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Ghaziabad News: ईवेंट मैनेजर को डिजिटल अरेस्ट कर ट्रांसफर कराए 80 हजार रुपये
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कौशांबी। थानाक्षेत्र के मंदाकनी अपार्टमेंट निवासी ईवेंट मैनेजर नवीन कुमार को डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगों ने 80 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। साइबर ठग ने सीबीआई अधिकारी बनकर उनके नाम से नकली पासपोर्ट व मादक पदार्थ पकड़े जाने का आरोप लगाकर वारदात को अंजाम दिया। घटना पांच फरवरी को हुई और अब बृहस्पतिवार को 14 दिन बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
पीड़ित नवीन कुमार ने बताया कि पांच फरवरी को उनके व्हाट्स एप पर अंजान नंबर से मैसेज आया। उसमें एक कानूनी नोटिस और पुलिस अधिकारी का आईडी कार्ड था। जब उन्होंने मैसेज देखा तुरंत ही उनके नंबर पर वीडियो कॉल आ गई। सामने से बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। ठग ने कहा कि उनके नाम का कोरियर पकड़ा गया है और उसमें तीन नकली पासपोर्ट, 100 ग्राम मादक पदार्थ और चार लैपटॉप मिले हैं। आरोपी ने गिरफ्तार करने की बात कही और कहा कि इससे बचना है तो 25 हजार रुपये तुरंत उनके खाते में ट्रांसफर कर दें और कहा कि कॉल को चलने दें। डर के चलते रुपये भेज दिए और इस तरह ठगों ने उनसे कई बार में 80 हजार रुपये क्यूआर कोड के जरिए बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। कॉल कटने के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत की। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि जिस नंबर से कॉल आई उसे ट्रेस किया जा रहा है। बैंक खातों की जानकारी भी निकाली जा रही है।
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पीड़ित नवीन कुमार ने बताया कि पांच फरवरी को उनके व्हाट्स एप पर अंजान नंबर से मैसेज आया। उसमें एक कानूनी नोटिस और पुलिस अधिकारी का आईडी कार्ड था। जब उन्होंने मैसेज देखा तुरंत ही उनके नंबर पर वीडियो कॉल आ गई। सामने से बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। ठग ने कहा कि उनके नाम का कोरियर पकड़ा गया है और उसमें तीन नकली पासपोर्ट, 100 ग्राम मादक पदार्थ और चार लैपटॉप मिले हैं। आरोपी ने गिरफ्तार करने की बात कही और कहा कि इससे बचना है तो 25 हजार रुपये तुरंत उनके खाते में ट्रांसफर कर दें और कहा कि कॉल को चलने दें। डर के चलते रुपये भेज दिए और इस तरह ठगों ने उनसे कई बार में 80 हजार रुपये क्यूआर कोड के जरिए बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। कॉल कटने के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत की। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि जिस नंबर से कॉल आई उसे ट्रेस किया जा रहा है। बैंक खातों की जानकारी भी निकाली जा रही है।
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