागों के इंजीनियर भी मिलकर इस समस्या का समाधान नहीं निकाल पा रहे हैं।
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कोई ले-आउट न होने से बढ़ी परेशानी
नगर पालिका ने सड़क के दोनों तरफ पानी की पाइप लाइन बिछाई हुई है, लेकिन पालिका के पास कोई ले-आउट नहीं है। जिस कारण पानी की पाइप लाइन सड़क के नीचे कहां-कहां से गुजर रही है, इसकी जानकारी लगाने के चक्कर में जगह-जगह से सड़क को तोड़ना भी पड़ रहा है। वहीं, नई पेयजल लाइन को बंद करना संभव नहीं है। नई पेयजल लाइन को बंद करने से दस से अधिक मोहल्लों में पानी की आपूर्ति बंद हो सकती है। सड़क के नीचे भरे पानी को सुखाने के लिए कम से कम तीन से चार दिन का समय चाहिए। ऐसे में पानी आपूर्ति बंद करना संभव नहीं है।
बरसात को लेकर सता रही चिंता
आने वाले दिनों में बरसात शुरू होगी। जिससे पानी का स्तर बढ़ेगा। ऐसे में सड़क और अधिक धंसकर टूट भी सकती है। जिससे बड़ी सड़क दुर्घटना होने का खतरा भी सता रहा है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को भी छह से अधिक स्थानों पर खोदाई की गई, जहां सड़क के एक फुट नीचे ही पानी निकल आया। नगर पालिका के पास कोई ले-आउट न होने के कारण पानी की पाइप लाइन की सही जानकारी नहीं मिल रही है। अब फिर से पालिका अधिकारियों को सड़क के दोनों तरफ से आ रही पुरानी पेयजल लाइन को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। तीन दिन बाद फिर से मौके पर जाकर देखेंगे, कोई समाधान नहीं निकलता है तो उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर जानकारी देंगे। बेवजह विभाग द्वारा बनवाई गई सड़क को नुकसान पहुंच रहा है। नगर पालिका के जलकल विभाग के सहायक अभियंता विकास कुमार ने बताया कि मौके पर फिर से खोदाई कराकर पुरानी पेयजल लाइन को सभी जगह से बंद करा रहे हैं। पानी कहां से आ रहा है। ये समझ में नहीं आ रहा है।