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Ghaziabad News: पुलिस की लापरवाही से ही भागे थे व्यापारी के हत्यारे
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मुकेश गोयल हत्याकांड : लापरवाही बरतने पर चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित
फोटो खबर
मुकेश की हत्या के मामले में चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
मुरादनगर। पुलिस चौकी के सामने हुई मोबाइल व्यापारी मुकेश गोयल की हत्या के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जांच में साफ हो गया है कि हत्यारे सिर्फ इसलिए आसानी से भाग जाने में कामयाब हुए, क्योंकि चौकी में मौजूद पुलिसवाले गोलियों की आवाज सुनकर भी बाहर नहीं निकले। इस लापरवाही पर पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्रा ने चौकी प्रभारी रेलवे रोड चौकी प्रभारी भुवनेश कुमार, दरोगा शुभम कुमार और सिपाही मोनू को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी चल रही है।
मुकेश गोयल की हत्या 23 मई की सुबह करीब सवा नौ बजे हुई थी। बाइक पर आए दो बदमाशों ने दुकान में घुसकर उनके सिर में दो गोली मारी थीं। बदमाशों ने कुल पांच गोलियां चलाई थीं। तीन दुकान के अंदर और दो दुकान के बाहर हवा में। इतनी गोलियां चलने पर भी रेलवे रोड पुलिस चौकी से कोई पुलिसकर्मी बाहर नहीं निकला था। व्यापारियों का कहना था कि बदमाशों के काफी दूर चले जाने तक भी पुलिसवाले चौकी में ही दुबके रहे। चौकी और मुकेश गोयल की दुकान के बीच सिर्फ 30 कदम का फासला है।
पुलिस की इस लापरवाही पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। उन्होंने चौकी के सामने शव रखकर जाम लगाया था। इस पर पुलिस आयुक्त ने पुलिस पर लगे लापरवाही के आरोपों की जांच कराने के आदेश दिए थे। डीसीपी ग्रामीण जोन रवि कुमार ने एसीपी निमिष पाटिल को मामले की जांच सौंपी थी। एसीपी की रिपोर्ट मिलते ही पुलिस आयुक्त ने कार्रवाई की है। अभी और भी पुलिसवाले नप सकते हैं। ऐसी जानकारी है कि हत्या के बाद चेकिंग के आदेश होने पर भी कई जगह बदमाशों की तलाश नहीं की गई थी।
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धमकी मिल चुकी थी व्यापारी को
मुकेश गोयल के परिवार के लोगों का कहना है कि इस मामले में पुलिस पहले से लापरवाह रही है। मुकेश गोयल को दो महीने पहले जान से मारने की धमकी मिली थी। उन्होंने चौकी पर इसकी जानकारी देकर सुरक्षा की मांग की थी। पुलिस ने धमकी को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों का कहना है कि मुकेश गोयल को आशंका थी कि उनकी हत्या हो सकती है। यह सच हो गई। इस मामले की जांच होनी चाहिए। धमकी को हलके में लेने वाले पुलिसवालों को सजा मिलनी चाहिए।
हत्या के बाद तैनात की पुलिस
मुकेश गोयल चौकी में कहते रहे कि उन्हें सुरक्षा दी जाए लेकिन तब तो पुलिस ने सुना नहीं। उनकी हत्या हो जाने के बाद उनके घर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। ये बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी तैनात रहे। उधर, वारदात का खुलासा न होने से व्यापारियों में गुस्सा बढ़ रहा है। वे ज्ञापन देकर खुलासे की मांग कर चुके हैं।
नाकामी के तीन दिन
23 मई : रेलवे रोड पुलिस चौकी के सामने व्यापारी मुकेश गोयल की हत्या, बदमाश भाग गए, पुलिस पकड़ नहीं पाई।
24 मई : सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों की पहचान हो गई। इसके बावजूद पुलिस उनका कोई सुराग नहीं लगा पाई।
25 मई : पुलिस की दस टीमों ने हत्या के आरपियों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दीं लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल सकी।
हिस्ट्रीशीटर मोनू पर 50 हजार का इनाम
व्यापारी की हत्या में पुलिस को फरार अपराधी पर शक
फोटो खबर
संवाद न्यूज एजेंसी
मुरादनगर। मुरादनगर थाने के टॉप टेन अपराधियों में शामिल हिस्ट्रीशीटर विशाल चौधरी उर्फ मोनू पर इनाम की राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है। वह ऊर्जा निगम के ठेकेदार नवीन भारद्वाज की हत्या में फरार चल रहा है। अब व्यापारी मुकेश गोयल की हत्या में भी पुलिस को उस पर ही शक है। सीसीटीवी फुटेज में उसका चेहरा नजर आने के बाद ही उस पर इनाम की राशि बढ़ाई गई है।
उखलारसी में ठेकेदार नवीन की हत्या एक अप्रैल को हुई थी। इसमें हिस्ट्रीशीटर शेखर चौधरी, ब्रजेश उर्फ हनुमान, विशाल चौधरी उर्फ मोनू और सोनू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वारदात से पहले ही शेखर जेल में बंद है, जबकि ब्रजेश उर्फ हनुमान ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। मोनू को पुलिस पकड़ नहीं सकी। अन्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
54 दिन बाद अब मोनू की तलाश फिर से तेज की गई है। डीसीपी ग्रामीण जोन रवि कुमार ने बताया कि पुलिस कमिश्रर अजय कुमार मिश्रा ने ठेकेदार मोनू पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसकी हिस्ट्रीशीट खोली जा चुकी है। उधर, पुलिस की जांच में आया है कि मुकेश गोयल ने अपना एक मकान बेचा था। इसे कई लोगों ने मिलकर खरीदा था। खरीदारों में मोनू शामिल है। मुकेश गोयल को मकान की राशि में से 15 लाख रुपये कम दिए गए थे। वह इस रकम के लिए तकादा कर रहे थे। मोनू पूरी रकम हड़पना चाहता था। उसने मुकेश गोयल को धमकी दी थी कि अगर रकम मांगी तो हत्या कर देगा। इसके बाद उन्होंने तगादा किया तो उनकी हत्या कर दी गई।
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मुकेश की हत्या के मामले में चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
मुरादनगर। पुलिस चौकी के सामने हुई मोबाइल व्यापारी मुकेश गोयल की हत्या के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जांच में साफ हो गया है कि हत्यारे सिर्फ इसलिए आसानी से भाग जाने में कामयाब हुए, क्योंकि चौकी में मौजूद पुलिसवाले गोलियों की आवाज सुनकर भी बाहर नहीं निकले। इस लापरवाही पर पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्रा ने चौकी प्रभारी रेलवे रोड चौकी प्रभारी भुवनेश कुमार, दरोगा शुभम कुमार और सिपाही मोनू को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी चल रही है।
मुकेश गोयल की हत्या 23 मई की सुबह करीब सवा नौ बजे हुई थी। बाइक पर आए दो बदमाशों ने दुकान में घुसकर उनके सिर में दो गोली मारी थीं। बदमाशों ने कुल पांच गोलियां चलाई थीं। तीन दुकान के अंदर और दो दुकान के बाहर हवा में। इतनी गोलियां चलने पर भी रेलवे रोड पुलिस चौकी से कोई पुलिसकर्मी बाहर नहीं निकला था। व्यापारियों का कहना था कि बदमाशों के काफी दूर चले जाने तक भी पुलिसवाले चौकी में ही दुबके रहे। चौकी और मुकेश गोयल की दुकान के बीच सिर्फ 30 कदम का फासला है।
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पुलिस की इस लापरवाही पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। उन्होंने चौकी के सामने शव रखकर जाम लगाया था। इस पर पुलिस आयुक्त ने पुलिस पर लगे लापरवाही के आरोपों की जांच कराने के आदेश दिए थे। डीसीपी ग्रामीण जोन रवि कुमार ने एसीपी निमिष पाटिल को मामले की जांच सौंपी थी। एसीपी की रिपोर्ट मिलते ही पुलिस आयुक्त ने कार्रवाई की है। अभी और भी पुलिसवाले नप सकते हैं। ऐसी जानकारी है कि हत्या के बाद चेकिंग के आदेश होने पर भी कई जगह बदमाशों की तलाश नहीं की गई थी।
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धमकी मिल चुकी थी व्यापारी को
मुकेश गोयल के परिवार के लोगों का कहना है कि इस मामले में पुलिस पहले से लापरवाह रही है। मुकेश गोयल को दो महीने पहले जान से मारने की धमकी मिली थी। उन्होंने चौकी पर इसकी जानकारी देकर सुरक्षा की मांग की थी। पुलिस ने धमकी को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों का कहना है कि मुकेश गोयल को आशंका थी कि उनकी हत्या हो सकती है। यह सच हो गई। इस मामले की जांच होनी चाहिए। धमकी को हलके में लेने वाले पुलिसवालों को सजा मिलनी चाहिए।
हत्या के बाद तैनात की पुलिस
मुकेश गोयल चौकी में कहते रहे कि उन्हें सुरक्षा दी जाए लेकिन तब तो पुलिस ने सुना नहीं। उनकी हत्या हो जाने के बाद उनके घर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। ये बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी तैनात रहे। उधर, वारदात का खुलासा न होने से व्यापारियों में गुस्सा बढ़ रहा है। वे ज्ञापन देकर खुलासे की मांग कर चुके हैं।
नाकामी के तीन दिन
23 मई : रेलवे रोड पुलिस चौकी के सामने व्यापारी मुकेश गोयल की हत्या, बदमाश भाग गए, पुलिस पकड़ नहीं पाई।
24 मई : सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों की पहचान हो गई। इसके बावजूद पुलिस उनका कोई सुराग नहीं लगा पाई।
25 मई : पुलिस की दस टीमों ने हत्या के आरपियों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दीं लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल सकी।
हिस्ट्रीशीटर मोनू पर 50 हजार का इनाम
व्यापारी की हत्या में पुलिस को फरार अपराधी पर शक
फोटो खबर
संवाद न्यूज एजेंसी
मुरादनगर। मुरादनगर थाने के टॉप टेन अपराधियों में शामिल हिस्ट्रीशीटर विशाल चौधरी उर्फ मोनू पर इनाम की राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है। वह ऊर्जा निगम के ठेकेदार नवीन भारद्वाज की हत्या में फरार चल रहा है। अब व्यापारी मुकेश गोयल की हत्या में भी पुलिस को उस पर ही शक है। सीसीटीवी फुटेज में उसका चेहरा नजर आने के बाद ही उस पर इनाम की राशि बढ़ाई गई है।
उखलारसी में ठेकेदार नवीन की हत्या एक अप्रैल को हुई थी। इसमें हिस्ट्रीशीटर शेखर चौधरी, ब्रजेश उर्फ हनुमान, विशाल चौधरी उर्फ मोनू और सोनू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वारदात से पहले ही शेखर जेल में बंद है, जबकि ब्रजेश उर्फ हनुमान ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। मोनू को पुलिस पकड़ नहीं सकी। अन्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
54 दिन बाद अब मोनू की तलाश फिर से तेज की गई है। डीसीपी ग्रामीण जोन रवि कुमार ने बताया कि पुलिस कमिश्रर अजय कुमार मिश्रा ने ठेकेदार मोनू पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसकी हिस्ट्रीशीट खोली जा चुकी है। उधर, पुलिस की जांच में आया है कि मुकेश गोयल ने अपना एक मकान बेचा था। इसे कई लोगों ने मिलकर खरीदा था। खरीदारों में मोनू शामिल है। मुकेश गोयल को मकान की राशि में से 15 लाख रुपये कम दिए गए थे। वह इस रकम के लिए तकादा कर रहे थे। मोनू पूरी रकम हड़पना चाहता था। उसने मुकेश गोयल को धमकी दी थी कि अगर रकम मांगी तो हत्या कर देगा। इसके बाद उन्होंने तगादा किया तो उनकी हत्या कर दी गई।