{"_id":"6ab6e09408bb7e0cfb02b037","slug":"the-property-tax-was-now-a-rent-ofhas-been-imposed-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-985687-2026-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: 200 रुपये संपत्तिकर था, अब थोपा दिया 4720 रुपये किराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: 200 रुपये संपत्तिकर था, अब थोपा दिया 4720 रुपये किराया
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। रमतेराम रोड स्थित रामानुज दयाल मार्केट में व्यापारियों का धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। करीब 200 दुकानदारों का आरोप है कि 2024 तक उनसे प्रति दुकान 200 रुपये संपत्तिकर लिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर पहले 912 रुपये किया गया और फिर उसे किराये में बदलकर 4720 रुपये प्रति माह थोप दिया गया।
व्यापारियों का कहना है कि एक साथ बनी मार्केट में दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। डी-ब्लॉक के दुकानदारों से संपत्तिकर लिया जा रहा है, जबकि बी और सी-ब्लॉक के दुकानदारों से किराया वसूला जा रहा है। किस नियम के तहत यह किया गया, इसको लेकर व्यापारियों ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
धरने को संबोधित करते हुए व्यापारी नेता महेश मित्तल ने कहा कि नगर निगम के अफसर और महापौर कहती हैं कि संपत्तिकर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि हकीकत में 200 रुपये देने वाले दुकानदार पर 912 रुपये कर लगा दिया गया। व्यापारी इससे भी समझौता करने को तैयार हो गए, लेकिन अब 4720 रुपये किराया थोपना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। व्यापारियों ने नगर निगम को 30 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद व्यापारिक संगठनों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन कर व्यवस्था ठप की जाएगी। इस मौके पर हार्दिक गर्ग, अजय गर्ग, देवेंद्र, अरविंद, प्रदीप शर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
उधर, समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को भुनाने में लगी है। सपा नेता अभिषेक गर्ग लगातार दूसरे दिन धरने में पहुंचे। उन्होंने कहा कि शनिवार को महानगर कमेटी व्यापारियों को समर्थन देगी। व्यापारियों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
-इनका कहना है :
हम व्यापारियों से लगातार वार्ता कर रहे हैं। संपत्ति कर लगाने के लिए दो बार बोर्ड बैठक में प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। इसके बाद किराया लगाने का निर्णय लिया गया। समन्वय स्थापित करके समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
-अनिरुद्ध सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम
व्यापारियों का कहना है कि एक साथ बनी मार्केट में दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। डी-ब्लॉक के दुकानदारों से संपत्तिकर लिया जा रहा है, जबकि बी और सी-ब्लॉक के दुकानदारों से किराया वसूला जा रहा है। किस नियम के तहत यह किया गया, इसको लेकर व्यापारियों ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन
धरने को संबोधित करते हुए व्यापारी नेता महेश मित्तल ने कहा कि नगर निगम के अफसर और महापौर कहती हैं कि संपत्तिकर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि हकीकत में 200 रुपये देने वाले दुकानदार पर 912 रुपये कर लगा दिया गया। व्यापारी इससे भी समझौता करने को तैयार हो गए, लेकिन अब 4720 रुपये किराया थोपना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। व्यापारियों ने नगर निगम को 30 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद व्यापारिक संगठनों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन कर व्यवस्था ठप की जाएगी। इस मौके पर हार्दिक गर्ग, अजय गर्ग, देवेंद्र, अरविंद, प्रदीप शर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
उधर, समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को भुनाने में लगी है। सपा नेता अभिषेक गर्ग लगातार दूसरे दिन धरने में पहुंचे। उन्होंने कहा कि शनिवार को महानगर कमेटी व्यापारियों को समर्थन देगी। व्यापारियों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
-इनका कहना है :
हम व्यापारियों से लगातार वार्ता कर रहे हैं। संपत्ति कर लगाने के लिए दो बार बोर्ड बैठक में प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। इसके बाद किराया लगाने का निर्णय लिया गया। समन्वय स्थापित करके समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
-अनिरुद्ध सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम