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Ghaziabad News: हड़ताल से बिगड़ी शहर की सफाई व्यवस्था

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 07 Feb 2024 03:20 AM IST
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The cleanliness system of the city deteriorated due to the strike.
गाजियाबाद। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर मंगलवार को शहर की सड़कों पर दिखाई दिया। रात से ही जगह-जगह कूड़े-कचरे के ढेर लग गए। लगातार दूसरे दिन 800 से ज्यादा सफाईकर्मियों ने काम का बहिष्कार करते हुए नगर निगम मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। शहर के कई हिस्सों में झाड़ू तक नहीं लगी। कर्मचारियों ने निगम अधिकारियों पर मनमानी के आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। दोपहर करीब दो बजे तक सफाई कर्मी निगम मुख्यालय पर डटे रहे।
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नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक हड़ताली सफाईकर्मियों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला शासन के हाथ में हैं। नगर निगम की तरफ से कर्मचारियों की मांग शासन तक पहुंचा दी गई है। कर्मचारियों ने नगर आयुक्त के सामने ही नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद वह वापस लौट गए। सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राहुल चौहान ने कहा कि छह महीने में कई बार ज्ञापन के जरिये सफाईकर्मियों की मांगों को अधिकारियों तक पहुंचाया जा चुका है लेकिन उनकी मांगों का संज्ञान ही नहीं लिया गया। सफाई कर्मियों स्थायी नहीं किया जा रहा है और ना ही वेतन बढ़ाया जा रहा है। इससे नाराज सफाई कर्मचारी हड़ताल करने के लिए मजबूर हुए हैं।
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10 करोड़ रुपये गबन का आरोप
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि निगम में कार्यरत 2760 बोर्ड प्रस्ताव सफाई कर्मियों और सीएलसी कंपनी में कार्यरत 2400 कर्मियों की नियोक्ता की ओर से देय 10 करोड़ रुपये पीएफ धनराशि का गबन किया गया है। तत्काल इस रकम को कर्मचारियों के पीएफ खाते में जमा कराया जाए। कर्मियों को स्थायी किया जाए। समस्त कार्यवाहक सफाई नायकों को स्थायी सफाई नायक घोषित किया जाए। कूड़े की आय से हो रही आय का 60 प्रतिशत स्वीपर वेलफेयर फंड में जमा कराया जाए।
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महिला कर्मियों का महापौर पर आरोप
हड़ताल के दौरान कुछ महिला सफाई कर्मचारियों ने महापौर सुनीता दयाल पर आरोप लगाया कि सोमवार को निगम कार्यालय में जाते समय उन्होंने महिलाओं पर गलत टिप्पणी करते हुए कहा था कि महिला सफाईकर्मी लिपिस्टिक बिंदी लगाकर आती हैं। सोने की अंगूठी पहनती हैं। मंगलवार को हड़ताल के दौरान सफाई कर्मियों ने महापौर की टिप्पणी को महिला विरोध बताते हुए नाराजगी जाहिर की। महिला कर्मियों का कहना था कि महापौर ने सफाई कर्मियों की समस्या सुनना जरूरी नहीं समझा और यह भी जानने की जरूरत नहीं समझी कि इतनी बड़ी संख्या में सफाई कर्मी मुख्यालय पर क्यों जुटे हैं। एक महिला होकर उन्होंने महिलाओं के सम्मान को चोट पहुंचाई है।

महापौर बोलीं, आरोप बेबुनियाद
महापौर सुनीता दयाल ने महिला सफाई कर्मचारियों के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी सफाई कर्मचारी से उनकी बात नहीं हुई है। सोमवार को वह मुख्यालय पहुंची थीं लेकिन हड़ताली कर्मचारियों से कोई वार्ता नहीं हुई। मंगलवार को कार्यालय गई ही नहीं। कुछ लोग निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए भोलेभाले सफाई कर्मचारियों को भड़काकर मेरी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।


आज और बिगड़ सकते हैं हालात
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 4500 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। अधिकारियों का कहना है कि हड़ताल का आंशिक असर पड़ रहा है। हड़ताल में शामिल ज्यादातर स्वीपर हैं। कचरा उठान की प्रक्रिया जारी है। वहीं, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि बुधवार को दो हजार से ज्यादा सफाई कर्मी हड़ताल में शामिल होंगे। सड़कों पर झाड़ू लगाने से लेकर कचरा उठाने तक के काम का बहिष्कार किया जाएगा।
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