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परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलने पर अभ्यर्थियों का हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Sun, 08 Jan 2017 01:11 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय विद्यालय की टीचर भर्ती परीक्षा (पीजीटी) में शनिवार को देरी से पहुंचने पर कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने केंद्र के बाहर जमकर हंगामा किया।
केंद्रीय विद्यालय में नियुक्ति के लिए शनिवार को सुबह 10 बजे से परीक्षा थी। गाजियाबाद में 700 अभ्यर्थियों का सेंटर संजय नगर स्थित ग्रीन फील्ड स्कूल में था। सुबह 10 बजे कुछ अभ्यर्थियों को जब सेंटर में प्रवेश नहीं करने दिया गया तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
बाद में स्कूल प्रबंधन द्वारा मौके पर पुलिस बुला ली गई और अभ्यर्थियों को शांत कराया गया। परीक्षा देने पहुंची मोदीनगर की अनीता का आरोप है कि वे केंद्र पर समय पर पहुंची थीं लेकिन केंद्र का दरवाजा दस बजने से दो मिनट पहले ही बंद कर दिया गया।
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परीक्षा की वजह से अनीता को अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर केंद्र पर लेकर पहुंचे ज्योति चौधरी ने बताया कि जब वह लोग केंद्र पर पहुंचे तो दरवाजा बंद था और वहां कोई गार्ड भी नहीं था। हंगामे के 20 मिनट बाद गार्ड और विद्यालय प्रबंधन पहुंचे।
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वह दूसरे शहरों से यहां परीक्षा देने आए हैं लेकिन विद्यालय प्रबंधन उनकी मजबूरी नहीं समझ रहा। परीक्षा में शामिल नहीं होने वालों में हापुड़ के दिलशाद, श्वेता, मुरादाबाद के लोकेंद्र विश्वकर्मा और मेरठ की रुचिका शामिल थीं।
दूसरी ओर स्कूल के निदेशक पृथ्वी सिंह का कहना है कि परीक्षा में प्रवेश नहीं देने का फैसला केंद्रीय विद्यालय समिति की ओर से भेजे गए पर्यवेक्षक का था। उन लोगों ने तो केवल जगह के तौर पर अपना स्कूल दिया था, इसके अलावा सारा नियंत्रण केंद्रीय विद्यालय के पर्यवेक्षक का ही था।
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केंद्रीय विद्यालय में नियुक्ति के लिए शनिवार को सुबह 10 बजे से परीक्षा थी। गाजियाबाद में 700 अभ्यर्थियों का सेंटर संजय नगर स्थित ग्रीन फील्ड स्कूल में था। सुबह 10 बजे कुछ अभ्यर्थियों को जब सेंटर में प्रवेश नहीं करने दिया गया तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
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बाद में स्कूल प्रबंधन द्वारा मौके पर पुलिस बुला ली गई और अभ्यर्थियों को शांत कराया गया। परीक्षा देने पहुंची मोदीनगर की अनीता का आरोप है कि वे केंद्र पर समय पर पहुंची थीं लेकिन केंद्र का दरवाजा दस बजने से दो मिनट पहले ही बंद कर दिया गया।
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परीक्षा की वजह से अनीता को अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर केंद्र पर लेकर पहुंचे ज्योति चौधरी ने बताया कि जब वह लोग केंद्र पर पहुंचे तो दरवाजा बंद था और वहां कोई गार्ड भी नहीं था। हंगामे के 20 मिनट बाद गार्ड और विद्यालय प्रबंधन पहुंचे।
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वह दूसरे शहरों से यहां परीक्षा देने आए हैं लेकिन विद्यालय प्रबंधन उनकी मजबूरी नहीं समझ रहा। परीक्षा में शामिल नहीं होने वालों में हापुड़ के दिलशाद, श्वेता, मुरादाबाद के लोकेंद्र विश्वकर्मा और मेरठ की रुचिका शामिल थीं।
दूसरी ओर स्कूल के निदेशक पृथ्वी सिंह का कहना है कि परीक्षा में प्रवेश नहीं देने का फैसला केंद्रीय विद्यालय समिति की ओर से भेजे गए पर्यवेक्षक का था। उन लोगों ने तो केवल जगह के तौर पर अपना स्कूल दिया था, इसके अलावा सारा नियंत्रण केंद्रीय विद्यालय के पर्यवेक्षक का ही था।